डॉक्टर्स डे में चिकित्सकों को मिला सम्मान, सेवा और समर्पण का लिया संकल्प
अमन श्रीवास्तव
CEO
The ujala times news






राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर मधेपुरा जिले में विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित कर चिकित्सकों को सम्मानित किया गया. इस अवसर पर डॉक्टरों ने अपने अनुभव साझा किए और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और बेहतर ढंग से निभाने का संकल्प लिया. प्रतिष्ठित चिकित्सक मौजूद रहे, जिनमें डा. संतोष प्रकाश, डा. मिथलेश, डा. मनोज, डा. दीपक और डा. यश शर्मा एवं अन्य प्रमुख रूप से शामिल थे. डॉक्टर केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है. खासकर कोविड-19 जैसे कठिन समय में डॉक्टरों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मरीजों की सेवा कर यह साबित किया कि वे समाज के सच्चे योद्धा हैं.
डा. संतोष प्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि डॉक्टर का कार्य केवल इलाज करना ही नहीं, बल्कि मरीजों को मानसिक रूप से मजबूत बनाना भी है. उन्होंने कहा कि आज के दौर में मरीजों को सही सलाह और सहानुभूति देना बेहद जरूरी है. “हम सभी डॉक्टरों को चाहिए कि हम अपने पेशे को सेवा के भाव से निभाएं और मरीजों के साथ मानवीय व्यवहार करें,” उन्होंने कहा.उन्होंने यह भी जोर दिया कि चिकित्सा क्षेत्र में लगातार सीखना और खुद को अपडेट रखना जरूरी है.
डा. मिथलेश ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है.उन्होंने बताया कि मधेपुरा जैसे जिलों में अभी भी लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता, जिसे सुधारने की दिशा में सभी को मिलकर काम करना होगा. “हमारा प्रयास होना चाहिए कि हर जरूरतमंद व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवा पहुंचे,”
डा. मनोज ने जताई चिंता:
डा. मनोज ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आजकल लोगों की जीवनशैली में तेजी से बदलाव हो रहा है, जिसके कारण नई-नई बीमारियां सामने आ रही हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नियमित जांच कराएं और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें. “रोकथाम इलाज से बेहतर है, इसलिए समय रहते सावधानी बरतना जरूरी है,”
डा. दीपक ने दिया संदेश:
डा. दीपक ने कहा कि डॉक्टर और मरीज के बीच विश्वास का संबंध होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब मरीज डॉक्टर पर भरोसा करता है, तभी इलाज का सही असर दिखाई देता है. “हम सभी को चाहिए कि हम अपने पेशे में ईमानदारी और पारदर्शिता बनाए रखें,”
डा. यश शर्मा का विचार:
डा. यश शर्मा ने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से चिकित्सा क्षेत्र में काफी सुधार हुआ है, लेकिन इसके साथ ही मानवीय संवेदना को बनाए रखना भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि “तकनीक हमारी मदद करती है, लेकिन मरीज के साथ संवेदनशील व्यवहार ही असली इलाज है” उन्होंने युवाओं से चिकित्सा क्षेत्र में आने और सेवा भाव से काम करने की अपील की
समाज के लिए संदेश:
डॉक्टरों ने कहा कि वे समाज के हर वर्ग तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास करते रहेंगे. उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे डॉक्टरों का सम्मान करें और उनके निर्देशों का पालन करें.