छात्र आंदोलन की लहर पहुंची मधेपुरा, प्रशासन ने दिखाई सख्ती दो दर्जन से अधिक छात्र नेता लिए गए हिरासत में

छात्र आंदोलन की लहर पहुंची मधेपुरा, प्रशासन ने दिखाई सख्ती
दो दर्जन से अधिक छात्र नेता लिए गए हिरासत में
Aman Srivastava
The ujala times news
CEO&Founder
देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन की गूंज अब मधेपुरा में भी सुनाई देने लगी है. शनिवार की सुबह शहर का प्रमुख इलाका कॉलेज चौक छात्र नेताओं के प्रदर्शन का केंद्र बन गया, जहां छात्रों ने विभिन्न मांगों को लेकर सड़क जाम कर दिया और बंदी का आह्वान किया.अचानक हुए इस प्रदर्शन से आम जनजीवन कुछ समय के लिए प्रभावित हो गया.हालांकि, प्रशासन की त्वरित और सख्त कार्रवाई के कारण स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ गई.
जानकारी के अनुसार, सुबह लगभग 9 बजे विभिन्न छात्र संगठनों से जुड़े छात्र नेता और कार्यकर्ता कॉलेज चौक पर इकट्ठा हुए। देखते ही देखते उन्होंने सड़क पर बैठकर आवागमन को बाधित कर दिया. छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया.इस दौरान कुछ देर के लिए शहर के मुख्य मार्गों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया. मौके पर सदर एसडीएम संतोष कुमार, एएसपी प्रवेंद्र भारती, पुलिस उपाधीक्षक मो. नेसार, यातायात डीएसपी चेतनानंद झा एवं सदर थाना अध्यक्ष विमलेंदु कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचे. पुलिस लाइन से भी करीब चार दर्जन अतिरिक्त जवानों को बुलाया गया, ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
प्रशासन ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और उनसे शांतिपूर्वक जाम हटाने की अपील की लेकिन जब छात्र नेता अपनी मांगों पर अड़े रहे और जाम हटाने से इनकार कर दिया, तब प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई शुरू की पुलिस ने धीरे-धीरे प्रदर्शनकारियों को हटाना शुरू किया और लगभग तीन दर्जन से अधिक छात्र नेताओं को हिरासत में लेकर सदर थाना भेज दिया=
इस कार्रवाई के बाद कुछ ही देर में सड़क जाम समाप्त कर दिया गया और यातायात सामान्य हो गया.प्रशासन की तत्परता के कारण शहर में किसी बड़े अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं हो सकी। हालांकि, इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल जरूर बना रहा, लेकिन पुलिस की सूझबूझ और संयम के कारण स्थिति बिगड़ने नहीं पाई.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छात्र आंदोलन पूरी तरह संगठित तरीके से किया गया था.छात्रों ने पहले से ही रणनीति बनाकर कॉलेज चौक को चुना, ताकि अधिक से अधिक प्रभाव डाला जा सके.हालांकि प्रशासन की मुस्तैदी के कारण उनका यह प्रयास ज्यादा देर तक सफल नहीं हो सका.
प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना था कि वे अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. उनका आरोप था कि सरकार छात्रों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है. छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा.वहीं प्रशासन का कहना है कि किसी भी स्थिति में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.एसडीएम संतोष कुमार ने स्पष्ट कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना सभी का अधिकार है, लेकिन सड़क जाम कर आम लोगों को परेशान करना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में भी इस तरह की गतिविधियां होती हैं, तो प्रशासन सख्ती से निपटेगा.
एएसपी प्रवेंद्र भारती ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी तरह की अफवाहों से बचने की अपील की गई है. उन्होंने कहा कि शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है.
यातायात डीएसपी चेतनानंद झा ने बताया कि जाम के कारण कुछ समय के लिए यातायात बाधित हुआ था, लेकिन पुलिस के प्रयास से उसे जल्द ही सामान्य कर दिया गया। उन्होंने आम लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत प्रशासन को सूचित करें.
लोगों ने यह भी कहा कि छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए, ताकि इस तरह की स्थिति उत्पन्न ही न हो।
इस घटना के बाद शहर में पूरे दिन पुलिस की सक्रियता बनी रही.