मधेपुरा में महिलाओं की सुरक्षा के लिए उतरेंगी ‘पुलिस दीदी’, 26 बाइक-स्कूटी से होगी पेट्रोलिंग
अमन श्रीवास्तव
The ujala times news
CEO

स्कूल-कॉलेज, बाजार और महिलाओं की आवाजाही वाले इलाकों पर रहेगी विशेष नजर, एसपी डॉ. संदीप सिंह ने दिखाई हरी झंडी
जिले में महिलाओं, छात्राओं और बच्चियों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने नई पहल शुरू की है.अब शहर से लेकर विभिन्न थाना क्षेत्रों में ‘पुलिस दीदी’ बाइक और स्कूटी से गश्त करती नजर आएंगी. महिला पुलिसकर्मियों की यह विशेष टीम स्कूल-कॉलेज, बाजार, सार्वजनिक स्थलों और महिलाओं की अधिक आवाजाही वाले संवेदनशील इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग करेगी. शुक्रवार को पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक डॉ. संदीप सिंह ने पुलिस दीदियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. जिले को इस अभियान के तहत 12 बाइक और 14 स्कूटी उपलब्ध कराई गई हैं. इन वाहनों के माध्यम से महिला पुलिसकर्मियों को अपने निर्धारित क्षेत्रों में तेजी से पहुंचने और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने में सुविधा होगी. यह व्यवस्था बिहार पुलिस की ‘अभया ब्रिगेड’ पहल का हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं और छात्राओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है.
स्कूल-कॉलेज के आसपास विशेष निगरानी—-
पुलिस दीदियों की पेट्रोलिंग का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान होंगे. खासकर छात्राओं के आने-जाने और छुट्टी के समय इन इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाएगी. छात्राओं को रास्ते में छेड़खानी, अभद्र व्यवहार या किसी अन्य तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए पुलिस की मौजूदगी लगातार बनी रहेगी.पुलिस दीदियां केवल संस्थानों के मुख्य द्वार तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि आसपास के रास्तों, चौक-चौराहों, बाजारों और ऐसे स्थानों पर भी गश्त करेंगी जहां छात्राओं और महिलाओं की आवाजाही अधिक होती है. बिहार पुलिस की अभया ब्रिगेड के तहत स्कूल-कॉलेज के आसपास के संवेदनशील स्थानों और हॉटस्पॉट की पहचान कर नियमित पेट्रोलिंग पर जोर दिया जा रहा है.
बाजार और सार्वजनिक स्थान भी रहेंगे निगरानी में—-
महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बाजार, पार्क, बस स्टैंड, सार्वजनिक स्थल और सुनसान रास्तों पर भी पुलिस दीदियों की नजर रहेगी. किसी महिला या छात्रा को परेशानी होने की सूचना मिलने पर टीम संबंधित स्थान पर तेजी से पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करेगी.
इससे महिलाओं को पुलिस तक अपनी शिकायत पहुंचाने में भी आसानी होगी. महिला पुलिसकर्मी होने के कारण छात्राओं और महिलाओं को अपनी समस्याएं खुलकर बताने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है. पुलिस दीदियां स्कूल-कॉलेजों में छात्राओं और शिक्षकों से संवाद कर सुरक्षा संबंधी समस्याओं की जानकारी भी लेंगी.
शिकायत मिलते ही होगी कार्रवाई—-
अभया ब्रिगेड का उद्देश्य केवल गश्त करना नहीं, बल्कि महिलाओं से जुड़े अपराधों की रोकथाम और जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई करना भी है. छेड़खानी, पीछा करने, महिलाओं को परेशान करने या अन्य किसी प्रकार की शिकायत मिलने पर पुलिस दीदियां संबंधित थाना और आपातकालीन सेवा को सूचना देकर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी.पुलिस दीदियों को अपने क्षेत्र के संवेदनशील स्थानों की जानकारी रखने और वहां नियमित रूप से भ्रमण करने की जिम्मेदारी दी गई है. इससे अपराध होने के बाद पुलिस के पहुंचने के बजाय संभावित घटनाओं को पहले ही रोकने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है.