श्रावणी मेला में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस पदाधिकारी व कर्मी सम्मानित

अमन श्रीवास्तव
सीईओ सह संस्थापक
The ujala times news
मधेपुरा के सिंहेश्वर में आयोजित श्रावणी मेला-2026 के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा मेला क्षेत्र में बेहतर पुलिसिंग के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों के सम्मान में समारोह आयोजित किया गया.इस समारोह में कोशी क्षेत्र, सहरसा के पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) डॉ. कुमार आशीष मुख्य रूप से उपस्थित हुए.उक्त कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया.डीआईजी डॉ. कुमार आशीष के पुलिस केंद्र पहुंचने पर पुलिस अधीक्षक डॉ. संदीप सिंह ने उनका सादर स्वागत एवं अभिनंदन किया. इस दौरान उन्हें पौधा, शॉल एवं बाबा सिंहेश्वर मंदिर का स्मृति-चिह्न भेंट किया गया. अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के संदेश के साथ पौधा भेंट कर स्वागत किया. वहीं सिंहेश्वर मंदिर का स्मृति-चिह्न श्रावणी मेला के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए कार्यों और धार्मिक आयोजन से जुड़े महत्व को दर्शाता रहा.वही समारोह में जिलाधिकारी अभिषेक रंजन, पुलिस अधीक्षक डॉ. संदीप सिंह, उप विकास आयुक्त अनिल बसाक , अपर पुलिस अधीक्षक प्रवेंद्र भारती, यातायात डीएसपी चेतनानंद झा,सहित जिले के वरीय पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिसकर्मी मौजूद रहे.श्रावणी मेला के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया. एसपी डॉ संदीप सिंह ने कहा कि किसी भी बड़े धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में पुलिसकर्मियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है. सिंहेश्वर श्रावणी मेला में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन के सामने कई चुनौतियां थीं.मेला अवधि के दौरान भीड़ नियंत्रण, मंदिर परिसर में सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा, महिला एवं बच्चों की सुरक्षा तथा विधि-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं.पुलिसकर्मियों ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए पूरी मुस्तैदी से ड्यूटी की इसी बेहतर कार्य के लिए उन्हें सम्मानित किया गया.अधिकारियों ने सम्मानित कर्मियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि इस तरह का सम्मान पुलिसकर्मियों को भविष्य में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है.कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक डॉ. संदीप सिंह ने भी पुलिस बल के कार्यों की सराहना की उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला जैसे बड़े आयोजनों में पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी काफी बढ़ जाती है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता रहती है. उन्होंने मेला ड्यूटी में तैनात सभी पदाधिकारियों और कर्मियों के समर्पण की सराहना की तथा कहा कि टीम भावना के साथ किए गए प्रयासों के कारण आयोजन को सफलतापूर्वक संचालित करने में मदद मिली.इस अवसर पर पुलिस लाइन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे नए प्रशिक्षु सिपाहियों को भी डीआईजी डॉ कुमार आशीष ने संबोधित किया.उन्होंने प्रशिक्षु सिपाहियों को कर्तव्य के प्रति निष्ठा, अनुशासन, समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि जनता के प्रति जिम्मेदारी और सेवा का संकल्प भी है. पुलिसकर्मियों को हर परिस्थिति में संयम और अनुशासन बनाए रखते हुए कानून के अनुरूप कार्य करना चाहिए.प्रशिक्षु सिपाहियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण अवधि पुलिस सेवा की बुनियाद मजबूत करने का महत्वपूर्ण समय है. इस दौरान जवानों को शारीरिक दक्षता के साथ-साथ कानून, पुलिसिंग की बारीकियों, जनता से व्यवहार और आपात परिस्थितियों से निपटने की क्षमता विकसित करनी चाहिए.उन्होंने जवानों से कहा कि आम लोगों के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार पुलिस की कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है.उन्होंने प्रशिक्षु सिपाहियों को टीम भावना के साथ काम करने तथा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी
साथ ही कहा कि बदलते समय के साथ पुलिसिंग के तरीके भी बदल रहे हैं.ऐसे में तकनीक और आधुनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए अपराध नियंत्रण और जनसुरक्षा को मजबूत करना जरूरी है.समारोह के अंत में अधिकारियों ने सम्मानित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को बधाई दी। वहीं प्रशिक्षु सिपाहियों ने भी वरीय अधिकारियों से मिले दिशा-निर्देशों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस सेवा में पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य करने का संकल्प लिया.