स्वच्छ व सुंदर मधेपुरा के लिए हर संभव करेंगे प्रयास: शांति देवी, भावी मुख्य पार्षद प्रत्याशी
मधेपुरा. मुख्य पार्षद प्रत्याशी शान्ति देवी जी ने बात चीत के दौरान अपने मन की बात रखते हुए कहा की मुख्य पार्षद का चुनाव पांच साल पर होता है, एक बार गलत उम्मीदवार को चुन लिया तो पूरे पांच वर्ष उसे झेलना होगा। यही समय है कि महिलाएं आगे आएं और प्रत्याशियों की पूरी जानकारी लें। बदलाव सिर्फ कहने से नहीं करने से होगा।
पूरे दम ख़म के साथ मुख्य पार्षद पद के लिए अपनी दावेदारी पेश करने वाली शान्ति देवी हर मोहल्ला-हर वार्ड में जनसम्पर्क अभियान को बेहद सटीक अन्दाज़ में अंजाम दे रहीं हैं। वहीं शान्ति देवी के पति सुधीर भगत का नाम मधेपुरा के जाने माने एवं प्रतिष्ठित व्यवसायियों में आता है, जिसकी वजह से स्थानीय मुद्दों को लेकर उनकी सक्रियता और प्रतिबद्धता की चर्चा काफ़ी है।

भाषा की शालीन व सरल अन्दाज़ के लिए जाने जाने वाली शान्ति देवी का कहना है कि जनता ने मौका दिया तो मधेपुरा शहर, बिहार राज्य के सबसे बेहतरीन शहरों की श्रेणी में शामिल हो सके इसका वो हर सम्भव प्रयत्न करेंगी।
20 साल के इतिहास को याद करते हुए व दुःख जताते हुए शांति देवी जी ने नगर परिषद के बदहाल स्थिति पर चर्चा करते हुए कहा, “जो हुआ सो हुआ लेकिन आने वाले पाँच सालों में पक्के नाले की सुनियोजित व्यवस्था हो सके, कूड़े कचरे से पटा शहर साफ सुथरा दिखे, हर गरीब व जरूरतमंदों के लिए सरकार द्वारा बनाए गए आवास योजना में भ्रष्टाचारी व कमिशनखोरी का ख़ात्मा हो, इस सपने को साकार किया जाएगा।”

अनेक वार्ड में बात करने पहुँचे हमारे रिपोर्टर ने जब विभिन्न उम्मीदवारों को लेकर सवाल किया तो 73% लोगों का मानना है की मुख्य पार्षद पद के लिए शांति देवी उनकी पहली पसंद हैं। लोगों की मानें तो प्रबल और सशक्त छवि वाले सुधीर भगत की पत्नी शांति देवी का मुखर एवं ईमानदार व्यक्तित्व, मधेपुरा का भविष्य बदल सकता है।
एक तरफ़ सुधीर भगत अपनी पत्नी के चुनाव प्रचार के लिए मैदान में हैं, तो दूसरी ओर शांति देवी अपनी महिला टीम के साथ जनसम्पर्क अभियान में डटी दीख रही है।

जनसम्पर्क के दौरान मतदाताओं का उत्साह देखने लायक़ हैं। शांति देवी व पति सुधीर भगत को मैदान में देख लोगों की आँखों में नयी उम्मीद की किरण दिख रही है, व दो दशक के बदहाली से निकलने का रास्ता भी नज़र आ रहा है।

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