पुत्र ने सुनाया पिता को बेघर, 35 साल बाद लौटे बड़े भाई की भी मारी पीट

मधेपुरा (बिहार) — मधेपुरा जिले के आलमनगर थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 5 से रिश्तों की मर्यादा को शर्मसार कर देने वाली एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। जिस पिता ने अपने बेटों को गोद में खिलाया, उंगली पकड़कर चलना सिखाया और जीवनसंग्री sacrificed की, आज वही बुजुर्ग पिता अपने ही बेटे के डर से दर-दर भटकने को मजबूर हैं

बुजुर्ग सुबोध सिंह की आंखों में दर्द साफ झलकता है। कांपती आवाज़ में उन्होंने बताया कि उनका बड़ा बेटा रणजीत सिंह करीब 35 साल पहले घर छोड़कर चला गया था। परिवार वर्षों तक उसके लौटने की आस लगाए बैठा रहा
35 साल बाद लौटे बेटे का इंतजार—मारपीट और अपील
जब बड़ा बेटा रणजीत 35 साल बाद वापस घर पहुंचा, तो लगा कि बिछड़ा परिवार फिर से जुड़ जाएगा। लेकिन घर की चौखट पर खुशी नहीं, बल्कि गाली-गलौज, अपमान और मारपीट उसका इंतजार कर रही थी
आरोप है कि छोटा बेटा दयानंद सिंह उर्फ किशोर सिंह ने बड़े भाई के साथ गाली-गलौज की, मारपीट की और घर में घुसने तक नहीं दिया। इतना ही नहीं, अपने ही बुजुर्ग पिता को भी घर से बाहर निकाल दिया

सुबोध सिंह का आरोप है कि दयानंद सिंह बदमाश प्रवृत्ति का व्यक्ति है और आलमनगर थाना में उसके खिलाफ पहले से कई
पिता को भाई के यहां शरण लेनी पड़ी
सुबोध सिंह ने बताया कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि उन्हें अपना ही घर छोड़कर भाई के यहां शरण लेनी पड़ रही है। जिस आंगन में कभी बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, आज उसी घर के दरवाजे पिता के लिए बंद हो चुके हैं
बड़े बेटे रणजीत सिंह ने कहा, “मेरा छोटा भाई हर हद को पार कर गया है। हमारे पिता को जान का भी खतरा है” ।
पुलिस में आवेदन, समाज में खेद
पीड़ित पिता ने आलमनगर थाना में आवेदन देकर सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है । घटना ने इलाके के लोगों को भी भावुक कर दिया है। लोग कह रहे हैं— “अगर एक पिता अपने ही घर में सुरक्षित नहीं है, तो रिश्तों की मर्यादा आखिर बची कहां है”
