मधेपुरा के प्राकृतिक चिकित्सक डॉ. एस. एन. कुमार को 33वें राष्ट्रीय एक्यूप्रेशर-एक्यूपंक्चर सम्मेलन में सम्मान

पटना — मधेपुरा के प्राकृतिक चिकित्सक डॉ. एस. एन. कुमार को स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उनके विशेष योगदान के लिए 33वें राष्ट्रीय एक्यूप्रेशर-एक्यूपंक्चर सम्मेलन में सम्मानित किया गया। यह सम्मेलन पटना स्थित पुराना सचिवालय के अधिवेशन भवन में आयोजित हुआ जिसमें देश के लगभग 16 राज्यों से सैकड़ों विशेषज्ञ और चिकित्सक शामिल थे।
सम्मान के अवसर पर गदगद हुए इलाके के लोग
सम्मान समारोह में मधेपुरा समेत आसपास के क्षेत्रों से आए लोगों में खुशी की लहर देखी गई। आयोजकों ने डॉ. कुमार को मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर श्रद्धांजलि दी। समारोह में गुरुआ के विधायक श्री उपेंद्र प्रसाद, एक्यूप्रेशर महागुरु डॉ. सर्वदेव प्रसाद गुप्त तथा सचिव डॉ. अजय प्रकाश उपस्थित रहे।
प्राकृतिक चिकित्सा और ग्रामीण स्वास्थ्य पर जोर
सम्मेलन में प्राकृतिक चिकित्सा, एक्यूप्रेशर-एक्यूपंक्चर और बदलती जीवनशैली से जुड़ी रोग-समस्याओं के समाधान पर विस्तृत चर्चा हुई। उपस्थित चिकित्सकों ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में व्यावहारिक और सुलभ वैकल्पिक उपचार पद्धतियों का प्रचार-प्रसार स्वस्थ समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
निःशुल्क शिविरों का प्रभाव
आयोजकों ने बताया कि यह सम्मान डॉ. कुमार को उनके द्वारा आयोजित निःशुल्क चिकित्सा शिविरों के सफल आयोजन, प्राकृतिक चिकित्सा को आम जनता तक पहुँचाने और लोगों को वैकल्पिक उपचार के प्रति जागरूक करने के लिए दिया गया। डॉ. कुमार ने अब तक लगभग दो दर्जन से अधिक निःशुल्क शिविर आयोजित किए हैं, जिनमें लीवर, किडनी, जोड़ों के दर्द व अन्य जटिल और क्रोनिक बीमारियों का प्राकृतिक तरीके से उपचार किया गया।
लोकल क्लिनिक और सेवाएँ
डॉ. एस. एन. कुमार मधेपुरा के पश्चिमी बाईपास रोड, न्यू बस स्टैंड के निकट संचालित “श्री जीवन अमृत आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र” के माध्यम से वर्षों से लोगों को उपचार प्रदान कर रहे हैं। केंद्र में एक्यूप्रेशर, एक्यूपंक्चर और अन्य प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों से रोगियों का इलाज किया जाता है।
डॉ. कुमार का संदेश
सम्मान मिलने के बाद डॉ. कुमार ने बताया कि उनका उद्देश्य प्राकृतिक चिकित्सा को हर गांव तक पहुँचाकर लोगों को बिना दुष्प्रभाव के स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि यह मिशन जारी रहेगा और वे अधिक से अधिक निःशुल्क शिविर एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
