सदर अस्पताल की बदल रही तस्वीर, मॉडल अस्पताल में मिलने लगी सर्जरी की सुविधा, रेफरल रेट में भी आई कमी - The Ujala Times News
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सदर अस्पताल की बदल रही तस्वीर, मॉडल अस्पताल में मिलने लगी सर्जरी की सुविधा, रेफरल रेट में भी आई कमी

अमन श्रीवास्तव

संस्थापक सह सीईओ

जिले के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान सदर अस्पताल की तस्वीर अब धीरे-धीरे बदलती नजर आ रही है. कभी छोटी-बड़ी बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को बाहर रेफर किए जाने को लेकर चर्चा में रहने वाला सदर अस्पताल अब मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.मॉडल अस्पताल के रूप में विकसित किए जा रहे सदर अस्पताल में सर्जरी की सुविधा मिलने से मरीजों को काफी राहत मिल रही है.वहीं सदर अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का बेहतर इस्तेमाल होने से रेफरल रेट में भी कमी आने की बात सामने आ रही है.
मॉडल अस्पताल में मरीजों को सामान्य चिकित्सा के साथ-साथ सर्जरी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है. इससे उन मरीजों को विशेष लाभ मिल रहा है, जिन्हें ऑपरेशन के लिए पहले दूसरे बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता था.सदर अस्पताल में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रियता के साथ उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर अधिक से अधिक मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार देने का प्रयास किया जा रहा है.
मरीजों को बाहर जाने की परेशानी से राहत
सदर अस्पताल में सर्जरी की सुविधा उपलब्ध होने से गरीब और जरूरतमंद मरीजों को सबसे अधिक राहत मिली है.विदित हो कि सरकारी अस्पताल में उपचार की सुविधा मिलने से मरीजों के परिजनों पर निजी अस्पतालों का आर्थिक बोझ कम हो रहा है. साथ ही मरीजों को इलाज के लिए पूर्णिया, भागलपुर या पटना जैसे शहरों में जाने की परेशानी भी कम हुई है.
अस्पताल प्रबंधन की कोशिश है कि जिस बीमारी का उपचार सदर अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से संभव है, उसके लिए मरीज को अनावश्यक रूप से बाहर रेफर नहीं किया जाए.हालांकि गंभीर मामलों में आवश्यकतानुसार उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करने की व्यवस्था पहले की तरह जारी है लेकिन सामान्य और अस्पताल में इलाज योग्य मामलों को यहीं उपचार देने पर जोर दिया जा रहा है.
रेफर रेट में आई कमी
सदर अस्पताल की व्यवस्था में हो रहे बदलाव का एक महत्वपूर्ण असर रेफरल व्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है.मालूम हो कि सदर अस्पताल में जांच,उपचार और सर्जरी की सुविधाओं के विस्तार से मरीजों को स्थानीय स्तर पर इलाज मिल रहा है. इससे रेफर किए जाने वाले मरीजों की संख्या में कमी आने की बात कही जा रही है.सदर अस्पताल प्रबंधन कुमार नवनीत चंद्र के अनुसार किसी भी मरीज को रेफर करने से पहले उसकी स्थिति और अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं को ध्यान में रखा जा रहा है. यदि मरीज का इलाज सदर अस्पताल में संभव है तो उसे यहीं बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है.इससे मरीजों का समय और पैसा दोनों बच रहा है.

गुणवत्तापूर्ण इलाज प्राथमिकता : —-डीपीएम
जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम प्रिंस कुमार ने कहा कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है.उन्होंने कहा कि हर संभव कोशिश की जा रही है कि सदर अस्पताल आने वाले मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिले.इसके लिए अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों और स्वास्थ्य सुविधाओं का अधिकतम उपयोग किया जा रहा है.डीपीएम ने कहा कि अस्पताल में सुविधाओं को लगातार बेहतर बनाने का प्रयास चल रहा है.मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो और उन्हें उपचार के लिए अनावश्यक रूप से बाहर नहीं जाना पड़े. इस दिशा में स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रबंधन मिलकर काम कर रहा है.

मॉडल अस्पताल बनने से बढ़ीं उम्मीदें—
सदर अस्पताल को मॉडल अस्पताल के रूप में विकसित किए जाने के बाद लोगों की उम्मीदें भी बढ़ी हैं. आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ अस्पताल में मरीजों को बेहतर वातावरण और उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है.सर्जरी जैसी महत्वपूर्ण सुविधा का स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
मरीजों के लिए अस्पताल में जांच, दवा, चिकित्सकीय परामर्श और उपचार की सुविधाओं को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है. अस्पताल प्रशासन का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक मरीजों को एक ही स्थान पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें.

गरीब मरीजों के लिए बड़ी सुविधा—

सदर अस्पताल में सर्जरी की सुविधा शुरू होने का सबसे बड़ा फायदा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मिल रहा है.निजी अस्पतालों में ऑपरेशन कराने में बड़ी रकम खर्च हो जाती है.ऐसे में सरकारी अस्पताल में उपलब्ध सुविधा इन परिवारों के लिए बड़ी राहत है.
मरीजों के परिजनों का कहना है कि यदि अस्पताल में इसी तरह लगातार सुविधाएं बढ़ती रहीं और डॉक्टर तथा आवश्यक स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध रहे तो बाहर इलाज कराने की जरूरत काफी कम हो सकती है. स्थानीय स्तर पर इलाज मिलने से मरीजों के साथ आने वाले परिजनों को भी रहने, खाने और आने-जाने के अतिरिक्त खर्च से राहत मिलती है.
आगे और बेहतर करने की जरूरत —

हालांकि सदर अस्पताल की व्यवस्था में सुधार के प्रयास दिखाई दे रहे हैं, लेकिन इसे लगातार बनाए रखना बड़ी चुनौती है. सदर अस्पताल में चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, तकनीकी कर्मचारियों, दवाओं और आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता नियमित रहना जरूरी है. सर्जरी की सुविधा का लाभ मरीजों को लगातार मिलता रहे, इसके लिए ऑपरेशन थिएटर और संबंधित सेवाओं का सुचारू संचालन भी महत्वपूर्ण है.
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मरीजों को बेहतर सुविधा देने की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी.अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा.

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