भ्रष्टाचार एवं घुसखोरी के विरुद्ध तथा शिक्षकों की समस्या समाधान को लेकर प्रखंड में 22 अगस्त, 29 अगस्त को जिला में व 05 सितंबर 2026 को प्रमंडल में धरना प्रदर्शन किया जायेगा

शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध शिक्षकों का चिंतन शिविर संपन्न :- बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ
शिक्षकों के शोषण के विरुद्ध संघ का आंदोलन जारी:-प्रदीप कुमार पप्पू।
शिक्षा विभाग में घूसखोरी चरम पर अधिकारी पदाधिकारी व किरानी सब शामिल

शिक्षकों को समस्या से निजात दिलाने के लिए संघ संकल्पित।
शिक्षक एकजुट रहें, संघर्ष जीत दिलायेंगी।
डीईओ एवं बीईओ कार्यालय में एजेंट के माध्यम भी शिक्षकों से किये जाते अवैध राशि की उगाही।
डीईओ एवं बीईओ कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार, घूसखोरी व शिक्षकों के शोषण को लेकर बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ द्वारा वेदव्यास महाविद्यालय मधेपुरा में शिक्षकों का चिंतन शिविर आयोजित की गई।
कार्यक्रम का अध्यक्षता जिला अध्यक्ष भुवन कुमार ने किया। जिसमें जिला,अनुमंडल एवं प्रखंड संघ के सभी संघीय पदाधिकारी व प्रतिनिधि एवं सक्रिय सदस्यों ने भाग लिया।
चिंतन शिविर को संबोधित करते हुए संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू ने कहा कि जिला एवं प्रखंड स्तरीय शिक्षा विभाग के कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार चरम पर है। घूसखोरी के बदौलत गलत काम करने का प्रचलन खुलेआम चल रहा है। जिस कारण सही काम करवाने वाले शिक्षक दिन भर ऑफिस का चक्कर लगाते रहते हैं, परन्तु उसका कार्य समय पर नहीं होता है। जो संघ के लिए चुनौतीपूर्ण कार्य है।
उन्होंने कहा कि विभाग में रिश्वतखोरी का बोलबाला हो चुका है।अधिकारी,पदाधिकारी, किरानी एवं अनुबंध पर काम करने वाले कम्प्यूटर आपरेटर,लेखापाल साथ ही विभाग के जिला व प्रखंड कार्यालय द्वारा चिन्हित दलालों के माध्यम से नियमित शिक्षक, नियोजित शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक, विद्यालय अध्यापक, प्रधान शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक का बड़े पैमाने पर हर कार्यों में अवैध राशि का उगाही कर आर्थिक शोषण किया जाता है।
प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि शिक्षकों का वेतन भुगतान, बकाया वेतन का एरियर भुगतान, प्रोन्नति एवं वेतन संरक्षण के आधार पर वेतन निर्धारण, सेवा पुस्तिका का संधारण कार्य,मातृत्व अवकाश स्वीकृत व उस अवधि का भुगतान करने,चिकित्सा अवकाश स्वीकृति व उस अवधि का भुगतान करने में शिक्षकों से अवैध तरीके से राशि उगाही किया जाता है।
असाधारण अवकाश स्वीकृति कराने, आवश्यकधारी शिक्षिका को शिशु देखभाल अवकाश स्वीकृति कराने हेतु महिनों कार्यालय का दौर लगाना पड़ता है परन्तु मोटी रकम बदौलत गलत तरीके से शिशु देखभाल अवकाश स्वीकृत कर देते हैं।
पप्पू ने कहा कि शिक्षकों को निलंबित करने का भय दिखाकर, निलंबन कार्य स्थल बदलने के नाम पर एवं निलंबन से मुक्त हेतु शिक्षकों से मोटी रकम की उगाही किया जाता है। वहीं निलंबन अवधि का वेतन भुगतान में भी आर्थिक शोषण किया जाता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों से किसी प्रकार के शाॅकाज यथा विद्यालय निरीक्षण ,ऑनलाइन उपस्थिति एवं अन्य शाॅकाज में स्पष्टीकरण के नाम, वेतन रोकने के नाम पर, वेतन चालु करने एवं उस अवधि का वेतन भुगतान करने में बड़े पैमाने पर आर्थिक शोषण किया जाता है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मोटी रकम लेकर वरीय शिक्षक के बदले कनीय शिक्षक को विद्यालय प्रभार दिया जाता है। अवैध राशि लेकर फर्जी प्रमाण पत्र धारी शिक्षक को भी वरीयता कायम कर प्रभारी बनाने का कार्य खुलेआम किया जाता है। मोटी रकम प्राप्त कर विद्यालय के प्रभार मामले में अराजक स्थिति पैदा किया जाता है। अवैध राशि वसूल कर नियम विरुद्ध प्रतिनियोजन किया गया है।
पप्पू ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा विभाग घुसखोरी का प्रकाष्ठा पार कर चुका है।जो शिक्षा जगत के लिए घोर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि कई शिक्षक एवं शिक्षिका भी मोटी रकम देकर गलत लाभ व सुविधा प्राप्त करने के लिए आतुर रहते है। जो व्यक्ति के नैतिक मूल्यों के विपरित कार्य है।
चिंतन शिविर में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जब संघ के पदधारक एवं सदस्य सजग थे,तो ऐसा हालात नहीं था। इस प्रकार खुलेआम हर कार्य में घूसखोरी नहीं था। शिक्षकों का अधिकतर काम सहज एवं सरल तरीके से बिना लेन-देन का हो जाता था।
स्पष्टतौर पर आपसबों के निष्क्रियता के कारण ही शिक्षकों का हरेक स्तर पर आर्थिक, मानसिक व शारीरिक शोषण बड़े पैमाने पर हो रहा है। इसलिए नये सिरे से शिक्षकों के शोषण के विरुद्ध ठोस रणनीति बनाकर संघर्ष करने की आवश्यकता है। इस हेतु सभी शिक्षकों को एकजुट कर गोलबंद करें। शिक्षक भी अपने सुरक्षित सेवा सुविधा प्राप्त करने हेतु संघ में अपना हरेक सहयोग समर्पित कर शामिल हो।
शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं घुसखोरी प्रथा को बंद करने साथ ही शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा। जिसके तहत सभी प्रखंड में 22 अगस्त 2026 एवं 29 अगस्त 2026 को जिला मुख्यालय में तथा 05 सितंबर 2026 को प्रमंडल स्तरीय धरना प्रदर्शन किया जायेगा।
चिंतन शिविर को मुख्यरूप से प्रमंडल उपाध्यक्ष रामविलास कुमार, जिला उपाध्यक्ष नन्द किशोर राम, कुॅजबिहारी सिंह, कोषाध्यक्ष बिनोद राम, कार्यालय सचिव जय कुमार ज्वाला, अनुमंडल अध्यक्ष सामंत सानु, सचिव मिथिलेश भारती,प्रखंड अध्यक्ष भुपेंद्र यादव,अजय आनंद, चन्द्रशेखर चन्दु, सुरेन्द्र कुमार, मुकेश कुमार, अशोक कुमार, प्रखंड सचिव निशांत ठाकुर, अरविंद सिंह, विजय कुमार, सुनील चौरसिया, रविन्द्र कुमार रवि, लालबहादुर यादव,अजय कुमार,मो०सजाबुल,मो०इकबाल, विजय भगत, रीतेश सिन्हा, उमाकांत महतों, रमेश कुमार मेहता, संजीव सिंह, रविन्द्र साह, रंजीत रजक, महिला नेत्री पुष्पा कुमारी,दिलीप पंडित,अमरेन्द्र कुमार,उमेश पासवान,सुभाष कुमार, राजकुमार दास,दिवाकर कुमार,बिगनेश राय,कपिलदेव ऋषिदेव,जिला संघ,अनुमंडल संघ,प्रखंड संघ के सभी संघीय पदाधिकारी व प्रतिनिधि एवं सक्रिय शिक्षकों ने सम्बोधित किया।
भुवन कुमार
जिला अध्यक्ष
बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ मधेपुरा।