कोलकाता रेप-मर्डर केस के विरोध में सदर अस्पताल के डॉक्टर ने किया ओपीडी का बहिस्कर
अमन श्रीवास्तव
द उजाला टाइम्स न्यूज
प्रधान संपादक

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में बीते शुक्रवार (9 अगस्त) को एक सरकारी अस्पताल से महिला ट्रेनी डॉक्टर की लाश मिलने के बाद से ही रेजिडेंट डॉक्टर्स का प्रदर्शन लगातार जारी है. इसका असर सदर अस्पताल के ओपीडी में देखने को मिला डॉक्टरों ने ओपडी का बहिस्कार किया.
घटना के बाद से हम लोग डरे हुए हैं’ डॉक्टर्स
सदर अस्पताल के ओपीडी डॉक्टर्स की ओर से ओपीडी सेवा बहिष्कार का आह्वान किया गया है. कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुई वारदात को लेकर डा खुसबू प्रकाश का कहना है कि सीपीए (CPA) लागू हो. डॉक्टरों को सुरक्षा मिले. मृतक छात्रा के परिवार को मुआवजा मिले. घटना के बाद से हम लोग बहुत डरे हुए हैं.
इमरजेंसी सेवा बहिष्कार पर होगा विचार’
प्रदर्शन के दौरान कहा कि बिहार सरकार और केंद्र सरकार तुरंत निर्णय ले. ओपीडी में दिखाने आ रहे मरीजों को दिक्कत हो रही है हम समझ रहे हैं, लेकिन हम लोग के बारे में भी सोचा जाए. हमारी मांग नहीं मानी गई तो इमरजेंसी सेवा बहिष्कार पर विचार होगा
उधर ओपीडी सेवा ठप है जिसके चलते मरीज और उनके साथ आए परिजनों को परेशानी हो रही है. मरीज के साथ आए परिजनों का कहना है अगर इलाज नहीं होगा तो अब हम लोग धरना देंगे. ओपीडी सेवा ठप रहने से दिक्कत हो रही है. जान जा सकती है. जो घटना हुई है उसमें दोषी पकड़ा गया. सीबीआई जांच शुरू हो गई है फिर क्यों डॉक्टर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं? बहुत दिन के बाद दिखाने के लिए हम लोगों का नंबर आया था. हालांकि डॉक्टर्स सुनने को तैयार नहीं हैं. हालाकि आपातकालीन सेवा पूर्ण रूप से चालू थी.डॉक्टरों ने मरीजों को समझाया की ओपीडी सेवा ठप है. घर चले जाइए
वही बहिष्कार में डा खुशबू से,डा सौरभ, डा यश शर्मा, डॉ संतोष प्रकाश, डा बिनोद मेहता, डा प्रशांत, डा मनोरंजन, डा प्रवीन (आयुष) चिकित्सक एवं अन्य डॉक्टर मौजूद थे.