मधेपुरा:शहर में विकास कार्य के लिए नगर परिषद के अधिकारियों से लेकर प्रतिनिधि है तैयार शहरवासियों का भी साथ देना होगा सुंदर एवं स्वच्छ मधेपुरा बनाने में







प्रधान संपादक अमन श्रीवास्तव की खास रिपोर्ट
घर की सफाई कर सड़कों पर कचरा फैलाते हैं लोग, खुद में लाना होगा बदलाव तभी चमकेगा शहर
ये शहर सिर्फ नगर परिषद का नहीं है, बल्कि यह हमारा और आपका भी शहर है. इसे स्वच्छ एवं स्वस्थ रखना हम सभी की जिम्मेदारी है, लेकिन लोग अपने कर्तव्य को भूल कर, कभी नगर परिषद पर तो कभी जनप्रतिनिधियों पर ठीकरा फोड़कर, कर्तव्य की इतिश्री कर लेते हैं. आम लोग से लेकर खास लोग, यह भूल जाते हैं कि उनके द्वारा फैलाए जा रहे कचरे को उन्हीं की तरह कोई मनुष्य साफ करता है. गली-गली में लोग आलीशान भवन बना रहे हैं, लेकिन सड़क पर सीढ़ी बनाना, पानी बहाना और गंदगी फैलाना अपनी शान समझते हैं. ऐसे में शहर को स्वच्छ, स्वस्थ एवं सुंदर बनाने का सपना सच नहीं हो सकता है. आरोप-प्रत्यारोप का दौर, स्वयं में बदलाव के बिना संभव नहीं है.
- शहर के लोगों को लाना होगा खुद में बदलाव –
स्वच्छ मधेपुरा, स्वस्थ मधेपुरा एवं सुंदर मधेपुरा का नारा भले ही पढ़ने को, देखने को एवं सुनने को मिले, लेकिन जब तक खुद में लोग बदलाव नहीं लायेंगे, तब तक यह नारा कागजों, फ्लेक्सों एवं बैनरों पर ही सुंदर लगेगा. शहर के लोग सफाई के बाद घर के कचरे को छत पर से ही सड़क पर गिरा देते हैं या कचरे को पॉलिथीन में बांधकर सड़क के दूसरे किनारे से घुमा कर दूसरे किनारे कचरा फेंक देते हैं या फिर घर का सारा कचरा उठाकर सड़क किनारे खुले में फेंक कर चले जाते हैं. इन सभी स्थितियों में कचरा सड़कों पर बिखर जाता है. जिसके कारण लोगों को आवागमन में परेशानी होती है.
- सड़क पर फैला कचरा बन गई है मधेपुरा की पहचान –
शहर की सफाई के लिए नगर परिषद द्वारा सुबह कचरा का उठाव किया जाता है. सफाई कर्मी द्वारा मुख्य सड़क एवं वार्ड जमे कचरे को साफ किया जाता है. इसके अलावा सभी वार्डों में घर-घर से कचरा उठाने की व्यवस्था नगर परिषद द्वारा की गई है, लेकिन यह सफाई बहुत देर से की जाती है. तब तक सुबह टहलने वाले लोग इन परेशानियों से रूबरू होकर घर चले जाते हैं. सुबह में टहलना व शारीरिक कार्य करना स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक है, मधेपुरा की सड़कों पर टहलना बीमारी का कारण बन सकती है. साथ ही सफाई के बाद सुबह जो वार्ड से लेकर मुख्य सड़क का नजारा देखने को मिलता है, वह कुछ देर बाद ही गायब हो जाता है. आधा-अधूरा ही सही लेकिन, सफाई के बाद लोगों के मन से अनायास निकल जाता है कि काश, शहर का ऐसा नजारा हमेशा देखने को मिलता रहे, लेकिन कुछ देर बाद ही सड़क पर फैला कचरा मधेपुरा की पहचान बन जाती है.
- शहर से ज्यादा साफ दिखती है गांव की गली-मोहल्लों की सड़कें –
ऐसी बात नहीं है कि सफाई के बाद गंदा फैलाने के लिए नगर परिषद के कर्मी आते हैं. गंदगी उसी समाज के लोग एवं व्यवसाय फैलाते हैं और जब नगर परिषद के कार्यों की चर्चा होती है तो लंबी-चौड़ी बातें कर, कभी नगर परिषद पर तो कभी स्थानीय जनप्रतिनिधि पर दोषारोपण कर, अपने कर्तव्य से पल्ला झाड़ लेते हैं. शहर के लोग दूसरे पर निर्भर हो चुके हैं. अपने कामों को दूसरों के कंधों पर छोड़ देते हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसा नहीं देखा जाता है. ग्रामीण क्षेत्र में सफाई व्यवस्था हो या कचरा उठाने की व्यवस्था, इसके लिए ना ही नगर परिषद है और ना ही कोई एजेंसी कार्य करती है. बावजूद शहर के मोहल्लों व सड़कों से साफ गांव की सड़कें एवं टोली-मोहल्ले रहती है. गांव में रहने वाले आम से लेकर खास लोग तक स्वयं अपने घरों के आसपास सफाई करते हैं. यह ना ही किसी पर निर्भर होते हैं और ना ही किसी पर ठीकरा फोड़कर अपने कर्तव्यों से मुख मोड़ते हैं.
मधेपुरा/बिहार: वार्ड नं 11 के वार्ड पार्षद इसरार अहमद ने बताया कि अब तक अपने वार्ड में वो आवास के लिए पौने दो करोड़ दिलवा चुके है, वही शौचालय 283 लोगों को मिला है.3 लाख 39 हजार 600, मुख्यमंत्री पेंशन वृद्धा पेंशन 250 लाभुकों को दिया जा रहा है.वार्ड की विकास के लिए हर संभव प्रयास भी लगातार कर रहे है.
वार्ड नं 6 के वार्ड पार्षद कल्याणी कुमारी ने बताया कि राम रहीम रोड में नाला निर्माण का काम किया गया है.कई जगह गड्ढे में राबिक्स गिराया गया है.मोहल्ले में जलजमाव न हो उसको लेकर हर संभव प्रयास जारी है.
वार्ड नं 13 के वार्ड पार्षद पूजा कुमारी ने बताया कि पानी निकासी का काम किया जा रहा है ,वार्ड में सभी जगह खराब लाइट को दुरस्त करवाया गया ,नगर परिषद मवेशी अस्पताल के समीप सड़क बनायी गयी.कुछ काम अपने निजी फंड से करवाया गया.
वार्ड नं 8 के वार्ड पार्षद माला देवी ने बताया कि अभी सिर्फ कचरे का रोजाना उठाव हो रहा है.वृद्धा पेंशनधारियों को पेंशन दिलवाया जा रहा है.
वार्ड नं 10 के वार्ड पार्षद नुजरहत प्रवीण ने बताया कि वार्ड में डोर टू डोर कचरा का काम रोजाना हो रहा है.सदर अस्पताल के पीछे नाला की सफाई करवायी गयी.अभी कई आवास लाभुकों को लाभ नही मिला है उसके लिए प्रयास किया जा रहा है.
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी तान्या कुमारी ने बताया कि हालांकि उन्हें अभी वित्तीय अधिकार नही मिला है लेकिन तब भी नगर के विकास के किसी मे काम मे कोई प्रभावित नही हो रहा है.वित्तीय अधिकार मिलने के बाद सभी का बकाया भुगतान किया जाएगा.
