पटना हाईकोर्ट में एटीएस की हाई-प्रोफाइल मॉक ड्रिल, आतंकी हमले के खतरों के प्रति बरती गई सतर्कता

राजधानी पटना स्थित पटना हाईकोर्ट परिसर में शनिवार को एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) ने एक उच्च-तीव्रता वाली मॉक ड्रिल का आयोजन किया, जिसने सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों को नई मजबूती दी है। पिछले कुछ महीनों में पटना, किशनगंज, गया समेत बिहार के कई न्यायालयों को बम से उड़ाने की मिली लगातार धमकियों और आरडीएक्स (RDX) के इस्तेमाल की चेतावनी को देखते हुए यह अभ्यास अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है

फिल्मी अंदाज में आतंकवाद निरोधक ऑपरेशनमॉक ड्रिल के दौरान परिसर में अफरा-तफरी का माहौल तब उत्पन्न हुआ जब आधुनिक हथियारों और हैंड ग्रेनेड से लैस छह आतंकियों की वेशभूषा में जवानों ने मुख्य द्वार से प्रवेश किया। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए एटीएस कमांडो, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वाड की टीमें तत्परता से हरकत में आईं। ऑपरेशन को वास्तविक रूप देने के लिए जवानों ने छत से रस्सी के सहारे नीचे उतरकर हाईजैक की गई बस से बंधकों को छुड़ाने का साहसी प्रदर्शन किया। कमांडो ने आतंकियों को निष्क्रिय करने के साथ ही पूरे परिसर में संदिग्ध वस्तुओं की सघन जांच भी की

सर्वोच्च प्राथमिकता: सुरक्षा और तालमेलइस अभ्यास का प्राथमिक उद्देश्य किसी भी आपातकालीन स्थिति में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय और प्रतिक्रिया समय (रेस्पोंस टाइम) को परखना था। पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू सहित कई वरिष्ठ न्यायाधीश और पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी इस दौरान मौजूद रहे। ऑपरेशन के बाद न्यायाधीशों ने एटीएस की पेशेवर दक्षता और उनकी त्वरित कार्रवाई की सराहना की। इस मॉक ड्रिल के माध्यम से सुरक्षा एजेंसियों ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वे किसी भी आतंकी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अदालतों में आने वाले वादियों और आम नागरिकों की सुरक्षा अब सुरक्षा बलों के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। साइबर सेल के माध्यम से धमकी देने वालों की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने की प्रक्रिया भी समानांतर रूप से जारी है, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके


