इंटर कॉलेज क्रिकेट टूर्नामेंट विवाद: छात्र नेता ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर लगाया पक्षपात का आरोप

मधेपुरा: भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (BNMU) के अधीन आयोजित इंटर कॉलेज क्रिकेट टूर्नामेंट को लेकर अब विवाद बढ़ता जा रहा है। युवा शक्ति छात्र परिषद के नेता अजीत यादव ने विश्वविद्यालय प्रशासन और LNMS कॉलेज बीरपुर पर गंभीर आरोप लगाए हैं।छात्र नेता अजीत यादव ने कहा कि टूर्नामेंट आयोजन में पारदर्शिता की कमी और पक्षपातपूर्ण रवैये ने छात्रों की खेल भावना को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि LNMS कॉलेज के प्राचार्य राजीव सिन्हा ने अपने व्यक्तिगत ईगो और दुर्भावना के कारण पिछले वर्ष की चैंपियन टीम पार्वती साइंस कॉलेज को प्रतियोगिता से बाहर कर दिया।उन्होंने कहा, “विश्वविद्यालय की चुप्पी साबित करती है कि उसकी पकड़ अब महाविद्यालयों पर कमजोर हो चुकी है। छात्रों की शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे यह स्पष्ट है कि खेल अब राजनीति और व्यक्तिगत हितों का साधन बन चुका है।”अजीत यादव ने LNMS कॉलेज की सीमित टीमों वाली व्यवस्था पर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि जब विश्वविद्यालय के अधीन दर्जनों कॉलेज हैं, तो ऐसे संस्थान को आयोजक क्यों बनाया गया जो केवल दस टीमों को ही संभाल सकता है। उन्होंने इसे विश्वविद्यालय की “मनमानी और अपारदर्शिता” का उदाहरण बताया।छात्र नेता ने यह भी कहा कि बाहरी खिलाड़ियों की भागीदारी के आरोपों से बचने के लिए आधार वेरीफिकेशन प्रणाली अनिवार्य की जानी चाहिए। “यदि समय रहते प्रशासन ने सख्ती दिखाई होती, तो आज यह स्थिति नहीं बनती,” उन्होंने कहा।अंत में यादव ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन तत्काल जांच शुरू नहीं करता, तो छात्र समुदाय इंटर कॉलेज खेल प्रतियोगिताओं का पूर्ण बहिष्कार करेगा और विश्वविद्यालय मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।उन्होंने कहा कि छात्रों के सम्मान, अधिकार और भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
