स्कूल संचालक अजीत कुमार की हत्या के मामले में पुलिस के हाथ खाली । - The Ujala Times News
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स्कूल संचालक अजीत कुमार की हत्या के मामले में पुलिस के हाथ खाली ।

चंदू प्रिन्स की रिपोर्ट खगौल

खगौल। रविवार रात लगभग 11बजे के आसपास सगुना मोड़ से खगौल रोड के बीच स्थित डीएवी स्कूल के सामने एक स्कूल संचालक अजीत कुमार की बेखौफ अपराधियों ने उसके सर पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। सिर में गोली लगाने के बाद उनकी स्कूटी दूर जा गिरी और वे वहीं गिर गए जहां मौके पर उनकी मौत हो गई।
मृतक अजीत लेखानगर स्थित आरएन स्कूल चलता था और वह मुस्तफापुर गांव के रहने वाले था। मृतक के चेचेरे भाई सुशील कुमार ने बताया कि वह लेखा नगर के पास अपना आर.एन. सिन्हा नाम का निजी स्कूल के संचालक थे। रविवार को मृतक अजीत अपने मुस्तफापुर वाले मकान से रात 7 के आसपास लेखा नगर स्थित गणेश अपार्टमेंट अपने फ्लैट मे कुछ काम से गए हुए थे। लेखा नगर से लौटने के क्रम में जब उनकी स्कूटी डीएवी स्कूल के सामने पहुंची ही थी जहां बेख़ौफ अपराधियों ने उन्हें सिर पर गोली मारकर हत्या कर दी।सूचना मिलने के बाद पटना वेस्ट एसपी भानु प्रताप सिंह, खगौल थानेदार राजकुमार सिंह और दानापुर थानेदार पहुंचकर छानबीन मे जुट गई। मौके वारदात से पुलिस ने एक खोखा भी बरामद किया है। पुलिस ने मृतक के शव को अपने में कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाते हुए उनके परिजनों को सौंप दिया है। घटना की सूचना मिलते ही मुस्तफापुर गांव में मातम का माहौल छा गया।
मृतक तीन भाई में से सबसे छोटा था। सूत्रों की माने तो लेखा नगर स्थित आर एस सिन्हा स्कूल के एमडी रीता सिन्हा से पिछले 6 महीनो से अजीत एवं रीता सिंह के बीच घर व जमीन को लेकर वाद विवाद चल रहा था। दोनो मे झगड़ा होने के कारण पिछले 6 महीना से मृतक अजीत स्कूल को छोड़कर अपने मुस्तफापुर वाले मकान मे रह रहे थे। वहीं मृतक को मुख अग्नि देने वाले बड़े भाई सुजीत कुमार का कहना है कि मेरे छोटे भाई अजीत के मृत्यु का कारण आर. एन. स्कूल के संचालक रीता सिन्हा है। हालाकि पुलिस कि एफएसएल की टीम भी अपने स्तर से छानबीन मे जुटी है। वही सोमवार को मृतक के पिता नरेश चंद्र प्रसाद ने खगौल थाना मे आवेदन देते हुए कहा है कि मेरे पुत्र को रीता सिन्हा पिछले 20 सालों से अपने प्रेम जाल में फंसा रखी थी। रीता सिन्हा कि नजर हमारे पैतृक जमीन पर थी । वही रीता सिन्हा ने बैंक से 2से 3 करोड़ का ऋण ले रखा था जिसका गारंटी मेरा पुत्र अजीत के कंधे पर था अजीत के नाम से ही लॉन का इंश्योरेंस भी था
।इसको लेकर दोनों में काफी बाद विवाद हुआ करता था। अजीत पिछले 6 महीना से वह रीता सिन्हा को छोड़कर मुस्तफापुर गांव हम लोगों के साथ रह रहा था। नरेश चंद्र प्रसाद ने रीता सिन्हा पर आरोप लगाते हुए कहा है कि रीता सिन्हा ने ही उनके पुत्र कि मौत का जिम्बाबर है। वही खबर थाना अध्यक्ष ने बताया कि पुलिस हर बिंदु पर छानबीन कर रही है, घटना मे संलिप्त दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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