सिंहेश्वर में सावन की दूसरी सोमवारी पर आस्था का सैलाब; 2 लाख से अधिक ने किया जलार्पण

मधेपुरा: सावन की दूसरी सोमवारी पर सिंहेश्वर स्थान में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत समागम देखने को मिला। देर रात से ही बाबा सिंहेश्वरनाथ के दरबार में शिवभक्तों की कतारें लगनी शुरू हो गईं और आधी रात के बाद भी श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी रहा। आधिकारिक पूजा रात 12:30 बजे संपन्न होने के बाद लगभग एक बजे मंदिर का पट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया, जिससे एक साथ सैलाब उमड़ पड़ा।

प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार दूसरी सोमवारी पर लगभग दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने सिंहेश्वर में जलार्पण और माथा टेककर भगवान शिव की आराधना की। मंदिर परिसर से लेकर सिंहेश्वर जाने वाले मार्गों तक तकरीबन हर मोड़ पर भक्तों की भीड़ दिखी। हर-हर महादेव और बोल बम के नारे वातावरण को भक्तिमय बनाए हुए थे, जबकि कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और धमाल कार्यक्रम भी आयोजित हुए।भीड़ और पर्व के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सुरक्षा व व्यवस्थाओं के कड़े इंतजाम किए थे। मधेपुरा के डीएम, एसपी व डीडीसी सहित अन्य आला अधिकारी समय-समय पर मंदिर परिसर में पहुंच कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। पुलिस-बल द्वारा भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और आपात स्थिति के मद्देनजर विशेष बिंदुओं पर तैनाती की गई थी, ताकि श्रद्धालुओं को उचित सुविधा मिलती रहे और किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मंदिर परिसर व मार्गों पर स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाएँ भी सक्रिय रहीं। युवा संघ और श्रृंगी ऋषि सेवा फाउंडेशन के सदस्य पानी, शरबत, प्राथमिक चिकित्सा और मार्गदर्शन जैसी सुविधाएँ प्रदान करते रहे। स्थानीय नागरिकों ने भी सेवा शिविर लगा कर श्रद्धालुओं का सहयोग किया, जिससे सुबह से ही व्यवस्था सुचारु बनी रही।सावन माह के इस पावन अवसर पर सिंहेश्वर में दिखा ये जनसैलाब, भक्ति, अनुशासन और सेवा का प्रतीक रहा। प्रशासन व स्वयंसेवकों के संयुक्त प्रयास से ऐतिहासिक स्थल पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित व सुव्यवस्थित दर्शन–आराधना का अवसर मिला। पूरे क्षेत्र में एक ही स्वर उभर कर आया—हर-हर महादेव, बोल बम।



