स्पेलिंग बी में बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्रा सम्मानित, डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने बच्चों को दिलाया नशामुक्ति का संकल्प
अमन श्रीवास्तव
The ujala times news
CEO

स्पेलिंग बी प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन कर विद्यालय एवं जिले का नाम रोशन करने वाली छात्रा को कोशी क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक डॉ कुमार आशीष एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. संदीप सिंह ने सम्मानित किया. सम्मान समारोह के दौरान बच्चों में शिक्षा, अनुशासन और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने के साथ-साथ नशा मुक्ति अभियान को लेकर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कोशी क्षेत्र के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने बच्चों को संबोधित करते हुए नशे के दुष्प्रभावों से दूर रहने तथा समाज में नशामुक्ति का संदेश फैलाने का आह्वान किया.समारोह में छात्रा को सम्मानित किए जाने के बाद विद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों में उत्साह का माहौल रहा. कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और वे भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होते हैं. स्पेलिंग बी जैसी प्रतियोगिताएं बच्चों के शब्द ज्ञान, उच्चारण, भाषा कौशल और आत्मविश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.प्रतिभा को प्रोत्साहन से बढ़ता है आत्मविश्वास
कार्यक्रम में स्पेलिंग बी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्रा को डीआईजी डॉ कुमार आशीष और मधेपुरा एसपी डॉ संदीप सिंह ने सम्मानित किया. अधिकारियों ने छात्रा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रतियोगिताओं में भाग लेना अपने आप में महत्वपूर्ण है, लेकिन सफलता मिलने के बाद उसका सम्मान किया जाना अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणादायक होता है.
उन्होंने कहा कि आज के समय में विद्यार्थियों के सामने पढ़ाई के साथ-साथ कई तरह की चुनौतियां हैं.ऐसे में बच्चों को अपनी प्रतिभा को पहचानने और उसे सही दिशा में विकसित करने की जरूरत है. स्कूल स्तर पर आयोजित होने वाली प्रतियोगिताएं बच्चों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर देती हैं.
शिक्षकों ने कहा कि स्पेलिंग बी प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों में अंग्रेजी शब्दों की सही स्पेलिंग लिखने, पढ़ने और बोलने की क्षमता विकसित होती है. इससे भाषा के प्रति उनकी रुचि भी बढ़ती है. छात्रा की उपलब्धि पर विद्यालय परिवार ने भी प्रसन्नता व्यक्त की तथा उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
बच्चों को नशे से दूर रहने का संदेश—– कुमार आशीष
कार्यक्रम के दौरान डीआईजी डॉ कुमार आशीष ने बच्चों को नशा मुक्ति अभियान के संबंध में संबोधित किया. उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है. उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी नशे के खिलाफ जागरूक करें. डीआईजी ने बच्चों से कहा कि विद्यार्थी देश के भविष्य हैं. उनके कंधों पर समाज और राष्ट्र को आगे ले जाने की जिम्मेदारी है. इसलिए उन्हें अपनी ऊर्जा पढ़ाई, खेल, रचनात्मक गतिविधियों और समाजहित के कार्यों में लगानी चाहिए. उन्होंने कहा कि नशे की शुरुआत अक्सर छोटी आदतों से होती है और बाद में यह गंभीर समस्या का रूप ले सकती है. इसलिए बच्चों को शुरुआत से ही नशे के प्रति सजग रहना चाहिए.उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में है तो उसके प्रति संवेदनशील रवैया अपनाते हुए उसे इससे बाहर निकलने के लिए प्रेरित करें. नशे के खिलाफ जागरूकता केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है,बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता जरूरी है.
एसपी डॉ. संदीप सिंह ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव है. पढ़ाई के साथ अनुशासन और अच्छे संस्कार भी जरूरी हैं. उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य निर्धारित कर नियमित रूप से मेहनत करने की अपील की.उन्होंने कहा कि बच्चों को अपने आसपास के वातावरण से सीखने के साथ-साथ गलत संगति से बचना चाहिए. किसी भी प्रकार की नशीली वस्तु या गलत गतिविधि से दूरी बनाए रखना उनके बेहतर भविष्य के लिए जरूरी है. विद्यार्थियों को खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी हिस्सा लेना चाहिए, जिससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास हो सके.
एसपी ने कहा कि पुलिस द्वारा समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न स्तरों पर अभियान चलाए जा रहे हैं. स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाना इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है. बच्चों में जागरूकता आने से परिवार और समाज तक भी इसका सकारात्मक संदेश पहुंचता है. विद्यार्थियों ने लिया जागरूक रहने का संकल्प कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और समाज में नशामुक्ति का संदेश फैलाने के लिए प्रेरित किया गया. बच्चों ने अधिकारियों की बातें ध्यानपूर्वक सुनीं. अधिकारियों ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने मित्रों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें और किसी भी गलत गतिविधि का हिस्सा नहीं बनें.
डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने बच्चों को यह समझाने का प्रयास किया कि सफलता केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने से नहीं मिलती, बल्कि अच्छे चरित्र, अनुशासन और जिम्मेदार नागरिक बनने से भी मिलती है. उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में बनाई गई अच्छी आदतें आगे चलकर पूरे जीवन में काम आती हैं.
उन्होंने बच्चों को मोबाइल और इंटरनेट के सकारात्मक उपयोग की भी दिशा में प्रेरित किया. विद्यार्थियों से कहा गया कि वे तकनीक का इस्तेमाल पढ़ाई और ज्ञान बढ़ाने के लिए करें. सोशल मीडिया या इंटरनेट पर मिलने वाली हर जानकारी को सही मानने के बजाय उसके बारे में सोचें और आवश्यक होने पर शिक्षकों तथा अभिभावकों से जानकारी लें.
सम्मान समारोह बना प्रेरणा का अवसर—
स्पेलिंग बी प्रतियोगिता में सफल छात्रा का सम्मान समारोह केवल एक छात्रा की उपलब्धि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का अवसर बना. कार्यक्रम में मौजूद बच्चों ने देखा कि मेहनत और प्रतिभा को सम्मान मिलता है. इससे उनमें भी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने और बेहतर प्रदर्शन करने की भावना विकसित हुई.
विद्यालय के शिक्षकों ने कहा कि विद्यार्थियों की उपलब्धियों को मंच देकर सम्मानित करना जरूरी है. इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपनी कमियों को दूर करने के लिए मेहनत करते हैं. शिक्षकों ने कहा कि पढ़ाई के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने से बच्चों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होता है.
कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी से विद्यार्थियों में भी उत्साह देखने को मिला. बच्चों ने अधिकारियों के साथ संवाद किया और उनके द्वारा दिए गए संदेश को ध्यानपूर्वक सुना. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा और प्रतियोगी भावना के साथ सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति भी जागरूक करना रहा.
नशामुक्त समाज के लिए बच्चों की भूमिका महत्वपूर्ण
डीआईजी डॉ कुमार आशीष ने कहा कि नशामुक्त समाज बनाने में बच्चों और युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है. युवा पीढ़ी यदि नशे से दूर रहे और अपने साथियों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करे तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि नशे से बचाव के लिए जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण हथियारों में से एक है.उन्होंने विद्यार्थियों को अपने माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान करने तथा उनकी सलाह को गंभीरता से लेने की बात कही. साथ ही बच्चों को अपने जीवन में मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच को अपनाने के लिए प्रेरित किया. कार्यक्रम के अंत में स्पेलिंग बी प्रतियोगिता में सम्मानित छात्रा को बधाई दी गयी. अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. वहीं नशा मुक्ति अभियान को लेकर दिए गए संदेश से बच्चों में जागरूकता का संचार हुआ. समारोह ने शिक्षा, प्रतिभा सम्मान और सामाजिक जागरूकता को एक साथ जोड़ते हुए विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया.वही उक्त कार्यक्रम में डा मधेपुरी, र ग्रीन फील्ड के निदेशक राजेश कुमार राजू होली क्रॉस बालिका विद्यालय की निर्देशक डॉ वंदना घोष, ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल के निदेशक डॉ मानव सिंह, सदर थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार,नगर परिषद के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि अमोल साहा एवं अन्य मौजूद थे.