एनएसयूआई का आक्रोश मार्च: मोदी-योगी के पुतले जलाए, मनरेगा लाठीचार्ज के खिलाफ नारेबाजी

12 जनवरी 2026: मनरेगा बचाओ संग्राम के पहले चरण में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बर्बर लाठीचार्ज और गिरफ्तारियों के खिलाफ एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने आक्रोश मार्च निकालकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पुतले दहन किए।एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता और नेता पार्वती विज्ञान महाविद्यालय के मुख्य द्वार से नारेबाजी करते हुए भूपेंद्र चौक पहुंचे। यहां भूपेंद्र नारायण मंडल की प्रतिमा के समीप दोनों नेताओं के पुतले जलाए गए।मालूम हो कि कल देशव्यापी शांतिपूर्ण प्रदर्शन के तहत उत्तर प्रदेश में एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी हजारों छात्रों के साथ मनरेगा से छेड़छाड़ के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। इस पर प्रदेश पुलिस ने बर्बर लाठीचार्ज किया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।आक्रोश मार्च को संबोधित करते हुए निशांत यादव ने कहा, “मोदी और योगी लाठीतंत्र के सहारे लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास कर रहे हैं। जब किसान, मजदूर, नौजवान या महिलाएं अन्याय, शोषण, भ्रष्टाचार या जनविरोधी नीतियों पर सवाल उठाते हैं, तो सरकार उनकी आवाज को लाठियों और जेल से दबाती है।”उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को लोकतांत्रिक व्यवस्था में भरोसा नहीं। लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और उसे किसी भी नीति पर सवाल करने का पूर्ण अधिकार है। प्रदेश उपाध्यक्ष ने मोदी सरकार पर धर्म के नाम पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ है। “न केवल नाम बदला गया, बल्कि 100 दिनों के रोजगार के संवैधानिक अधिकार को समाप्त कर दिया गया। पंचायतों के अधिकारों पर कुठाराघात हुआ है। मनरेगा से गांवों का विकास और मजदूरों को रोजगार मिल रहा था, लेकिन सरकार इसे खत्म करने की साजिश रच रही है। शुरुआत में राम का नाम जोड़ने का वादा भी छलावा साबित हुआ।”प्रदर्शन में एनएसयूआई जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार मंडल, जिला महासचिव सोनू कुमार, विभाष कुमार विमल, सोनू कुमार सूद, प्रवीण कुमार, संदीप कुमार, करण कुमार, सुदर्शन कुमार, अमर कुमार, नीरज कुमार, चंद्रकिशोर कुमार समेत दर्जनों छात्रनेता मौजूद थे।
