Bihar:बिहार में 1 फरवरी से फिर लौटेगी ठंड इस बार माघ पूर्णिमा के बाद ठंड की होगी विदाई

30 जनवरी से बारिश के आसार
बिहार में लोगों को अब सुबह-शाम की ठंड लग रही है. दोपहर होते ही गर्मी लगने लगती है और पसीना चलने लगता है. इससे अगर आप सोच रहे हैं कि इस सीजन की सर्दी विदा हो गई है तो अलर्ट हो जाइए. सर्दी का थर्ड वेब एक बार फिर से दस्तक देगा.
मौसम विभाग की मानें तो 1 फरवरी से एक बार फिर से ठंड वापस लौटेगा. ये 4 दिनों तक रहेगा. इस दौरान दिन और रात के पारे में लगभग 4-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जाएगी.
वहीं, माघ पूर्णिमा यानी 5 फरवरी से एक बार फिर मौसम करवट लेगा और पारा ऊपर चढ़ेगा। मौसम वैज्ञानिक आनंद शंकर ने बताया की इस साल का मानसून सीजन पिछले कुछ सालों की तुलना में कमजोर रहा.इसके कारण इस बार ठंड अधिक पड़ा. उन्होंने बताया कि जिस साल मानसून कमजोर होता है, उस दौरान कोल्ड डे और कोल्ड वेव के इवेंट ज्यादा होते हैं।
मौसम वैज्ञानिक के माने तो 30 जनवरी और 31 जनवरी को दक्षिण और पश्चिम बिहार में बारिश होने की संभावना जताई जा रही है. इसके कारण 1 फरवरी से पूरे बिहार के न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री तक गिरावट आएगी.न्यूनतम तापमान घटकर 4-5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा.इसके कारण ठंड बढ़ेगी। बारिश के बाद आसमान जब साफ होने के बाद तापमान में बढ़ोतरी होनी शुरू होगी और ये लगातार जारी रहेगी। इसके बाद मौसम में ज्यादा बदलाव नहीं आएगा.
मौसम वैज्ञानिक बताते हैं कि ठंड का मौसम काफी आगे बढ़ चुका है। प्रदेश में कुछ हद तक पॉल्यूशन भी घटा है। ऐसी स्थिति राज्य भर में अब घना कोहरा रहने की संभावना न के बराबर है, लेकिन राज्य के कुछ हिस्सों में सुबह के समय हल्का और मध्यम दर्जे का कोहरा रह सकता है। ये इतना घना नहीं हो का कि इसका असर ट्रेन या विमान सेवा पर पड़े।इससे फसल को नुकसान होने की भी कोई आशंका नहीं है।
इस बार के सीजन में ठंड ने राज्य में पिछले 64 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 7 जनवरी को बिहार के समस्तीपुर का अधिकतम और न्यूनतम तापमान में केवल 1.8 डिग्री सेल्सियस का अंतर रह गया था। उस दिन शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से 10.1 डिग्री कम 11.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। यह तापमान 1960 से लेकर 2023 तक में सबसे कम है। केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के मौसम वैज्ञानिक डॉ. गुलाब सिंह ने बताया कि आंकड़ों के अनुसार इस बार 1960 से लेकर साल 2023 तक अधिकतम तापमान सबसे कम रहा है.
