छठ की तैयारी तेज़: मधेपुरा के 40 घाटों पर सफाई अभियान में जुटा नगर परिषद, कार्यपालक पदाधिकारी तान्या कुमारी ने संभाली कमान
अमन श्रीवास्तव
CEO

the Ujala times news
मधेपुरा में आस्था के महापर्व छठ को लेकर माहौल श्रद्धा और उत्साह से भरा है। नगर परिषद ने शहर के 40 से अधिक छठ घाटों पर बड़े पैमाने पर सफाई अभियान शुरू कर दिया है, ताकि व्रतियों को पूजा के दौरान किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
बुधवार को नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी तान्या कुमारी ने कई प्रमुख घाटों का निरीक्षण किया और साफ-सफाई की गति बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित कर्मियों को स्पष्ट रूप से कहा कि “छठ व्रतियों की आस्था से कोई समझौता नहीं होगा, घाट पूरी तरह स्वच्छ और सुरक्षित होने चाहिए।”
शहर के प्रमुख घाटों — काली मंदिर स्थित भिरखी घाट, सुखासन रोड का गुमटी घाट और गौशाला स्थित छठ घाट — पर सफाई कार्य युद्धस्तर पर जारी है। कई जगहों पर बारिश और जलभराव के कारण दलदल की स्थिति बनी हुई है, लेकिन नगर परिषद की टीमें लगातार जेसीबी और ट्रैक्टर के सहयोग से सफाई में जुटी हैं।
कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि घाटों पर लाइटिंग, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और स्वच्छ पेयजल, बैरिकेडिंग, पानी के अधिक गहराई के निशान के लिए लाल झंडा, चेंजिंग रूम, अस्थाई शौचालय, कंट्रोल रूम सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि “छठ से पहले तक सभी घाटों को पूरी तरह स्वच्छ और सुरक्षित बना दिया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को निर्बाध रूप से पूजा-अर्चना करने की सुविधा मिल सके।”
हालांकि, सफाई अभियान की शुरुआत थोड़ी देर से होने को लेकर नागरिकों में सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर तैयारी समय पर शुरू होती तो कई घाटों की स्थिति अब तक सुधर गई होती। बावजूद इसके, नगर परिषद अब पूरी सक्रियता से जुटा हुआ है और शहर को स्वच्छ एवं आस्था के अनुरूप बनाने की दिशा में काम तेज कर दिया गया है।
मधेपुरा में अब हर गली, हर मोहल्ला छठ की तैयारी में रमा हुआ है। श्रद्धालु घाटों पर पहुंचकर सफाई कार्य में भी सहयोग कर रहे हैं। प्रशासन और आमजन के संयुक्त प्रयासों से उम्मीद की जा रही है कि इस बार भिरखी नदी से लेकर गौशाला तक हर घाट स्वच्छता और भक्ति का उदाहरण पेश करेगा.