Madhepura:बंध्याकरण एवं प्रसव पीड़ा के मरीज मरीजों को नहीं मिला बेड, जमीन पर सो कर बिता रहे रात इंफेक्शन का बना रहता है खतरा
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सदर अस्पताल में बेड के कमी के कारण परिवार नियोजन कराने आये मरीज सदर अस्पताल के फर्श पर सो कर अपनी रात बिताते है
सदर अस्पताल:बंध्याकरण के बाद मरीजों को नहीं मिला बेड, जमीन पर लिटाकर बिताए.वही बंध्याकरण के बाद मरीजों को नहीं मिला बेड, जमीन पर लिटाकर इलाज.
अस्पताल के वार्ड में फर्श पर लेटी बंध्याकरण की मरीज
परिवार नियोजन के नाम पर लाखों खर्च पर सुविधाएं नदारद, सफाई तक के इंतजाम नहीं

कुव्यवस्था को लेकर चर्चा में रहने वाला जिले के सदर अस्पताल एक बार फिर चर्चा में है.परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के लिए सरकार लाखों खर्च कर रही है, लेकिन अस्पताल में सुविधा नहीं मिल रही है.यह ताजा मामला महिलाओं के बंध्याकरण से जुड़ा हुआ है. ऑपरेशन के बाद महिलाओं को बेड तक उपलब्ध कराया नहीं कराया है. बेड की कमी होने से ऑपरेशन के बाद महिलाओं को जमीन पर ही लिटा दिया गया.फर्श के आसपास गंदगी रहती है.इससे दुर्गंध फैलता है. ऐसी स्थिति में मरीजों को इंफेक्शन का खतरा बना रहता है, जो जानलेवा हो सकता है.बंध्याकरण कराने वाली महिलाओं को इंफेक्शन का खतरा है. दरअसल अस्पताल में बेड की कमी है.अगर मरीज को गद्दा मिल जाता है तो चादर नहीं मिलती है. ऐसे में मरीजों को बेड तक नसीब हो रहा है जिस कारण ऑपेरशन करवाने आए मरीज फर्श पर सो कर अपनी रात बिताना पड़ रहा है. गौरतलब हो कि इन दिनों परिवार नियोजन ऑपरेशन चल रहा है ऐसे में सदर अस्पताल में मरीजो कि संख्या बढ़ने पर मरीज एवं परिजनों को बैठने तक की व्यवस्था नहीं है,वही उनमें से कुछ प्रसव करवाने भी आयी थी जो सदर अस्पताल के फर्श पर सो कर रात गुजारने के लिए मजबूर थी. यूं तो अस्पताल प्रशासन कह दे कि यहां मरीज के बेडो की कमी नही है.लेकिन धरातल स्तिथि कुछ और बयां करती हैं ऐसा अक्सर ऐसा होता है कि अस्पताल में मरीजों को संख्या बढ़ जाने के कारण किसी बेड पर दो मरीज तो किसी बेड पर तीन मरीज को रख कर उनका इलाज किया जाता है, तो ऐसे में सदर अस्पताल में मरीज के परिजनों की संख्या बढ़ जाती है .मरीज को फर्श पर रात गुजारना बहुत मुश्किल हो जाता है गुजारना पड़ता है या फिर फर्श पर ही तो कल रात को जाना पड़ता है.विदित हो कि किसी भी प्रकार के मरीज भर्ती होते हैं, उनको अस्पताल की ओर से सारी सुविधा दी जाती है. जिनका भी ऑपरेशन होता है, उनकी देखरेख के साथ खाने पीने की भी व्यवस्था अस्पताल प्रशासन करता है. बंध्यकरण के मरीजों की कभी-कभी संख्या अधिक होने से बेड की कमी हो जाती है.ज्यादा मरीज होने से उनको फर्श पर गद्दा मुहैया कराया जाता है. अगर उन गद्दों पर चादर नहीं मिली थी तो इसकी जांच की जाएगी.अगर वहां के इंचार्ज ने कोई कमी की है तो कार्रवाई होगी.
सदर अस्पताल उपाधीक्षक डा फूल कुमार ने बताया कि ऑपेरशन के पूर्व ही मरीज को बेड मुहैया करवाया जाता है.अगर ऐसा नही किया गया है तो जांच की जाएंगी और जो भी दोषी है इसके ऊपर विभागीय स्तर से करवाई की जाएगी.और सदर अस्पताल में अभी एक सौ के करीब बेड उपलब्ध है.कभी कभार ऐसा भी होता है कि मरीज खुद फर्श पर सो जाते है.और बच्चे या अपने साथ आए परिजनों को बेड पर सुला देते है.
