मधेपुरा: फसल सुरक्षा के लिए अग्निशमन विभाग का विशेष जागरूकता अभियान, किसानों को पम्पलेट बांटकर सतर्क किया - The Ujala Times News
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मधेपुरा: फसल सुरक्षा के लिए अग्निशमन विभाग का विशेष जागरूकता अभियान, किसानों को पम्पलेट बांटकर सतर्क किया

अमन आनंद मधेपुरा बिहार

जिले के साहूगढ़ भगवानपुर टोला में आगजनी की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर अग्निशमन विभाग ने फसल सुरक्षा को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया। गांव-गांव जाकर किसानों को पम्पलेट वितरित किए गए और आग से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए गए। फसल कटाई का समय नजदीक आते ही थोड़ी सी लापरवाही भारी नुकसान का सबब बन सकती है—यह संदेश देकर विभाग ने किसानों को सतर्क किया।अभियान के दौरान अग्निशमन कर्मी विक्की रंजन कुमार, ऋषिमुनि कुमार, मुकेश कुमार गुप्ता और बिंदु कुमारी ने घर-घर पहुंचकर जागरूकता फैलाई।

उन्होंने बताया कि खेतों में पराली जलाना, बिजली उपकरणों की लापरवाही या बीड़ी-सिगरेट पीना आग का प्रमुख कारण हैं। सलाह दी गई: फसल कटाई तक बोरिंग पंप चालू रखें, ताकि आग लगने पर पानी तुरंत उपलब्ध हो। आग लगने पर घबराएं नहीं—आग की दिशा में 10-20 मीटर फसल काट दें, जिससे फैलाव रुके। ज्वलनशील वस्तुओं (पेट्रोल, डीजल) से दूरी बनाएं और रात में खेतों की निगरानी करें।आग से बचाव के अतिरिक्त उपाय क्या किए जा सकते हैं?सामुदायिक निगरानी: गांव स्तर पर ‘फायर वॉच ग्रुप’ बनाएं, जहां 5-10 किसान मिलकर खेतों की पेट्रोलिंग करें।प्राकृतिक बैरियर: खेतों के चारों ओर गीली मिट्टी की नाली या हरी घास की पट्टी बनाएं, जो आग को रोक सके।

आधुनिक उपकरण: किसान पोर्टेबल फायर एक्सटिंग्विशर (ABC टाइप) खरीदें, जो 5-10 हजार में उपलब्ध हैं। ड्रोन से खेत सर्वे कर हॉटस्पॉट पहचानें।पराली प्रबंधन: पराली को साइलेज बनाकर पशु चारे में उपयोग करें या बायोगैस प्लांट में डालें—जलाने से बचें।ट्रेनिंग कैंप: कृषि विभाग से नियमित वर्कशॉप आयोजित करवाएं, जहां फायर ड्रिल सिखाई जाए।मौसम पूर्वानुमान: IMD ऐप से हवा की दिशा-गति चेक करें; तेज हवा में कटाई टालें।सरकारी सुविधाएं क्या प्रदान की जा सकती हैं?अग्निशमन विभाग पहले से मोबाइल फायर टेंडर और हेल्पलाइन 101 चला रहा है, लेकिन और सुधार जरूरी:ग्रामीण फायर स्टेशन: हर ब्लॉक में छोटे फायर स्टेशन बनाएं, जिसमें ट्रैक्टर-टैंकर हों।सब्सिडी पर उपकरण: PM किसान योजना से फायर एक्सटिंग्विशर और स्प्रिंकलर सिस्टम पर 50% सब्सिडी दें।इंश्योरेंस स्कीम: फसल बीमा में ‘फायर क्लॉज’ अनिवार्य करें, ताकि नुकसान पर तुरंत मुआवजा मिले।तकनीकी सहायता: सैटेलाइट इमेजरी से आगजनी हॉटस्पॉट मैपिंग और SMS अलर्ट सिस्टम शुरू करें।संयुक्त अभियान: कृषि, वन और अग्निशमन विभाग मिलकर ‘जीरो फायर कैंपेन’ चलाएं।विभाग का मानना है कि जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। पिछले साल मधेपुरा में 20+ आगजनी घटनाओं से 50 लाख का नुकसान हुआ—इसे रोकने के लिए सतर्कता जरूरी। किसान बोले, “ये अभियान सराहनीय, लेकिन सुविधाएं बढ़ेंगी तो फसल सुरक्षित रहेगी।”

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