Madhepura:मंगलवार के देर शाम मूसलाधार बारिश से शहर में जलजमाव,बारिश के जलजमाव के कारण टूटने लगी सड़के - The Ujala Times News
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Madhepura:मंगलवार के देर शाम मूसलाधार बारिश से शहर में जलजमाव,बारिश के जलजमाव के कारण टूटने लगी सड़के

बारिश से सड़कों पर जलजमाव,आवागमन में परेशानी

जिला मुख्यालय व आसपास के क्षेत्रों में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण जल जमाव की भीषण समस्या उत्पन्न हो गयी है. शहर की मुख्य सड़कें हो या गली मोहल्ले बारिश के पानी में डूब गए.खासकर निचले इलाकों में घुटने भर से अधिक पानी का भराव है. कई घरों में भी बारिश का प्रवेश कर गया.लगातार रुक रुक कर हो रही बारिश ने शहर में जल निकासी के इंतजामों की पोल खोल कर रख दी है. वहीं नगर परिषद के दावों की असलियत भी जग जाहिर हो गई. वही कई लोगों के घरों में बारिश में बारिश का पानी घुस गया है. गलियों का तो और भी बुरा हाल है. सड़कों पर जमा घुटने भर पानी से होकर लोग आ जा रहे हैं. शहर के कई इलाकों में लोग जल जमाव की पीड़ा झेल रहे हैं.घरों से निकलना दुभर, सड़कों पर जलजमाव के कारण सड़क, नाला व गड्ढे का पता नहीं चल पाता. सड़क पर गुजरने वाले राहगीर भी जान जोखिम में डालकर रास्ता तय करते हैं. लोगों को घरों से निकलना भी दूभर हो गया है.नदियों का जलस्तर बढ़ने का सिलसिला शुरू लगातार हो रही बारिश के चलते नदियों का जलस्तर भी बढ़ने लगा है.जिले में कहीं भी पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है. बारिश से जलजमाव की समस्या बनी हुई है.वही दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों की चुप्पी व अधिकारियों की लापरवाही से दिनोंदिन यह समस्या और बढ़ती ही जा रही है, जबकि 70 करोड़ से अधिक राशि से नाला निर्माण सहित अन्य कार्य के लिए दिया गया है.फिर भी सभी मोहल्ले में जलजमाव की स्थिति बनी हुई है. शहर के हालात यह है कि हल्की बारिश हुई तो सड़कों पर पानी जमा हो जाता है. कई जगह तो यह स्थायी समस्या बन चुकी है.अब लोग भी अभ्यस्त हो चुके हैं. शहर के कई इलाके ऐसे हैं जहां बारिश का पानी नहीं निकला.जिस कारण लोगों को आवजाही में काफी परेशानी हो रही है.फुटपाथी दुकानदार पानी के बीच घंटों बैठे रहे. ग्राहकों को भी सड़क से किसी दुकानों में जाने के लिए पानी पार करने की समस्या उत्पन्न हो गयी. भारी बारिश के बाद जरूरी सामान की खरीदारी के लिए बाजार निकलने वाले लोगों को सड़क और सड़क किनारे जमा पानी के कारण भारी परेशानी हुई. सबसे अधिक समस्या सड़क से अगे बढ़ने वाले लोगों को हुई. सड़क किनारे पानी और सड़कों पर दौड़ती गाडि़यों के बीच पैदल चलने वाले लोगों को पानी और कीचड़ में उतरने को विवश होना पड़ा. शहर के पूर्णिया गोला एवं कर्पूरी चौक,एवं कई इलाके के पास स्थिति नारकीय बनी हुई है.शहर के कई ऐसे मुहल्ले हैं जहां बरसात हुई तो हफ्ते भर जलजमाव की स्थिति रहती है. वहीं पूर्वी बाईपास, पीएस कॉलेज के सामने एवं पूर्णिया गोला चौक बरसात के समय झील में तब्दील हो जाता है. नाला है लेकिन निकासी नहीं शहर में करोड़ों रुपये से कई नाले का निर्माण कराया गया है, लेकिन उस नाले की निकासी नहीं है. बिना किसी प्लानिग के नाला निर्माण में करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा दिए गए. इसका लाभ शहर वासियों को नहीं मिल पा रहा है. अब नगर परिषद एनजीटी द्वारा नाले के पानी को नदी में गिराने से पहले उसे शुद्ध करने के निर्देश को इसमे बाधक बता रही है, लेकिन एनजीटी के निर्देश से पहले से ही शहर की यही स्थिति रही है. बस रुपये खर्च करने के लिए काम करा दिया गया.जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल शहरवासी अब अपने जनप्रतिनिधि की चुप्पी पर सवाल उठा रहे हैं. आखिर शहर पूरे बरसात में जलमग्न रहता है, लेकिन अब तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस और ध्यान नहीं दिया. पूर्वी बायपास में नियमों की अनदेखी कर सड़क के लेवल से काफी ऊंचे लेवल कर सड़क बना दी गई.इस वजह से लोगों का घर सड़क से नीचे हो गया है. ऐसे में बरसात का पानी लोगों के घरों में घूस जा रहा है.वहीं पूर्णिया गोला चौक के पास भी सड़क के लेवल से ऊंची कल्वर्ट बना दी गई.इससे जलजमाव से निजात के बदले और समस्या बढ़ गई है। यहां बरसात होते ही घुटनों तक पानी जमा हो जाता है. कई घरों में भी पानी घूस जाता है.

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