Madepura:सदर अस्पताल के ओपीडी में मरीजों की लगी लंबी कतार
मौसम के उलटफेर के वजह से अधिकांश लोग हो रहे बीमार


बुधवार को सदर अस्पताल के ओपीडी में मरीज और तीमारदारों की जबरदस्त भीड़ रही.पंजीकरण कराने के लिए मरीजों की कतार सड़क तक पहुंच गई. एक दिन में 800 मरीजों के पर्चे बनाए गए. ओपीडी में तैनात डॉ मिथलेश कुमार ने बताया कि सवेरे ठंड और दोपहर में धूप फिर शाम में ठंड की वजह से मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है.और मौसम में भी बदलाव के कारण लोग सर्दी-जुकाम और बुखार की चपेट में आ रहे हैं.इसी वजह से मरीज अस्पतालों में पहुंच रहे हैं.वही ओपीड़ी में 800 मरीजों को देखा गया है. इनमें सबसे ज्यादा वायरल फीवर के ही मरीज रहे हैं. वही उन्होंने ने बताया कि मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव की वजह से बच्चे बीमार पड़ रहे हैं. वह अपने बारे में बता नहीं पाते हैं, ऐसे में माताओं को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है. वर्तमान में बच्चे सर्दी की समस्या से परेशान हो रहे हैं और सांस लेने में दिक्कत आ रही है. बिना लापरवाही किए बच्चों को कुशल चिकित्सक से उपचार कराने में ही भलाई है.वही इन दिनों सदर अस्पताल के में डायरिया और उल्टी दस्त से पीड़ित 20 से 25 रोगी भर्ती कराए गए.दूषित खानपान से संक्रामक रोगों से पीड़ित रोगियों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है. विदित हो कि मौसम में बदलाव के बीच लोग बीमारी की चपेट में आने लगे हैं. सदर अस्पताल की ओपीडी में मरीजों का दबाव बढ़ने लगा है.ओपीडी में इलाज कराने के लिए बुधवार को मरीजों की भारी भीड़ लगी रही. डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ा.मालूम हो कि पिछले कुछ दिनों से मौसम में बदलाव महसूस होने लगा है. सुबह और शाम को हल्की ठंड महसू होने लगी है. माौसम में बदलाव आने के बावजूद लोग रात में पंखा चलाकर सोने से बाज नहीं आ रहे हैं.मौसम में बदलाव और रहन- सहन में लापरवाही बीमारी का कारण बन रहा है. लोग सर्दी, बुखार, खांसी आदि मौसमी बीमारी की चपेट में आने लगे है.जेनरल वार्ड में मरीजों की काफी भीड़ रही. लंबी कतार रहने के कारण मरीजों को अपनी बारी का इंतजार लंबे समय तक करना पड़ा.
शिशु वार्ड में भी एक चिकित्सक डॉ रोहित कुमार मरीजों का इलाज करते दिखाई दिए. डॉ रोहित ने करीब एक बजे तक करीब 50 बच्चों का इलाज कर चुके थे. अधिकांश सर्दी, खांसी, बुखार का मरीज अधिक मरीज पाए जा रहे हैं.
इन दिनों ऐसा हो ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर, खानपान का विशेष रूप से रखें ध्यान:
इन दिनों खान-पान में सावधानी जरूरी है.सुबह के नाश्ते में पोहा, उपमा, इडली, सूखे टोस्ट, परांठा आदि लिया जा सकता है, दोपहर में तले- भुने खाने के बजाए दाल, सब्जी, सलाद रोटी उपयुक्त रहती है.रात के खाने में रोटी और सब्जी ठीक रहती है. सूप इस मौसम में फायदेमंद रहता है. हल्दी डालकर दूध का सेवन पेट और त्वचा के लिए उपयुक्त रहता है.मौसम में बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है. ऐसे में स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की जरूरत है.तबीयत बिगड़ने पर फौरन नजदीकी अस्पताल पहुंचें अनदेखी न करें.ठंडे पानी से बच्चों को न नहलाएं, बरतें सावधानी उतार-चढ़ाव भरे मौसम में बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना होगा. जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है.
साफ सफाई का रखें विशेष रूप से रखे ख्याल:
पानी को उबालकर पीना ही बेहतर ऐसा नहीं है कि इस प्रकार की मौसमी बीमारी पहली बार आई है पर हर बार लोग सब सतकर्ता बरतते हुए अपने व अपने परिवार की जान की रक्षा करते हैं. पानी में हौलोजन का टेबलेट देकर भी उसका उपयोग किया जा सकता है. साथ ही इस समय हर वक्त उबाला हुआ पानी ही पीना चाहिए. सुपाच्य भोजन अधिक खाना चाहिए. परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सकों के पास जाकर सलाह लेनी चाहिए .
