Madepura:विश्व एड्स दिवस के अवसर पर सदर अस्पताल से जागरूकता रैली निकाली गयी

प्रधान संपादक अमन श्रीवास्तव : विश्व एड्स दिवस को लेकर सदर अस्पताल परिसर से सिविल सर्जन डॉ अब्दुश सलाम ने हरी झंडी दिखाई.वही रैली सदर अस्पताल से होकर पानी टंकी,थाना चौक ,मवेशी अस्पताल रोड होते हुए पुनः सदर अस्पताल में पहुंच गया. इस रैली के माध्यम से आम लोगों को एचआइवी-एड्स से बचाव, रोकथाम इत्यादि विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी गई.सीएस ने बताया कि एचआइवी एक जानलेवा बीमारी तो है ही, साथ ही इससे संबंधित बहुत सी भ्रांतियां समाज में फैली हुई हैँ. इसके माध्यम से इन भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया गया.उन्होंने बताया कि इस वर्ष छह माह में लगभग 7000 लोगों ने एचआईवी की जांच कराई. जिसमें 20 लोगों में एचआईवी पॉजिटिव पाए गए.इन तमाम एड्स रोगियों को उपचार हेतु एआईटी सेंटर भागलपुर भेजा गया है . वही उन्होंने बताया कि जिले में एड्स रोगियों की जिस तरह से संख्या बढ़ रही है .उसको देखते हुए यह कहा जा सकता है कि यह रोग दिल्ली और मुम्बई में काम करने वाले से ही यहां फैल रहा है. चूंकि मामला आर्थिक पक्ष से जुड़ा हुआ है. इसलिए इसमें बहुत ज्यादा कुछ नहीं किया जा सकता है. मामला नीतिगत है और सरकार ही इस बारे में कोई ठोस निर्णय ले सकती है. जानकारी के अनुसार सदर अस्पताल स्थित स्वैच्छिक परामर्श एवं जांच केन्द्र पर अप्रैल से अक्टूबर तक 2775 लोगों ने एचआईवी की जांच कराई. जिसमें 1113 पुरुष एवं 5617 महिलाएं शामिल थी.जांचोपरांत 14 पुरुष एवं दस महिला सहित कुल 24 में एचआईवी पॉजिटिव पाए गए. एचआईवी पॉजिटिव पाए गए सभी रोगियों को इलाज हेतु एआरटी सेंटर भागलपुर भेज दिया गया है.मालूम हो कि स्वैच्छिक परामर्श एवं जांच केन्द्र के आंकड़ों पर अगर गौर फरमाएं तो पिछले वर्ष 2020 में अप्रैल से अक्टूबर माह तक 12270 जांचोपरांत कुल 30 एचआईवी पॉजिटिव पाए गए थे जिनमें 12 महिला व 18 पुरूष पॉजिटिव रोगी पाए गए थे.गत एक वर्ष में एचआईवी रोगियों की होना इस बात का संकेत देता है कि जिले में एड्स रोग पूरी तरह पांव पसारने लगा है.एड्स रोगियों के बढ़ते वृद्धि दर पर अविलंब रोक नहीं लगाया गया तो यह घातक रूप धारण कर लेगा. यह विषाणु मुख्यतः शरीर को बाहरी रोगों से सुरक्षा प्रदान करने वाले रक्त में मौजूद टी कोशिकाओं (सेल्स) व मस्तिष्क की कोशिकाओं को प्रभावित करता है और धीरे-धीरे उन्हे नष्ट करता रहता है. कुछ वर्षो बाद (छह से दस वर्ष) यह स्थिति हो जाती है कि शरीर आम रोगों के कीटाणुओं से अपना बचाव नहीं कर पाता और तरह-तरह का संक्रमण (इन्फेक्शन) से ग्रसित होने लगता है इस अवस्था को एड्स कहते हैं.
एड्स का खतरा किसके लिए:-
एक से अधिक लोगों से यौन संबंध रखने वाला व्यक्ति.
वेश्यावृति करने वालों से यौन सम्पर्क रखने वाला व्यक्ति.
नशीली दवाईयां इन्जेकशन के द्वारा लेने वाला व्यक्ति.
यौन रोगों से पीडित व्यक्ति.
पिता/माता के एच.आई.वी. संक्रमण के पश्चात पैदा होने वाले बच्चें.
बिना जांच किया हुआ रक्त ग्रहण करने वाला व्यक्ति.
एड्स रोग कैसे फैलता है:-
एच.आई.वी. संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन सम्पर्क से.
एच.आई.वी. संक्रमित सिरिंज व सूई का दूसरो के द्वारा प्रयोग करने सें.
एच.आई.वी. संक्रमित मां से शिशु को जन्म से पूर्व, प्रसव के समय, या प्रसव के शीघ्र बाद.
एच.आई.वी. संक्रमित अंग प्रत्यारोपण से.
एड्स से बचाव:
जीवन-साथी के अलावा किसी अन्य से यौन संबंध नही रखे.
यौन सम्पर्क के समय निरोध(कण्डोम) का प्रयोग करें.
मादक औषधियों के आदी व्यक्ति के द्वारा उपयोग में ली गई सिरिंज व सूई का प्रयोग न करें.
एड्स पीडित महिलाएं गर्भधारण न करें, क्योंकि उनसे पैदा होने वाले शिशु को यह रोग लग सकता है.
रक्त की आवश्यकता होने पर अनजान व्यक्ति का रक्त न लें, और सुरक्षित रक्त के लिए एच.आई.वी. जांच किया रक्त ही ग्रहण करें.
डिस्पोजेबल सिरिन्ज एवं सूई तथा अन्य चिकित्सीय उपकरणों का 20 मिनट पानी में उबालकर जीवाणुरहित करके ही उपयोग में लेवें, तथा दूसरे व्यक्ति का प्रयोग में लिया हुआ ब्लेड/पत्ती काम में ना लेंवें.
एड्स-लाइलाज है- बचाव ही उपचार है:::
एच.आई.वी. संक्रमण पश्चात लक्षण
एच.आई.वी. पोजिटिव व्यक्ति में सात से दस साल बाद विभिन्न बीमारिंयों के लक्षण पैदा हो जाते हैं जिनमें ये लक्षण प्रमुख रूप से दिखाई पडते हैः
गले या बगल में सूजन भरी गिल्टियों का हो जाना.
लगातार कई-कई हफ्ते अतिसार घटते जाना.
लगातार कई-कई हफ्ते बुखार रहना.
हफ्ते खांसी रहना.
अकारण वजन घटते जाना.
मूंह में घाव हो जाना.
त्वचा पर दर्द भरे और खुजली वाले ददोरे/चकते हो जाना.
वही रैली को सफल बनाने में सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ फूल कुमार , सदर अस्पताल प्रबंधक नवनीत चन्द्रा, विवेक कुमार, दीपक कुमार,नौशाद अंसारी, चन्दन,सुमित, आशा कर्मी दीपिका सिंह, बबीता ठाकुर, बेबी,आशा,ममता,रिंकू देवी,मंजू देवी,किरण देवी,एवम अन्य उपस्थित थे.
