हवलदार ने अपनी ही पिस्तौल से गोली मारकर आत्महत्या - The Ujala Times News
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हवलदार ने अपनी ही पिस्तौल से गोली मारकर आत्महत्या

चौसा प्रखंड अंतर्गत फुलौत थाना में पदस्थापित हवलदार ने अपनी ही पिस्तौल से गोली मारकर आत्महत्या कर लिया घटना शुक्रवार की देर रात की बताई जा रही है। फुलौत थाना में पदस्थापित हवलदार वकील सिंह उम्र 55 वर्ष करीब ने चौसा प्रखंड अंतर्गत फुलौत थाना के सामने पशु चिकित्सालय स्थित अस्थाई आवास में शुक्रवार की देर रात्रि में अपनी ही पिस्टल से मस्तिष्क में गोली मार लिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.उधर घटना की जानकारी मिलते हैं पुलिस महकमें में खलबली मच गई घटना के बाद एएसपी प्रवेंद्र भारती,एसडीपीओ अविनाश कुमार,चौसा थाना अध्यक्ष अमित कुमार राय सहित अन्य पुलिस बल फुलौत थाना पहुंचकर मामले की पड़ताल में जुट गए.घटना के बाद प्रक्रिया पूरी करने के शनिवार को दोपहर में पोस्टमार्टम के लिए मधेपुरा भेज दिया गया. घटना के कुछ ही देर बाद विधि विज्ञान प्रयोगशाला भागलपुर की टीम भी चौसा प्रखंड के फुलौत थाना पर पहुंचकर घटना से संबंधित साक्ष्य को जुटाने में जुट गए बताया जा रहा है कि मृतक हवलदार वकील सिंह करीब छः महीने पूर्व पुलिस लाइन मधेपुरा के सिंहेश्वर से फुलौत थाना में पदस्थापित किया गया था.मृतक हवलदार वकील सिंह मूल रूप से बिहार के छपरा जिला अंतर्गत मशरक थाना क्षेत्र से सेमरा वार्ड नंबर 06 निवासी थे।

मानसिक रूप से बीमार चल रहे थे मृतक हवलदार

घटना में मृतक हवलदार वकील सिंह पिछले कई वर्षों मानसिक रूप से बीमार चल रहा था.जिसका इलाज भी कराया जा रहा था हवलदार के साथ उनका भतीजा कुंदन कुमार भी साथ ही रहता था लेकिन वह पिछले 03- 04 दिनों से घर चला गया था और उसके जगह दूसरा भतीजा सुंदर कुमार यहां रह कर उनको ससमय दवाई दिया करता था.घटना के संदर्भ में फुलौत थाना अध्यक्ष शिशुपाल रविदास ने बताया कि घटना की जानकारी उन्हें शनिवार की सुबह करीब 7 बजे में बैरक के सिपाहियों द्वारा मिली थी बताया जा रहा है कि जिस रूम में मृतक हवलदार वकील सिंह का बिछावन था उसी रूम में फुलौत थाने में ही पदस्थापित दरोगा वीरेंद्र सिंह एवं सिपाही अमित कुमार का भी अस्थाई आवास है लेकिन गोली चलने की आवाज किसी को नहीं सुनाई दिए शनिवार की सुबह में सिपाही अजीत फ्रेश होने के बाद जब वकील सिंह को जगाने गया तो वह खून से सना हुआ शव पाया जिसकी जानकारी थाना अध्यक्ष को दी.

गोली चलने की आवाज नहीं सुने सह कर्मी और पदाधिकारी

घटना के बाद पुलिस विभाग पर बहुत बड़ा सवालिया निशान उठना शुरू हो गया है कि जिस रूम में आवास हो और वही गोली मार हवलदार आत्म हत्या कर ले इसकी जानकारी न आवास में रह रहे पुलिस पदाधिकारी और सिपाही को इसकी भनक नहीं लग सकी कहीं न कहीं यह पुलिस विभाग के लिए एक सवालिया निशान पैदा कर रही है.

क्या कहते है एसडीपीओ

वही इस बाबत अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि विभिन्न बिंदुओं पर बारीकी से पड़ताल की जा रही है.

फोटो:- प्रोफाईल फोटो

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