सदर अस्पताल में कार्यरत हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर पवन कुमार अपहरण के मामले में दो और युवक की हुई गिरफ्तारी अन्य अपराधी की अभी भी खोजबीन जारी—–एएसपी प्रवेंद्र भारती

गौरतलब हो की बीते दिन डॉ पवन कुमार सदर अस्पताल से अपने घर सहरसा जा रहे थे. इसी दौरान मिठाई के समीप किसी अज्ञात लोगों ने कहा था कि तुम्हे जान से मारने के लिए पांच लाख रूपए मिला है .अगर तुम अपनी जान बचाना चाहते हो तो पांच लाख दो हम तुमको छोड़ देंगे.जब डा ने बोला की मेरे पास पैसे नहीं है तब अज्ञात बंदूकधारी अपराधी ने बोला की तुम फोन पे तो चलाते हो उसमे से भेजो तब मोबाइल से अपने यूपीआई मोबाइल ने करीब 1 लाख रुपए और उनकी दूसरे फोन पे अकाउंट से 70 हजार और सोने का चेन ले लिया था. इसके बाद मधेपुरा पुलिस हरकत में आ गई थी. वही तकनीकी अनुसंधान के कार्य करते हुए सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सह अपर पुलिस अधीक्षक प्रवेंद्र भारती के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई थी. जिसमें सदर थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार, मितेंद्र मंडल, सिपाही सोनू कुमार और सिपल कुमार को शामिल किया गया था. इसके बाद सदर थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर चार के निवासी आलोक कुमार के पुत्र अनुराग आनंद को गिरफ्तार किया गया था.वही इसके दो अक्टूबर को शाम को सहरसा जिला के दिधिया थाना के निवासी धनंजय यादव के 18 वर्ष से पुत्र चंदन कुमार और सहरसा जिला के सिरदेय पट्टी थाना के निवासी मनोज यादव के 20 वर्षी पुत्र कृष्णा कुमार जिसके बाद पूछताछ के दौरान उसने अपना गुनाह स्वीकार किया इसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में लेकर उसे जेल भेज दिया गया.
