Holi Special : होली के लिए गुलजार हुआ मधेपुरा का बाजार म्यूजिकल गन पिचकारी से इस बार बरसेगा रंग, मार्केट में आया गुलाल उड़ाने वाला सिलेंडर

मधेपुरा\बिहार: होली में रंग व पिचकारी एवं कपड़े की सजी दुकान लेकिन आम आदमी की जेब पार फीकी पर रही त्योहार
दुकानदार का कहना है कि बाजार में देर शाम तक बनी रही चहल पहल लेकिन बिक्री बंटा कोई खास नही
जिले भर में होली की धूम मचने लगी है. कई जगहों पर बीते दो दिनों से ही होली की मस्ती चरम पर दिखने लगी है. आमतौर पर लोग मंगलवार और बुधवार को होली का त्योहार मनायेंगे. हालांकि ग्रामीण इलाके में ज्यादातर जगहों पर सोमवार को ही होली की तैयारी है, जबकि शहर के लोग सोमवार को रंग बरसाने के लिए तैयार है. इस बाबत कई जगहों पर राजनीतिक दल व समाजसेवी संगठनों द्वारा होली मिलन समारोह का भी आयोजन किया गया है. लोगों में उत्साह का आलम इस कदर हावी है कि घर घर में होली के गीत माहौल को होली के रंग में रंगने का काम कर रहे है. बस स्टैंड और स्टेशन पर आवाजाही करते लोगों की भीड़ हमेशा बनी रही.
–सुबह से ही बाजार में लगने लगी भीड़-
होली पर्व को लेकर दो दिनों से ही बाजार उछाल पर रहा. ग्रामीण इलाके के लोग सुबह से ही बाजार पहुंचने लगे. खासकर कपड़े और किराना दुकानों पर ज्यादा भीड़ देखी गयी. खासकर घी, रिफाइन, सुजी, मैदा की बिक्री अपने चरम पर रही है. इसके अलावा मिठाई के दुकान पर भी भीड़ देखी गयी. कपड़ों की दुकान पर लोगों ने कुर्ता-पायजामा की खरीददारी जमकर की है. कोरोना का असर मौजूद है इसके बावजूद लोग होली के जश्न को मनाने में पीछे नहीं रहना चाहते है.
–घर घर में बन रहे है पुआ पकवान-
होली के मौके पर घर घर में पारंपरिक पकवान बनाने का रिवाज है. जिसमें खासकर विभिन्न प्रकार के पुआ पकवान व दहीबाड़ा सभी घरों में बनाये जाते है. घर में बनने वाले पकवान का पहला भोग भी सभी अपने कुल देवता को लगाते है. इसके अलावा इन्हीं पकवानों से आगत अतिथियों का स्वागत भी करते है.
–गीतों में सुनने को मिल रहे मोहन खेले होली रे-
कोरोना काल में घर घर झुंड बनाकर होली खेलने जाने वालों की तादाद जरूर कम हो गयी है. इस कमी के साथ होली के मौके पर ढ़ोल व मृदंग की धून पर बजने वाले मिथिलांचल के प्रसिद्ध होली गीतों से भी लोग दूर हो गये है. पहले के समय में मोहन खेले होरी रे… आज बृज में होरी रे रसिया जैसे एक से बढ़कर एक होली गीतों का चलन रहा है. वर्तमान में लोग यू ट्यूब पर उन गीतों को सुन तसल्ली कर रहे है. कई जगहों पर डीजे की धून पर ही लोग झूमते रहते है. हालांकि भोजपुरी द्विअर्थी गीतों की वजह से होली के मौके पर गीत सुनने वालों की तादाद कम भी हुई है.
–रंग और गुलाल ही नहीं मुखौटे की है डिमांड–
होली के मौके पर अमूमन लोग सिंथेटिक रंगों से परहेज करने लगे है. ऐसे में हर्बल रंगों की मांग ज्यादा हो गयी है. इसके अलावा नेताओं सहित राक्षसों के मुखौटे भी खूब बिक रहे है. इनमें मोदी व लालू मुखौटे की डिमांड सबसे ज्यादा है. हालांकि पिचकारी की बिक्री कम हुई है. लेकिन बच्चों के बीच लोकप्रियता बनी हुई है.
- मटन और चिकन का फूल है स्टॉक-
शहर के दर्जनों दुकानों पर शनिवार से ही मटन और चिकन की डिमांड बढ़ गयी है. दुकानदार भी स्टॉक पूरी तरह तैयार किये हुए है. इसके अलावा मोहल्ले के सभी नुक्कड़ों पर भी मटन बेचने की योजना है. हालांकि रंगों का पर्व होली को लेकर बाजार में रौनक बढ़ने लगी है, खास कर कपड़ों का बाजार सजकर काफी गर्म देखा जा रहा है. पिचकारी, अबीर-गुलाल, रंग व अन्य सामानों की दुकानें भी सजने लगी है.होली को लेकर प्रखंड क्षेत्र में काफी उमंग व उत्साह देखा जा रहा है.मालूम हो कि बीते तीन वर्ष के दौरान कोरोना महामारी के खौफ के बीच आमलोग काफी डरे-सहमे होली का पर्व मनाए थे. लोग कपड़ों में सिर्फ रेडीमेड ही नहीं बल्कि कपड़े खरीद कर भी खासकर कुर्ता-पाजामा सिलवाने में जुट गए हैं.दुकानदारों की मानें तो अब सिर्फ दो दिन बचा है होली में बाजार में होली का रंग और चढ़ने वाला है. ऐसी संभावना है कि इस बार होली में काफी जमकर धमाल मचेगी. बाजार में दुकानदारों को भी होली पर्व से काफी उम्मीदें लगी हुई है. उम्मीद की जा रही है कि इस बार होली में प्रखंड मुख्यालय में लाखों का अतिरिक्त कारोबार हो सकता है. मुख्यालय के मुख्य बाजार में रंगों के साथ पिचकारी, अबीर-गुलाल के अलावा होली में बिकने वाली अन्य सामग्री की दुकानें सजने लगी है. यद्यपि बाजार में अभी ग्राहकों की संख्या काफी कम देखी जा रही है. होली पर्व में सबसे अधिक रेडीमेड कपड़े की बिक्री होती है. इसके अलावा महिलाएं सूती सहित अन्य फैंसी साड़ी की भी जमकर खरीददारी करती है. इसलिए दुकानदार भी ग्राहकों की पसंद के अनुसार ने डिजाइनों के हर रंग के कपड़ों का अच्छा खासा स्टाक कर रखा है.
बच्चों के लिए अलग अलग कार्टून कैरेक्टर्स जैसे स्पाइडर मैन, हल्क, कैप्टन अमेरिका, आयरन मैन, बाघ, चिपांजी, गुरिल्ला की शक्ल के मुखौटे मार्केट में मौजूद हैं। इसके साथ ही बार्बी, पेपा पिग, बेन 10 कार्टून कैरेक्टर की भी बैग के साथ पिचकारी मार्केट में आई हुई है। इस बार मार्केट में डिज्नी के गुलाल आए हुए हैं जो कि एकदम हर्बल हैं। यह गुलाल फ्रूट फ्लेवर में अलग अलग रंगों में हैं। इसकी कीमत 80 रुपए है।
मार्केट में होली के सामानों की कीमतें
पिचकारी: 200-1800 रुपए
चश्मा: 60-250 रुपए
मुखौटा: 60-300 रुपए
विग: 150-300 रुपए
गुलाल स्प्रे: 200-300 रुपए
स्नो स्प्रे: 70-90 रुपए
साधारण गुलाल: 25-75 रुपए
हर्बल गुलाल: 20-100 रुपए
गुलाल उड़ाने वाला सिलेंडर: 1500-4500 रुपए
म्यूजिकल गन पिचकारी: 850 रुपए
गुलाल पंप: 450 रुपए
होली टी शर्ट: 150 रुपए
वाटर बैलून: 20 रुपए
होली पटाखा: 400 रुपए
