मधेपुरा: साहब, लड़के ही नहीं बिना लाइसेंस लड़कियां भी चलाती है गाड़ियां
सड़कों पर कम उम्र के युवक-युवती दौरा रहे हैं दो पहिया, प्रशासन व अभिभावक मौन
–सड़क पर वाहन चलाते युवती, ट्रिपल लोडिंग

मधेपुरा/बिहार: जिले में प्रतिदिन सड़क दुर्घटना से सरकार और जिला प्रशासन सबक नहीं ले रही है. जिस तरह से सड़कों पर अनियंत्रित वाहनों का आवागमन हो रहा है, चिंता का विषय है. वाहन चालक बिना रोक-टोक के निर्धारित गति से दोगुनी गति पर वाहन चला रहे हैं. साथ ही वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग और ध्रुमपान भी कर रहे हैं. जिससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है. आये दिन सड़कों पर देखने को मिल रही है कि नाबालिग बच्चे एवं बच्चियां को उनके माता-पिता मोटरसाइकिल या स्कूटी पकड़ा दे रहे हैं और वे बच्चे अपने साथ-साथ दूसरों के लिए भी काल बनकर सड़कों पर घूमते रहते हैं. यही नहीं सड़क चार पहिया वाहन चलाते हुए भी नाबालिग आसानी से दिख जाएंगे. जिन्हें रोकने टोकने वाला कोई नहीं है.
जिले की सड़कों की दोनों तरफ फुटपाथ अतिक्रमण के शिकार हैं. शहर में बाजारवासियों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के व्यवसायी को लेकर अतिक्रमण कर लिया गया है. इस कारण भी सड़क दुर्घटना में बढ़ोतरी हो रही है. सड़क किनारे स्थित फुटपाथ साफ-सुथरे एवं उपयोग लाइक रहे तो दुर्घटना पर काफी काबू पाया जा सकता है लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है.
- जन जागरूकता की जरूरत –
जन जागरूकता की जरूरत सड़क सुरक्षा को लेकर जन जागरूकता की कमी भी सड़क दुर्घटना की संख्या बढ़ रही है. अगर शिक्षण -प्रशिक्षण संस्थान और अन्य सार्वजनिक जगहों पर सड़क दुर्घटना से बचने के उपायों पर परिचर्चा का आयोजन किया जाए तो काफी हद तक काबू पाया जा सकता है. इसके अलावा सड़क दुर्घटना से बचने के लिए चेतावनी देने वाला बोर्ड लगा दिया जाए तो दुर्घटना में कमी आने की संभावना है. - आधुनिक तकनीक का उपयोग –
आधुनिक तत्वों के उपयोग से सड़क दुर्घटना पर काफी काबू पाया जा सकता है इसके लिए सड़कों के किनारे सीसीटीवी कैमरे और स्पीड चेकर लगाये जाने चाहिए. जिसके सहारे निर्धारित समय से अधिक गति से वाहन चलाने वाले को पकड़ा जा सके. इसके सारे जो वाहन चालक अपने निर्धारित लेन का दुरूपयोग करते हैं तथा ओवरटेकिंग करते हैं, उन्हें भी आसानी से पकड़ा जा सकता है.
