मधेपुरा:शहरवासियों ने कहा चुनाव के समय वादे को नही कर पा रहे है पूरा मुख्य पार्षद


- वोट के समय हम यह विकास करेंगे हम वो विकास करेंगे और अब हम आराम फमायेंगे
- शहर में जहाँ एक ओर कचरा फैली है वही दूसरी ओर खुले नाली आवारा पशु फैला रहा है कचरा
- नाले खुले रहने के कई तरह के जानलेवा संक्रमण का बना रहता है खतरा
मधेपुरा/बिहार: शहर में कूड़ेदान की सही व्यवस्था नहीं होने के कारण कूड़े के ढेर लगे रहते हैं सड़क के किनारे जिसका विचरण करते हैं आवारा पशु. नगर परिषद शहर के कचरे से निपटने के लिए कोई ठोस नीति नहीं बना पा रहा है, जिसकी खामियाजा शहरवासियों को भुगतनी पड़ रही है. शहर की जनसंख्या के हिसाब से कूड़ेदान ना होने की वजह से ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है तो दूसरी तरफ सफाई कर्मचारियों की भी कमी शहर को स्वच्छ रखने में कमी नजर आ रही है. सड़क पर पड़ा कचरा जिससे दुर्गध उठने के साथ ही वायु प्रदूषण भी हो रहा है. जो शहर के पर्यावरण के लिए एक गंभीर खतरा पैदा कर रहा है.जहां एक तरफ मौजूदा में भी सूबे सहित जिले में भी कोरोना वायरस एवं कई तरह संक्रमण फैली हुई है वहीं दूसरी ओर कूड़े कचरे से परेशान है शहरवासी:
शहर के स्थानीय निवासी अभिषेक भारती बताते है कि शहर को कचरा मुक्त करने में काफी दिक्कतों के सामने आ रही है नगर परिषद के प्रयासों के बाद भी कूड़ा निस्तारण केंद्र के लिए जमीन तक निर्धारित नहीं कर पा रही है.फिलहाल शहर का कचरा सड़कों पर पड़े- पड़े सरकर शहरवासी एवं राहगीरों के लिए परेशानी की सबक बन रही है.
वही शहर के स्थानीय निवासी भास्कर बताते है कि मुख्यालय के स्टेट बैंक के समीप सड़को के कई वर्षों से किनारे नाले की ढक्क्न नही रहने के कारण इस कूड़े कचरे से तब्दील नाले के दुर्गंध से ही जान चली जाएगी. सड़के ही नही बल्कि शहर के हर वार्ड की है ऐसी स्थिति बारिश पड़ने के बाद यह सब पूरे जलजमाव होकर और भी गंदी दुर्गंध देती है.
शहर के स्थानीय निवासी गौरव बताते है कि नालो कि ऐसी स्थिति है कि मानो कि जैसे इसमें कई वर्ष पूर्व ही इसकी सफाई नही हुई थी. कहीं ना कहीं नप के सफाई कर्मचारी भी लापरवाह है जिसके कारण शहरवासियों को यह परेशानी झेलनी पड़ रही है .
शहर के स्थानीय निवासी भूषण बताते है कि स्टेशन चौक स्थित एक विद्यालय के समीप नाले के ढक्कन नही रहने के कारण सारा कचरा नाले में ही जाता है और वही सफाईकर्मियों के अभाव में गलियों में पड़े कचरे को उठाने के बजाय उसे वही आग लगा देते हैं जिससे वायु प्रदूषण फैलता है.
कार्यपालक पदाधिकारी अमित कुमार बताते है जल्द ही सारी समस्याओं का निष्पादन कराया जाएगा हर वार्ड में वो स्वयं घूम रहे है.
