मच्छरों के लिए अनुकूल डेंगू को लेकर रहे सभी सतर्क
डेंगू है खतरनाक

घर के आसपास ना होने दें नाले के पानी का जमाव डेंगू से होगा बचाव गौरतलब हो कि मौसम में बदलाव आयी हुई है कभी ठंड तो कभी गर्म. कभी सर्द तो कभी गर्म के कारण जिले में जल जनित रोगों की संभावना भी बढ़ सकती है. जिले में सर्द ने दस्तक दे दी है जिस कारण तापमान में गिरावट हुई है. यह मौसम मच्छरों के अनुकूल भी हो गया है .इस वजह से मच्छर जनित बीमारियों की संभावना भी बढ़ गया है. अपने आस पास जलजमाव के कारण डेंगू व मलेरिया होने की संभावना है.ऐसे में सतर्क रहने की आवश्यकता है. सिविल सर्जन डॉ अब्दुश सलाम ने बताया कि डेंगू को लेकर अब मौसम अनुकूल होता जा रहा है. तापमान में उतार चढ़ाव पहुंच गया है .अभी के मौसम में ना ज्यादा गर्मी है और ना ही ज्यादा सर्दी ऐसे मौसम में डेंगू व मलेरिया के मच्छर ज्यादा पनपते हैं. ऐसा मौसम डेंगू के लिए अनुकूल माना जाता है. लोग डेंगू के प्रति सचेत रहे घर के आसपास पानी का जमाव ना होने दें इससे मच्छर नहीं पनपेगा. और आपका डेंगू से बचाव होगा. इसके बावजूद भी अगर कोई डेंगू की चपेट में आ गया तो तत्काल उसे अपने नजदीकी अस्पताल में जाकर उसका इलाज कराएं.
मच्छरदानी का करें इस्तेमाल:
डा यश शर्मा ने बताया कि घरेलू स्तर पर सावधानी बरतने में भी डेंगू के पांव पसारने से रोका जा सकता है .इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि घर के आसपास पानी को जमने नहीं दे. रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें. डेंगू के मच्छर दिन में अधिक काटता है. इसलिए दिन में विशेष तौर पर सतर्क रहें घर में कूलर के पानी को बार-बार बदलते रहें साथ ही घर के आसपास कोई ऐसा समान हो जिसमें पानी जमा हो तो उसे तत्काल हटा दे.
चिकित्सकों की परामर्श से ले जरूरी दवाइयां:
डा यश शर्मा ने बताया कि अमूमन सर्द शुरू होते ही जिला स्वास्थ समिति सतर्क हो जाता है जब भी ठंड का मौसम आरंभ होता है और सर्दी शुरू होने वाली रहती है उस दौरान डेंगू के ज्यादा मामले सामने आते हैं. अभी से लेकर फरवरी महीने तक लोगों में डेंगू होने की आशंका अधिक रहता है. उन्होंने बताया कि अगर मरीज को साधारण डेंगू बुखार हो तो उसका इलाज व देखभाल घर पर ही किया जा सकता है. चिकित्सकों की सलाह लेकर जरूरी दवाइयां ले सकते हैं. बिना चिकित्सक की सलाह से दवा लेने पर शरीर के प्लेटलेट्स अचानक कम हो सकता है. सामान्य रूप से खाना देना जल्दी रखें .बुखार की हालत में शरीर को और ज्यादा पौष्टिक भोजन की जरूरत होती है.
ऐसे पहचाने डेंगू को
अत्यधिक बुखार एवं सर दर्द का होना
मांसपेशियो पेट और पीठ या जॉइंट में दर्द होना
सामान्य से अधिक थकान का होना एवं चक्कर आना
भूख का नहीं लगना उल्टी एवं अधिक घबराहट का होना
शरीर पर लाल रंग के निशान बनना
गंभीर स्थिति में ब्लडिंग होना
दिन में कांटे हैं डेंगू के मच्छर
डेंगू मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से होता है. इन मच्छरों के शरीर पर चीते धारियां होती है. यह मच्छर दिन में खासकर सुबह में काटता है डेंगू बरसात के मौसम और उसके फौरन बाद के महीने यानी नवम्बर से फरवरी तक सबसे ज्यादा फैलता है. इस मौसम में मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां होती है. एडीज इजिप्टी मच्छर बहुत ऊंचाई तक नहीं उड़ पाते हैं.
