बिहार चुनाव के ढाई महीने बाद अनंत सिंह ने ली विधायक पद की शपथJDU की टिकट पर जीते थे इलेक्शन, जेल से कड़े सुरक्षा घेरे में पहुंचे विधानसभा - The Ujala Times News
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बिहार चुनाव के ढाई महीने बाद अनंत सिंह ने ली विधायक पद की शपथJDU की टिकट पर जीते थे इलेक्शन, जेल से कड़े सुरक्षा घेरे में पहुंचे विधानसभा

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के तकरीबन ढाई महीने बाद मोकामा से जनता दल यूनाइटेड (JDU) के विधायक अनंत सिंह ने आखिरकार विधानसभा सदस्यता की शपथ ले ली। विधानसभा चुनाव में JDU की टिकट पर जीत हासिल करने वाले अनंत सिंह को एमपी-एमएलए कोर्ट से विशेष इजाजत मिलने के बाद ही यह संभव हो सका। वे वर्तमान में पटना की बेउर जेल में बंद हैं, इसलिए कड़े सुरक्षा पहरे में जेल से विधानसभा लाए गए। शपथ ग्रहण के दौरान सदन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत मंत्रिमंडल के तमाम सदस्य मौजूद थे।शपथ लेने से पहले अनंत सिंह ने सदन में बैठे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पैर छुए। इसके बाद उन्होंने स्पीकर प्रेम कुमार का अभिवादन किया और शपथ ग्रहण की। इस पूरे समारोह के दौरान अनंत सिंह मुस्कुराते हुए नजर आए। उनकी यह शपथ विधानसभा के इतिहास में एक असाधारण घटना के रूप में दर्ज हो गई, क्योंकि वे जेल से सीधे सदन पहुंचे थे।चुनावी हिंसा और हत्याकांड का मामलाबता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान मोकामा विधानसभा क्षेत्र में व्यापक हिंसा देखने को मिली थी। इस हिंसा में दुलारचंद यादव की हत्या हो गई थी। इस हत्याकांड में अनंत सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया है। इसी मामले के सिलसिले में वे अभी पटना की बेउर जेल में बंद हैं। इसी कारण से अनंत सिंह अब तक विधानसभा सदस्यता की शपथ लेने में असमर्थ थे। एमपी-एमएलए कोर्ट से इजाजत मिलने के बाद उन्हें कड़े सुरक्षा पहरे में विधानसभा लाया गया था।

मोकामा सीट पर अनंत सिंह की जीत ने राजनीतिक हलकों में खासी चर्चा बटोरी थी। JDU की टिकट पर वे चुनाव जीते थे, लेकिन हत्याकांड के आरोपों के चलते उनकी सदस्यता लंबे समय से लंबित थी। अब शपथ ग्रहण के बाद वे औपचारिक रूप से विधायक के रूप में सक्रिय हो सकेंगे, हालांकि जेल में रहते हुए उनकी भूमिका सीमित रहेगी।सदन में नीट छात्रा हत्याकांड पर बहसवहीं, उसी सदन की बैठक में आज फिर से नीट छात्रा की हत्या का मामला गरमाया। काराकाट से सीपीआई (माले) के विधायक अरुण सिंह ने इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने कहा कि पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल और परफेक्ट गर्ल्स हॉस्टल में रेप और हत्या जैसी जघन्य घटना हुई है। यह बेहद चिंताजनक है कि शुरू से ही पुलिस और प्रशासन का रवैया ऐसे मामले में नकारात्मक रहा है।अरुण सिंह ने सदन में आरोप लगाया कि पुलिस-प्रशासन पर इस जघन्य अपराध को दबाने तथा इसमें शामिल रसूखदार व्यक्तियों को बचाने के गंभीर आरोप लगे हैं। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सजा मिले। सदन में यह मुद्दा उठने से विपक्ष और सत्ताधारी दलों के बीच तनाव बढ़ गया। विधायक ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन मौजूदा हालात बेहद खराब हैं।अनंत सिंह का राजनीतिक सफरअनंत सिंह बिहार की राजनीति में एक विवादास्पद लेकिन प्रभावशाली शख्सियत रहे हैं। मोकामा विधानसभा क्षेत्र से वे लंबे समय से विधायक रहे हैं। इस बार JDU की टिकट पर चुनाव लड़कर उन्होंने जीत हासिल की, लेकिन चुनावी हिंसा के आरोपों ने उनके राजनीतिक करियर पर सवाल खड़े कर दिए। हत्याकांड में मुख्य आरोपी होने के बावजूद कोर्ट से इजाजत मिलना उनके समर्थकों के लिए राहत की बात है। शपथ ग्रहण के दौरान सदन में मौजूद मंत्रियों की उपस्थिति से साफ जाहिर होता है कि पार्टी उनका साथ दे रही है।सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंदअनंत सिंह को विधानसभा लाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कड़ी रखी गई थी। जेल से सदन तक पूरे रास्ते में पुलिस बल तैनात रहा। सदन के अंदर भी विशेष सतर्कता बरती गई। शपथ ग्रहण के बाद उन्हें वापस जेल ले जाया गया। इस घटना ने बिहार विधानसभा के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।नीट छात्रा हत्याकांड की पृष्ठभूमिनीट छात्रा की हत्या का मामला पटना में हाल ही में सुर्खियों में रहा। शंभू गर्ल्स हॉस्टल और परफेक्ट गर्ल्स हॉस्टल से जुड़े इस मामले ने पूरे राज्य को झकझोर दिया। रेप और हत्या की इस घटना पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। सीपीआई (माले) विधायक अरुण सिंह ने सदन में इसे उठाकर सरकार को घेरा। उन्होंने पुलिस और प्रशासन पर रसूखदारों को बचाने का आरोप लगाया, जो चिंता का विषय बना हुआ है।यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ी करती है, बल्कि छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर रही है। सदन में उठे इस मुद्दे से स्पष्ट है कि विपक्ष सरकार पर दबाव बनाए रखेगा।राजनीतिक निहितार्थअनंत सिंह की शपथ और नीट हत्याकांड पर बहस से साफ है कि बिहार विधानसभा में मुद्दे गरम हैं। JDU विधायक की जेल से शपथ एक तरफ चर्चा का विषय बनी, वहीं दूसरी ओर छात्रा हत्याकांड ने सामाजिक मुद्दों को उजागर किया। भविष्य में इन मामलों पर और बहस होने की संभावना है।

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