नगर परिषद की उदासीनता से स्थानीय लोग व राहगीर परेशान खुले हैं नाली के ढक्कन हो सकता है कभी भी हादसा - The Ujala Times News
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नगर परिषद की उदासीनता से स्थानीय लोग व राहगीर परेशान खुले हैं नाली के ढक्कन हो सकता है कभी भी हादसा

प्रधान प्रधान संपादक अमन श्रीवास्तव की खास रिपोर्ट

सड़क के बीचो बीच नाला है. और नाला में गड्ढा है .वही उसके सटा विद्यालय हैं. विद्यालय से जब छुट्टी होती है तब दर्जनों बच्चे झुंड में बाहर निकलते हैं. ऐसे में नाले के गड्ढे में गिर कर कभी भी हादसा हो सकता है. शहरी क्षेत्र के सड़क नाले की देखरेख की जवाबदेही यू तो नगर परिषद की होती है लेकिन स्कूल के बच्चों की सुरक्षा की जवाबदेही यकीनन स्कूल प्रशासन की है लेकिन दोनों में से कोई भी नाली के खुले ढक्कन को ढकने की जहमत नहीं उठा रही है.हालांकि अभी पर्व त्योहार के कारण विद्यालय बंद था.लेकिन इस समस्या के निदान के लिए कोई पहल नहीं होना अपने आप में एक बड़ा सवाल है यह स्थित शहर के एक विद्यालय या किसी एक गली किसी एक मोहल्ले या फिर किसी एक वार्ड की नहीं बल्कि नगर परिषद क्षेत्र के लगभग सभी सभी वार्डों में नाले की स्थिति ऐसी ही है.ऐसी ही हालत स्टेट बैंक स्थित मोहल्ले की है जहां कई वर्षों से नाले की ढक्कन नही है. जिस पर नगर परिषद वह जिले के सभी वरीय अधिकारियों की नजर पड़ती है. लेकिन कोई भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है .उसका खामियाजा विद्यालय के छोटे-छोटे बच्चों एवं बूढ़े को भुगतना पड़ सकता है.

नाले के गड्ढे में गिरकर हादसे का शिकार हो सकते हैं बच्चे:

जिला मुख्यालय स्थित शिव मंदिर रोड के बगल में गुजरने वाली सड़क जो मुख्य डाकघर के साथ-साथ एक बड़े मोहल्ले से गुजरती है साथ ही इस सड़क में एक सरकारी विद्यालय भी अवस्थित है .इस सड़क पर कभी भी हादसा हो सकता है .सड़क के बीचो बीच नाला है. इस नाले के ऊपर का ढक्कन खुला है ,नाले की गहराई लगभग पांच फुट है. विद्यालय से जब बच्चों की छुट्टी होती है. तब दर्जनों बच्चे झुंड से बाहर निकलते हैं. ऐसे में नाली के गड्ढे में गिर कर कभी भी हादसे के शिकार हो सकते हैं. इसके बावजूद नगर परिषद व स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा संज्ञान नहीं लिया जा रहा है. स्थानीय लोगों द्वारा कई बार इस मामले की शिकायत भी की गई है.
समस्या के निदान पर ध्यान नहीं है. इस समस्या के निदान के लिए कोई पहल नहीं होना अपने आप में एक बड़ा सवाल है.
दिन के समय तो लोग बच कर निकल जाते हैं लेकिन शाम होने के बाद राहगीर रोजाना चोटिल हो रहे हैं:

नाली का ढक्कन टूटा होने के कारण कोई भी विद्यालय का बच्चा वाहन चालक या राहगीर उसमें गिरकर घायल हो सकता है. स्थानीय लोगों ने बताया कि नाला का एक ढक्कन कई महीनों से खुला पड़ा है इसके बावजूद नगर परिषद इस और कभी संज्ञान नहीं ले रहे हैं जानलेवा गड्ढा कभी भी बड़ा हादसा का गवाह बन सकता है .लोगों ने बताया कि नाला में पानी लबालब भरा है जिससे काफी दुर्गंध निकलती है.

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