दिल्लीवालों को मिला नए साल का तोहफा! यमुना पार करने के लिए बनेगा रोपवे, जानिए क्या है प्लान
दिल्लीवालों को मिला नए साल का तोहफा! यमुना पार करने के लिए बनेगा रोपवे, जानिए क्या है प्लान
दिल्ली में यमुना पार करने के लिए एक नए नॉन पॉल्युटिंग पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में रोपवे या केबलवे की योजना बनाई गई है। इसके माध्यम से केबल कारें यमुना के आर-पार यात्रियों को उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाएंगी, जिससे सड़कों पर गाड़ियों की संख्या कम होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी।
दिल्ली में यमुना पार करने के लिए रोपवे या केबलवे बनेगा। इस पर चलने वाली केबल कार लोगों को यमुना के आर पार ले जाकर उनके गंतव्यों तक छोड़ेगी। एलजी वी के सक्सेना ने हाल में हुई मीटिंग के दौरान राजधानी को एक और नॉन पॉल्युटिंग पब्लिक ट्रांसपोर्ट देने के लिए यह शुरुआत की है। उन्होने डीडीए को निर्देश दिए कि रोपवे के लिए साइट ढूंढने का सर्वे, रोपवे के लिए इंस्टॉलेशन आदि के लिए एक महीने में रिपोर्ट सौंपने को कहा है। एक महीने में डीडीए को यह रिपोर्ट सौंपने के निर्देश एलजी ने दिए हैं।
एलजी ने डीडीए को दिए निर्देश
दिल्ली के लोगों को यह नए साल का पहला तोहफा है। यह प्रोजक्ट जैसे ही शुरू होगा एक फिक्स टाइम के तहत सुबह से शाम तक केबल कारें चलेंगी। एक केबल कार में 50 लोगों की क्षमता होगी। यमुना के फ्लडप्लेन की जिम्मेदारी डीडीए की है और इसी वजह से वह इस प्रोजेक्ट के लिए साइट तलाशेगा। एलजी ने डीडीए को यमुना के किनारे बने मेट्रो स्टेशन के आसपास जगह तलाशने को कहा है। इससे यमुना बाढ़ क्षेत्र में कंक्रीट करने की जरूरत भी नहीं रहेगी और अतिक्रमण की संभावना भी कम होगी। एलजी ने यह भी निर्देश दिए कि डीडीए के अधिकारी ऐसी साइटों को चुने, जो मेट्रो स्टेशन या डीटीसी बस स्टैंड से पैदल दूरी पर हो।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने के लिए करेगा प्रेरित
इस प्रोजेक्ट का मकसद लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने के लिए प्रेरित करना, सड़कों पर बढ़ती गाड़ियों क संख्या को कम करना और लोगों को छोटी दूरी के लिए पैदल चलने की आदत डालना है। इससे राजधानी में पब्लिक ट्रासंपोर्ट का एक और विकल्प भी मिलेगा। साथ ही, नदी पार आने जाने के लिए यह नॉन पॉल्युटिंग ट्रांसपोर्ट होगा जो बस और मेट्रो से जुड़ा होगा। इससे सड़कों और ब्रिज पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।
मिलेगा एक वैकल्पिक रूट
इसके साथ ही इससे एक वैकल्पिक रूट भी मिल जाएगा, जो लोगों को उनके ऑफिस व घरों के नजदीक तक ले जाएगा। इससे लोगों को सड़कों का लंबा जाम और रास्ता पार करने की जरूरत नहीं रहेगी। इससे न सिर्फ ट्रैवल टाइम कम होगा, बल्कि प्रदूषण में भी कमी आएगी।
