उफ उफ गर्मी ने किया जनमानस बेहाल:

सुबह से ही तापमान पहुँचा 36 के पार

भीषण गर्मी, कड़ाके की धूप व गर्म हवाओं के चलने से जनजीवन और पशु-पक्षी बेहाल हो गए हैं.धूप की वजह से पछुआ हवा ऐसे चल रही है जैसे आग की लपटें आ रही हों. घर से निकलते ही लोगों के चेहरे झुलसने लग रहे हैं.गर्मी की वजह से जनमानस के साथ पशु-पक्षी भी दिन में पेड़ों की छांव में नजर आ रहे हैं. इन दिनों तेज धूप के कारण सड़कों पर सन्नाटा बन रहा. सड़कों पर दिखने वाले लोग भी चेहरे और हाथ-पैर को ढककर निकल रहे हैं.वही गर्मी की तपिश बुझाने के लिए जहां मवेशी नदियों के पास दिख रहे हैं. भीषण गर्मी की वजह से आमजन के साथ बेजुबान भी प्यास से छटपटा रहे हैं.पूरे दिन सड़कों पर सन्नाटा पसरा रह है.आसमान से आग बरस रही है. सुबह दस बजे हैं लेकिन धूप इतनी तीखी कि बर्दाश्त नहीं हो रही है.जैसे-जैसे दिन चढ़ा, सूरज किसी आग के गोले के समान दिखने लगा. तपिश ऐसी कि लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हो गये.गर्म हवाओं से जनजीवन दिनभर अस्त-व्यस्त रहा.सड़कों पर पैदल जा रहे लोग या दो पहिये सवार लोगों में तेजी थी कि किसी तरह जल्दी से जल्दी घर पहुंचा जाये और भीषण गर्मी से बचा जाये.इस भीषण गर्मी में कामकाजी सबसे ज्यादा हलकान रहे.भारी गर्मी से आम लोगों के साथ साथ पशु-पक्षी भी बेहाल रहे और छांव की तलाश में लगे रहे.
तेज धूप से आकर ठंडा पेयजल पीकर हो रहे लोग बीमार:
इस भीषण गर्मी से लोग तेजी से सर्दी-जुकाम और बुखार की चपेट में आ रहे हैं, हालत यह हो गई है कि घर-घर बीमार हैं जिला अस्पताल के साथ निजी अस्पतालों में इलाज के लिए मरीजों की भीड़ उमड़ रही है.उमस भरी गर्मी का प्रकोप दिन प्रति दिन बढ़ता जा रहा है. गर्मी से आम जनमानस बेहाल है. गर्मी में उल्टी दस्त और डायरिया सेहत पर भारी पड़ रहा है. जिला अस्पताल हो या फिर प्राइवेट क्लीनिक हर जगह डायरिया से पीड़ित रोगियों की भीड़ लगी दिखती है. उमस भरी गर्मी इन दिनों लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है. गर्मी और दूषित खानपान से संक्रामक रोगों से पीड़ित रोगियों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है.इन दिनों ऐसा हो ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर, खानपान का रखें ध्यान
इन दिनों खान-पान में सावधानी जरूरी है.सुबह के नाश्ते में पोहा, उपमा, इडली, सूखे टोस्ट, परांठा आदि लिया जा सकता है, दोपहर में तले- भुने खाने के बजाए दाल, सब्जी, सलाद रोटी उपयुक्त रहती है.रात के खाने में रोटी और सब्जी ठीक रहती है. सूप इस मौसम में फायदेमंद रहता है. हल्दी डालकर दूध का सेवन पेट और त्वचा के लिए उपयुक्त रहता है.मौसम में बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है.
सदर अस्पताल के चिकित्सक ने दी सलाह:
सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ राकेश कुमार ने बताया कि ऐसे में स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की जरूरत है.तबीयत बिगड़ने पर फौरन अस्पताल पहुंचें अनदेखी न करें.ठंडे पानी से बच्चों को न नहलाएं, बरतें सावधानी उतार-चढ़ाव भरे मौसम में बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना होगा. जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है.
