शहर में नाले का पानी ओवरफ्लो, गंदगी के कारण बदबू से परेशान शहरवासी

जिम्मेदार नहीं दिखा पा रहे हैं जिम्मेदारी
शहर के सड़को पर ओवरफ्लो हो रहे नाले के गंदे पानी से बिगड़ी शहर की सूरत, नप बैठा है मौन- -राहगीरों को गंदे, काले व बदबूदार पानी लांघकर ही आगे बढ़ने की है मजबूरी- प्रतिनिधि, मधेपुरा मधेपुरा शहर का मुख्य मार्ग एक अणे मार्ग यानी सीएम आवास के नाम से जाना जाता है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जब भी मधेपुरा या फिर कोसी के अन्य जिले में कार्यक्रम होता है, तब वे यहीं ठहरते हैं. चुनाव के समय तो यहीं रहकर अलग-अलग जिलों में चुनाव प्रचार को जाते हैं. दरअसल यह विधान पार्षद और सीएम के मित्र ललन सर्राफ का आवास है और यह आवास पूरी तरह नाले के गंदे पानी से घिरा हुआ है. अंदर प्रवेश करने तक की स्थिति नहीं है. आते-जाते लोग इसे देख हंसते-मुस्कुराते हैं और इतना जरूर कहते हैं कि जब सीएम आवास की यह स्थिति है तो, दूसरे इलाकों में नाले की सफाई की बात करना ज्यादती ही होगी. -सभी सड़कों का है यही हाल- लंबे समय से नालों की सफाई नहीं हाेने से वे पूरी तरह से गाद से भरे हुए हैं. अब वे नाले अपने अंदर पानी का एक बूंद भी रखने की क्षमता नहीं रखते हैं. लिहाजा नाले का गंदा, काला और बदबूदार सड़कों पर बहता रहता है. पूर्णिया गोला रोड से कर्पूरी चौक, कर्पूरी चौक से स्टेशन चौक, पूर्णिया गोला चौक से जयपालपट्टी तक सड़क की स्थिति काफी खराब है. इस भीषण गर्मी में भी इन सड़कों पर नाले का पानी ओवरफ्लो कर बहता रहता है. इन मार्गों पर स्थित दुकानों के दुकानदार परेशान हैं, क्योंकि उनके यहां ग्राहक नहीं पहुंच पा रहे हैं. आम राहगीरों को उसी गंदे पानी से होकर चलने की नौबत बनी हुई है. -नप की लापरवाही की है इंतहा- शहर के मुख्य बाजार की यह बदहाली सिर्फ और सिर्फ नगर परिषद की लापरवाही और अकर्मण्यता से है. नप के अधिकारी सहित जिला प्रशासन की गाड़ियां इस मार्ग से होकर गुजरती रहती है. नाले की दशा से सब अवगत हैं. बावजूद नालों की सफाई कराने की दिशा में निष्क्रिय बने हुए हैं. स्थानीय अमन कुमार, आनंद कुमार, पृथ्वी कुमार, रोशन श्रॉफ,सहित अन्य ने कहा कि पिछली बार नाले की सफाई कब हुई थी, उन्हें याद भी नहीं है. नप के अधिकारी या वार्ड आयुक्त को शिकायत करने का कोई असर नहीं हो रहा है. अधिकारियों की शिथिलता के कारण मधेपुरा गंदे नालों का शहर बनता जा रहा है.
