जुलाई को हरियाली अमावस्या, बन रहा है ये शुभ योग, जानें मुहूर्त, पितृ शांति के लिए कारगर उपाय

श्रावण मास में पड़ने वाली अमावस्या को हरियाली अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इसे श्रावणी अमावस्या भी कहते हैं। सावन में चारो तरफ धरा हरियाली चादर ओढ़ लेती है। खेत खलिहान सब हरेभरे हो जाते हैं इसलिए इसे हरियाली अमावस्या कहा जाता है। इस बार 28 जुलाई को हरियाली अमावस्या मनाई जाएगी और इस दिन शुभ योग भी बन रहे हैं। अमावस्या तिथि पर स्नान-दान के साथ पितरों के श्राद्ध और तर्पण करने का विधान है। पितृ शांति के लिए अमावस्या के कुछ विशेष उपाय किए जाते हैं। श्रावण मास की अमावस्या तिथि प्रारंभ – 27 जुलाई 2022 बुधवार रात 09:11 बजे सेश्रावण मास की अमावस्या तिथि समाप्त – 28 जुलाई 2022 गुरुवार की रात 11:24 बजे
श्रावणी अमावस्या पर शुभ योग
हिंदू पंचांग की गणना के अनुसार, हरियाली अमावस्या के दिन इस बार गुरु पुष्य का शुभ योग भी बन रहा हैं। पुष्य को नक्षत्रों का राजा माना जाता है इसलिए इस योग में तर्पण, पिंडदान करना पुण्यकारी माना गया है। इस दिन सुबह 07:05 तक पुनर्वसु नक्षत्र होने से सिद्धि और उसके बाद पुष्य नक्षत्र होने से दो शुभ योग बनेंगे।
राशि के हिसाब से यह पौधे लगाएं
मेष- खेर।
वृषभ-गुलर, अनार।
मिथुन-अपामार्ग- नीम,
कर्क- पलाश,
सिंह-आक-सूरजमुखी,
कन्या- अपामार्ग, पीपल,
तुला आम, गूलर,
वृश्चिक-खेर, बट,
धनु आम, पीपल,
मकर- जामुन, पीपल
कुंभ- जामुन, वट,
मीन- पीपल।
सावन अमावस्या का महत्व
- सावन अमावस्या के दिन पितरों की तृप्ति के लिए पिंडदान, तर्पण, श्राद्ध कर्म आदि किए जाते हैं. पितृ दोष से मुक्ति के उपाय कर सकते हैं.
- सावन अमावस्या के अवसर पर आप अपनी राशि अनुसार पौधे लगाकर पुण्य प्राप्त कर सकते हैं.
- अमावस्या पर पितरों की पूजा करने से परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आती है.
