आज से तीन नए आपराधिक कानून लागू हो गए जिसको लेकर सदर थाना परिसर में हुई बैठक आयोजित
द उजाला टाइम्स न्यूज

अमन श्रीवास्तव
प्रधान संपादक
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सदर थाना में बैठक की अध्यक्षता करते हुए एएसपी प्रवेंद भारती ने बताया की आज से तीन अपराधिक कानून लागू हो जायेंगे .जिसमे नए आईपीसी की जगह भारतीय न्याय संहिता 2023, सीआरपीसी की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 लागू हो गए. भारतीय न्याय संहिता 2023 के अनुसार आज से किसी की हत्या हुई तो धारा 103 लगेगी.जबकि हत्या के मामले में आईपीसी की धारा 302 लगती थी. इसी तरह लूट के मामले में धारा 310 लगेगी पहले धारा 391 लगती थी. अब धोखाधड़ी करने पर किसी की 420 नहीं कह सकेंगे.धोखाधड़ी धारा 318 हो गई है. हालांकि कुछ सालों तक आईपीसी, सीआरपीसी और इंडिया एविडेंस एक्ट के साथ ये तीनों नए कानून प्रभावी रहेंगे.जानिए अब किस अपराध के लिए कौन सी धारा लागू होगी हत्या, लूट समेत अन्य गंभीर अपराध जिनमें सात साल या उससे ज्यादा की सजा का प्रावधान है, उनके लिए दर्ज केस में एफएसएल टीम को जाना होगा.
अब थाने जाकर केस दर्ज कराने की जरूरत नहीं है सदर थाना प्रभारी: विमलेंदु कुमार
ऑनलाइन कहीं से भी कर सकते हैं, लेकिन ऑनलाइन आवेदन की कॉपी पर तीन दिन के अंदर उस थाने में आकर हस्ताक्षर करने होंगे.इसके अलावा कहीं भी कोई घटना होने पर जीरो एफआईआर दर्ज कराई जा सकेगी. संबंधित थाना पुलिस उसे उसी थाने में भेजेगी. खास बात यह है कि थाने पहुंचने के बाद पुलिस को 30 मिनट के अंदर पीड़ित की शिकायत सुननी होगी,वरना कार्रवाई होगी. एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले में क्या हो रहा है, यह एफआईआर नंबर के आधार पर ऑनलाइन देखा जा सकता है. इंजिनी सेक्यू (ऑनर्स) एफएसएल टीम को मौके पर जाना होगा. टीम वहां जाकर सारे साक्ष्य एकत्र करेगी.इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों की मान्यता अन्य दस्तावेज की तरह ही होगी. इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य को मान्यता दी गई है. पहला अपराध अब (ऑनर्स) 103 हत्या 302 माना 309 तोड़ा गया निशान इंटेलीजेंस 392 तीन वर्ष से कम सजा वाले ट्रेनिंग हत्या की कोशिश धोखाधड़ी 109 (ऑनर्स) 307 फाइनल जिन मामलों में सजा 3 वर्ष या उससे कम है, उनमें पुलिस पदाधिकारी की अनुमति के बिना आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होगी. जो पुराने कानून में नहीं था. 60 वर्ष से अधिक उम्र या शारीरिक रूप से कमजोर लोगों की गिरफ्तारी नहीं होगी. गिरफ्तार होने पर उसके परिवार को तुरंत सूचना देनी होगी. भगोड़े अपराधियों के अनुपस्थित रहने की स्थिति में 90 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल करने का आदेश मिला है.उन्होंने बताया की नए कानूनों के बारे में प्रशिक्षण हम सभी को पूर्व में ही दे दिया जा चुका है.तीन नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद एफआईआर से लेकर कोर्ट के फैसले तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो जाएगी.देश में ऐसी न्याय व्यवस्था स्थापित होगी जिससे तीन साल के भीतर न्याय मिल सकेगा.
अब गिरफ्तारी के फोटो और वीडियो बनाने होंगे पुलिस अधिकारी को नए कानून में जहां से गिरफ्तारी होगी, वहां के फोटो और वीडियो बनाने होंगे. रेप के मामले में सात दिन में मेडिकल रिपोर्ट और 60 दिन में जांच पूरी करनी होग. हर हाल में आईओ को तीन महीने में जांच रिपोर्ट पीड़िता को देनी होगी.केस वापस लेने से पहले पीड़िता का पक्ष सुनना होगा. तीन नए प्रमुख कानूनों का उद्देश्य सजा के बजाय न्याय प्रदान करना है. पुराने और नए दोनों कानून कई सालों तक साथ-साथ चलते रहेंगे.
वही बैठक में मौजूद सदर थाना अध्यक्ष विमलेंदु कुमार ,सदर यातायात थाना प्रभारी अमित कुमार, पुलिस निरीक्षक इंद्रजीत , शुभांगी कुमारी ,मधुमाला,ध्यानी यादव,रविंद्र यादव, परमेश्वरी यादव,शौकत अली,अहद राजा, निजामुल हक,गौतम,अजय,अंकेश एवं अन्य मौजूद थे.
जानिए अब किस अपराध में कौन धारा लगेगी
अपराध
पहले अब
हत्या
302 103
लूट
392 309
चोरी
378 303(1)
हत्या का प्रयास
307 109
धोखाधड़ी
420 318
रेप
376 64
जान मारने की धमकी
506 351
छेड़खानी
354 74
रेप
376 64
दहेज हत्या
304 बी 80
दूसरी शादी करना
494 82
नाबालिग का अपहरण
363 139
आत्महत्या के लिए
उकसाना
306 108
लज्जा भंग करना
509 79
लोकसेवकों को
डराकर रोकना
353 121
भ्रूणहत्या
315 91
रंगदारी
38 308
डकैती के दौरान कत्ल
396 310 (3)
पति या उसके रिश्तेदार
द्वारा क्रूरता
498 ए 85
