मधेपुरा में नवजात की मौत के बाद अवैध वसूली का आरोप, पीड़िता न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर - The Ujala Times News
ब्रेकिंग न्यूज़

मधेपुरा में नवजात की मौत के बाद अवैध वसूली का आरोप, पीड़िता न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर

मधेपुरा से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां दलालों के संरक्षण में फल-फूल रहे निजी अस्पतालों की मनमानी ने एक गरीब दंपति की गोद उजाड़ दी। मामला कर्पूरी चौक स्थित सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल का है, जहां इलाज के नाम पर अवैध वसूली, दबाव, बदसलूकी और लापरवाही का आरोप लगाया गया है। ग्वालपाड़ा प्रखंड के रसना पंचायत के वार्ड 09 निवासी प्रकाश मंडल एवं उनकी पत्नी मीरा कुमारी ने जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन को आवेदन देकर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी। मीरा कुमारी ने बताया कि 3 फरवरी को प्रसव पीड़ा बढ़ने पर उन्हें ग्वालपाड़ा सीएचसी ले जाया गया, लेकिन उपकरण की कमी का बहाना बनाकर रेफर कर दिया गया। उदाकिशुनगंज के आशा नर्सिंग होम ने भी उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया।इसी बीच मधेपुरा पहुंचते ही दो दलालों ने एंबुलेंस रोक ली और सदर अस्पताल में बेड खाली न होने का हवाला देते हुए उन्हें कर्पूरी चौक स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। मीरा के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन ने नवजात को ICU में भर्ती करने के नाम पर पहले 5,000 और बाद में 4,000 रुपये जबरन वसूले। डॉक्टरों ने 50,000 रुपये तक खर्च होने की धमकी देते हुए लगातार दबाव बनाया। गरीब होने के कारण जब परिजनों ने पैसे न दे पाने की मजबूरी बताई, तो अस्पताल कर्मियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और नवजात को देखने तक नहीं दिया।आरोप है कि इलाज में लापरवाही और देरी के कारण नवजात की हालत बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई। दुखद यह कि बच्चे की मौत के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने मामले को दबाने की कोशिश की और परिजनों को बाहर खदेड़ दिया।पीड़िता मीरा कुमारी ने कहा कि गरीबी का फायदा उठाकर मेरे बच्चे की जान से खेला गया… हमें न्याय चाहिए।डीएम ने मामले को गंभीर बताते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इधर सिविल सर्जन ने कहा कि ऐसे फर्जी क्लिनिक जल्द सिल कर दिए जाएंगे, जांच के बाद सख्त कार्रवाई होगी। अब देखना यह होगा कि क्या पीड़िता को न्याय मिलेगा या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button