Madhepura:यूपी के कुशीनगर में हुए बस हादसे

मधेपुरा जिले के सदर प्रखंड के हसनपुर बराही में आज यूपी के कुशीनगर में हुए बस हादसे के शिकार मजदूरों का शव पहुंचा। शव के पहुँचते ही हर तरफ़ चीख़ पुकार मच गयी। बच्चे, बुजुर्ग, महिला-पुरुष सभी दहाड़ मार के रोने लगे। हर गावँ बाले और आसपास के लोगों केआंख नम थे। सुशील सादा (35) की पत्नी दया देवी बार-बार बेहोश हो रही थी। 12 साल की बड़ी बेटी आशा अपने छोटे भाई बालकृष्ण, बहन शालू और बालमुकुंद को संभालने में लगी थी। पुरण के घर की स्थिति तो और खराब है। पिता चन्द्रकिशोर और भाई अन्दू घायल हैं। पूरण की माँ पुनिया देवी होश में नही हैं। उसकी बहन चीख चीख कर रो रही है। जिस जगह चिता सजी थी वहां का नज़ारा विचलित कर देने वाला था। अपने जवान 21 वर्षीय पोते पुराण को उसकी दादी कौशल्या देवी मुखाग्नि दी, हृदय को उसका छोटा बेटा धरवेंद्र 10 वर्ष का दे रहा था तो सुशील को उसका बड़ा बेटा बालकृष्ण 8 वर्ष मुखाग्नि दिया। एक माह में 7 से 10 हजार रुपये की बचत लेकर मजदूर अपने घर आते हैं। इस हादसे में घायल 14 लोग गावँ पहुंच चुके हैं। जिनका नाम अमित सदा, रामकुमार सदा, फुलेश्वर सदा, सैनी सदा, सत्यनारायण सदा, दीपनारायण सदा, पुरण -2, सुबेलाल सदा, बिकास, माखन, इंदल, अविनाश, सुभम और विजय सदा शामिल है। इस दौरान सुकदेव पिता लालधर, श्रीनाथ पिता भुवनेश्वर, राजेश पिता जोगिंदर, गुड्डू पिता विन्देश्वरी मौजूद रहे।
