Madhepura:कई वर्षों बीत जाने के बाबजूद भी विद्युत विभाग ने शहर के कवर्ड वायर से नहीं किया लेस जुगाड़ पर टिकी है विद्युत व्यवस्था

बाजार क्षेत्र में हर जगह अभी भी खंबे पर उल्टा पड़ा है सर्विस वायर हर किसी को हो रही है परेशानी:
विद्युत विभाग व विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने वाली साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के बीच आपसी समन्वय के अभाव में आज भी शहर में जर्जर तारों पर बिजली दौड़ रही है. पिछले 5 वर्षों से शहर में खुले तारों का कवर्ड वायर में बदलकर मौत के खौफ को दूर करने का काम चल रहा है. लेकिन ठेका एजेंसी ने साहब की नगरी की कवर्ड वायर व अंदर ग्राउंड वायरिंग कर अपने कार्य की इतिश्री कर ली है. आज भी शहर में टूटे वो ढीले बिजली तारों को बदलने की जगह जुगाड़ तकनीक पर बिजली आपूर्ति की जा रही है. जिसके कारण शहर में कई कहीं तारों का जंजाल बिछा है तो कहीं अवैध बुकिंग का माया जाल फैला हुआ है.
शहर में फैला हुआ है जर्जर तारों का मायाजाल:
शहर में जर्जर तारों का आलम यह है कि कनेक्शन धारी उपभोक्ता भी आज की तारीख में बुकिंग करते हैं. हर जगह जर्जर तारों का जंजाल बिछा है. शहर के सुभाष चौक, कॉलेज चौक, पानी टंकी चौक, डाक बंगला रोड स्थित एवं कई ऐसी जगह जहां बिजली के पोल पर तारों का जंजाल किसी मकड़ी के जाले से कम नहीं दिखता है. शहर के अधिकांश हिस्सों में विद्युत तार इधर से उधर गया हुआ है गौरतलब हो कि हल्की आंधी में भी का तार का टूटना यहां आम बात है. लेकिन जिसे कवर्ड वायर लगाने का ठेका दिया गया है. वे आज तक शहर में विद्युत तारों को व्यवस्थित नहीं कर सके हैं. इसके कारण आम लोगों के साथ ही राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अगर सिर उठाकर तारों की स्थिति कोई देख ले तो वह जितना जल्दी हो वहां से निकलना चाहेगा. गली- मोहल्ला हो या मुख्य मार्ग अथवा बाजार क्षेत्र हर जगह का खंबा सर्विस वायर से उलझा पड़ा है.
लचर कार्यप्रणाली के कारण बनी हुई है समस्या:
नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के जिम में मधेपुरा शहर समेत जिले में बिजली मेंटेनेंस कार्य है. यह बिजली कंपनी मेंटेनेंस के नाम पर आए दिन कई घंटों का शटरडॉउन लेती है.लेकिन शहर के बिजली पोल ट्रांसफार्मर व तार की हालत बयां कर रहे हैं कि विभागीय अधिकारी और कर्मचारी इस काम को गंभीरता से नहीं लेते हैं. स्थिति यह है कि करोड़ों खर्च के बाद भी पोल व तार जगह-जगह जर्जर है. शहर की स्थिति यह है कि शहर में किसी पर्व पर झांकियां, जुलूस निकालना है तो बिजली विभाग को सूचना देकर बिजली बंद करानी पड़ती है. बिजली विभाग द्वारा शहर में एवं सुव्यवस्थित बिजली तंत्र को बेहतर बनाने व समय-समय पर मेंटेनेंस कार्य के लिए बहुत दावे करती है.लेकिन हकीकत में बिजली व्यवस्था में कोई खास सुधार नहीं हो रहा है.
शहर के स्थानीय निवासी प्रो अभिषेक कुशवाहा बताते है कि शहर में अनेक जगहों पर ट्रांसफार्मर व बिजली के खंभे से लटकते तार मौत को दावत दे रहे हैं.शहर में रोड पर जहां नीचे इधर-उधर कूड़े का ढेर है. वही सिर के ऊपर मधेपुरा के मैन रोड से लेकर हर गली- मोहल्ले में उलझे बिजली तार दुर्घटना को आमंत्रण दे रहा है.
शहर के स्थानीय निवासी किंग्सन बताते है कि पोल पर लुंज-पुंज व पुराने तार से 11 हजार व 440 वोल्ट का करंट दौड़ता है. विभागीय लापरवाही के कारण जिले में विद्युत आपूर्ति मौत का कारोबार बनता जा रहा है. हर जगह पोल से तार लटक रहा हैं.
शहर के स्थानीय निवासी जॉनसन बताते है कि शहर के मेन रोड में बिछी हुई तारों की अव्यवस्था आपको हैरान कर देगी पुरानी तारों का लंबा जाल बिछा हुआ है. इससे आये दिन शॉर्ट सर्किट होती है. कई बार शिकायत भी की लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दिये. जिले में टूट हुए पोल व विद्युत के जर्जर तार पुरवा पछिया हवा के हल्के झोंको को भी झेल पाने में असमर्थ है.
जितना स्टॉक में था उतना लगा दिया गया है.वही विभाग को सर्वे रिपोर्ट भेजा गया है.और योजना स्वीकृति मिलने के बाद सारा जगह कवर्ड वायर लग जाएगा. तारानंद कुमार यादव बिजली विभाग एसडीओ
