बिहार पुलिस सप्ताह-2025 के अवसर पर पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह के निर्देशन में मधेपुरा पुलिस द्वारा विभिन्न विद्यालयों में महिला सशक्तिकरण से संबंधित निबंध एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया.

- अमन श्रीवास्तव
- सीईओ
- मधेपुरा
पुलिस सप्ताह-2025 के अवसर पर पुलिस अधीक्षक मधेपुरा के निर्देशन में मधेपुरा पुलिस द्वारा विभिन्न विद्यालयों में महिला सशक्तिकरण से संबंधित निबंध एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया एवं पुरस्कृत किया गया. जिसमे शामिल रहे मुख्यालय पुलिस उपाधीक्षक मनोज मोहन ,महिला थानाध्यक्ष मंजू देवी, एसआई नीतू कुमारी एवं अन्य विद्यालय के शिक्षक मौजूद थे.
महिला थाना से एसआई नीतू कुमारी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का मतलब है, महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार लाना. इससे महिलाएं अपने जीवन से जुड़े फ़ैसले लेने में सक्षम होती हैं. महिला सशक्तिकरण से महिलाओं को आत्मविश्वास मिलता है और वे समाज में अपने अधिकारों के लिए लड़ती हैं

महिला सशक्तिकरण के घटक:
महिलाओं की आत्म-सम्मान की भावना
चुनाव करने और फ़ैसले लेने का अधिकार
अवसरों और संसाधनों तक पहुंच का अधिकार
घर के अंदर और बाहर अपने जीवन को नियंत्रित करने की शक्ति
राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अधिक न्यायसंगत सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था
महिला सशक्तिकरण के लिए भारत सरकार के प्रयास: राष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण अभियान (एनएमईडब्लू), महिला एवं बाल विकास मंत्रालय.
महिला सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे काम:
महिलाओं को रोज़गार, शिक्षा, आर्थिक तरक्की के बराबर मौके देना
महिलाओं को लिंग आधारित असमानता के ख़िलाफ़ बोलने के लिए प्रोत्साहित करना
महिलाओं को चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित करना
महिलाओं को अपनी क्षमताओं के प्रति आश्वस्त करना
