Madhepura:शहर में लगे कचरे के ढेर,मच्छरों के त्राहिमाम से परेशान शहरवासी - The Ujala Times News
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Madhepura:शहर में लगे कचरे के ढेर,मच्छरों के त्राहिमाम से परेशान शहरवासी

कचरे के ढेर पर शहर ,सो रहे जिम्मेदार

शहर के गली- मोहल्लों में नियमित रूप से साफ-सफाई नहीं होने के कारण कूड़ा-कचरा का ढेर लगा है. घर-घर कूड़ा संग्रह भी नहीं किया जा रहा है. ऐसे में लोग जहां-तहां कूड़ा- कचरा फेंक रहे हैं.चौक-चौराहों से लेकर मोहल्लों में जगह-जगह कूड़ा करकट का अंबार लगा हुआ है. लंबे समय से सड़कों की भी सफाई नहीं हो रही है. सड़क किनारे गंदगी जमा होने से बीमारियां पनपने की आशंका बढ़ गई है. दुर्गध से आसपास के लोगों का रहना भी मुश्किल हो रहा है. वहीं मॉर्निग वॉकर्स को भी शुद्ध हवा नहीं मिल पा रही है.

शहर को नीट और क्लीन रखने के लिए नगर परिषद की ओर से सभी 26 वार्डों में घर- घर कूड़ा संग्रह करने की व्यवस्था की गयी है.अलग- अलग वार्डों के लिए सफाई कर्मी की तैनाती की गयी है. सफाई कर्मी को प्रत्येक दिन सुबह घर- घर जाकर कूड़ा संग्रह कर निर्धारित स्थान पर जमा करना है. इस व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए सुपौल के निवासी आशीष रंजन एनजीओ को जिम्मेदारी दी गयी है. शहर के एक से 26 वार्डों की सफाई की जिम्मेदारी दी गयी है. ज्ञात हो कि 26 वार्ड में नगर निगम को 140 सफाई कर्मी कार्यरत है. अनुबंध के अनुसार स्वयंसेवी संस्थाओं को मुख्य व सहायक सड़कों, गलियों, नालों की सफाई के साथ डोर टू डोर कचरा संग्रह की नियमित व्यवस्था करनी है.

शहर के अधिकांश नाले की नहीं हुई है उड़ाही : शहर के अधिकांश नाले जाम पड़े हैं.नगर परिषद की ओर से पूर्णिया गोला से जयपालपट्टी चौक और पूर्णिया गोला से कर्पूरी चौक तक दो नालों की उड़ाई कराने की बात कही गयी है.जमीनी हकीकत यह है कि इन दोनों नालों में भी कूड़ा- कचरा भरा है.नाला जाम रहने के कारण हल्की बारिश होते ही शहर के भिरखी वार्ड नं 21 पर भारी जलजमाव बड़ी समस्या बन रही है.नाले का कचरा पानी में बहकर सड़क पर जमा होने के कारण लोगों के लिए पैूदल चलना भी मुश्किल हो रहा है.

कचरा संग्रह करने नहीं पहुंचते सफाईकर्मी : नगर परिषद को सात स्वीपर, दो ट्रैक्टर,दो जेसीबी और दो टैंकर प्रदान की गयी है.कई वार्डों में डोर टू डोर कचर संग्रह करने के लिए सफाई कर्मियों के नहीं आने से लोग अपने घरों के आस- पास खाली स्थानों पर फेंकते हैं.इस कारण शहर के अंदर गलियों में भी कूड़ा- कचरा का ढेर लगा है.

प्रत्येक वार्ड की सफाई के लिए नगर परिषद की ओर से एनजीओ को हर माह करीब 19 लाख 13 हजार दो सौ 60 रुपये दिये जा रहे हैं.सफाई पर इतना खर्च किये जाने के बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था बदहाल बनी है. उल्लेखनीय है कि पहले 23 हजार रुपये प्रति माह दिया जाता था. सहायक सड़कों और गलियों की साफ- सफाई की बात तो दूर मुख्य सड़क पर ही सफाई का बुरा हाल है. शहर के पुरानी बाजार, मस्जिद चौक, थाना चौक, सुभाष चौक, बड़ी दुर्गा मंदिर, पूर्णिया गोला चौक, कर्पूरी चौक जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर भी सफाई का बुरा हाल है.

ये चौक- चौराहे शहर की पहचान माने जाते हैं.

इन चौक- चौराहों से होकर ही शहर में सबसे ज्यादा लोगों की आवाजाही होती है.गंदगी फैली रहने के कारण इन चौक- चौराहों से होकर आने- जाने में भी लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.शहर के मुख्य सड़कों और चौक- चौराहों के आस- पास कूड़ा- कचरे का ढेर होने के कारण शहर की पूरी सफाई व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है.

नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अजय कुमार पवन ने बताया कि शहर में साफ- सफाई का कार्य नियमित रूप से हो रहा है. डोर टू डोर कचरा संग्रह भी कराया जा रहा है.

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