बीएन मंडल स्टेडियम में स्वामी विवेकानंद जयंती: नाट्य कार्यशाला में नौ रसों पर चर्चा, युवाओं ने ली प्रेरणा की शपथ

12 जनवरी 2026: बीएन मंडल स्टेडियम के मुख्य भवन में चल रही नाट्य कार्यशाला के दौरान राष्ट्रीय युवा दिवस पर स्वामी विवेकानंद की जयंती उत्साहपूर्वक मनाई गई। कार्यशाला से जुड़े प्रशिक्षकों, शिक्षकों, युवाओं और छात्र-छात्राओं ने उनके तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद के जीवन और विचारों पर चर्चा से हुई। प्रशिक्षकों ने बताया कि उन्होंने युवाओं को आत्मविश्वास, मेहनत और देशसेवा का मार्ग दिखाया। राष्ट्रीय युवा दिवस का उद्देश्य युवाओं को जागरूक करना और लक्ष्यों के प्रति समर्पित रहना सिखाना है। स्वामी विवेकानंद का मानना था कि युवा शक्ति से ही देश आगे बढ़ सकता है।छात्र-छात्राओं और युवाओं ने उनके विचारों को ध्यान से सुना और प्रेरणा ली। शिक्षकों ने प्रसिद्ध विचारों को सरल शब्दों में समझाया—कठिन परिस्थितियों में हार न मानना, आत्मविश्वास रखना और निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी है। सभी ने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की शपथ ली।नाट्य कार्यशाला का तीसरा दिन शिक्षाप्रदकला एवं संस्कृति विभाग बिहार (पटना) और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का तीसरा दिन बेहद ज्ञानवर्धक रहा। जिले के सरकारी-निजी विद्यालयों और संस्थानों के छात्र-छात्राएं व युवा नाटक की बारीकियां सीख रहे हैं। तीसरे सत्र में नाटक के नौ रसों पर विस्तार से चर्चा हुई।एनएसडी सिक्किम और ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (दरभंगा) से नाट्यशास्त्र में स्नातकोत्तर प्रशिक्षक कुमार सुमित ने छात्रों को नौ रस आसान और रोचक तरीके से समझाए। उन्होंने कहा, “नाटक में नौ रसों का समावेश आवश्यक है, ताकि दर्शकों को विभिन्न भावनाओं से जोड़कर संपूर्ण अनुभव मिले।” प्रतिभागी उत्साहित दिखे और नाटक में इनका प्रयोग करने को तैयार।मौके पर स्थानीय प्रशिक्षक डॉ. सुरेश कुमार शशि, सुनीत साना, अमित कुमार अंशु, कुमार लाल दास, मिथुन कुमार गुप्ता और संचालन समिति सदस्य रंजना कुमारी उपस्थित थे। सभी ने कार्यशाला की सराहना की और युवाओं को नाटक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
