बिहार में बिजली व्यवस्था सख्त, निवेश से विकास को नई रफ्तार

पटना:
बिहार में आम जनता को राहत देने और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने बड़ा कदम उठाया है। बिजली उपभोक्ताओं को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने सख्त नियम लागू किए हैं, जिसके तहत लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नए आदेश के अनुसार, यदि किसी उपभोक्ता को निर्धारित समय सीमा के भीतर बिजली कनेक्शन नहीं मिलता है, तो संबंधित अधिकारी पर 1000 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा। यह निर्णय राज्य की बिजली व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
सरकार द्वारा तय नई समय-सीमा के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में बिजली कनेक्शन अधिकतम 3 दिनों के भीतर देना अनिवार्य होगा। वहीं, अन्य शहरी इलाकों में यह सीमा 7 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 15 दिन निर्धारित की गई है। इस फैसले से खासतौर पर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जहां अक्सर कनेक्शन मिलने में देरी होती रही है।
दूसरी ओर, राज्य के औद्योगिक विकास को लेकर भी सरकार ने बड़ी योजना सामने रखी है। बिहार के उद्योग मंत्री Dilip Kumar Jaiswal ने घोषणा की है कि आने वाले पांच वर्षों में राज्य में लगभग 50 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाने का लक्ष्य तय किया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना से करीब एक करोड़ लोगों को रोजगार मिलने की संभावना जताई गई है।
मंत्री ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 747 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर काम भी शुरू हो चुका है, जो राज्य के औद्योगिक माहौल में सुधार का संकेत है।
Dilip Kumar Jaiswal ने कहा कि Nitish Kumar के नेतृत्व में बिहार तेजी से विकास की ओर अग्रसर है। सरकार की स्पष्ट नीतियों, बेहतर कानून-व्यवस्था और निवेश के अनुकूल वातावरण के कारण अब निवेशकों का रुझान बिहार की ओर बढ़ रहा है।
कुल मिलाकर, जहां एक ओर बिजली सेवाओं में सुधार से जनता को राहत मिलेगी, वहीं बड़े निवेश से रोजगार और आर्थिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
