आसमान में छाए कुवासे व सर्द हवाओं के कारण घर में दुबक गए लोग
मौसम की चपेट में कई लोग बीमार होकर पहुंचे अस्पताल

अमन
मधेपुरा
सर्दी का सितम परवान चढ गया है.आसमान में बादल छा गए.और एक तरफ जहां मौसम का पारा लुढ़क लगा है. वहीं दूसरी तरफ पशुओं और मनुष्य के कारण ठिठुरन बढ़ गई है. मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो ठंड की कनकनी और बढ़ने वाली है, पिछले कई दिनों से कोहरे के कहर से ठंड में वृद्धि हुई है . शनिवार के सवेरे बादल छाए रहे और सर्दी का सितम बढ़ा दी है लोग अपने घर में दुबक गए हैं. वायुमंडल के निचले हिस्से में उत्तरी पश्चिमी हवा का लगातार तेजी से प्रभाव बने रहने से तापमान में गिरावट जारी रहेगी. वैसे गुरुवार का दिन सुबह में 7. 3 डिग्री सेल्सियस पहुंचा रहा जबकि अधिकतम तापमान इस सीजन में सबसे कम 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है.बीते कुछ दिनों से घना कोहरा के साथ ठंड ने अपना कहर बढ़ा दिया है. इसके कारण सुबह व शाम काफी ठंड रहती है. वही पूरे दिन भगवान भास्कर के दर्शन भी मुश्किल से होता है .दोपहर बाद ही कुछ देर के लिए सोच के दर्शन हो पाते हैं, लेकिन धूप में गर्मी महसूस नहीं हो पाती है. ठंड के कारण सुबह- सुबह कोहरा अधिक रहता है. इसके कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है. वहीं ठंड से बचाव के लिए लोगों ने अलाव का सहारा लेना शुरू कर दिया है. पूरे दिन लोगों को ठीक ढंग से सूरज के दर्शन नहीं हो पा रहा है. बुजुर्ग व बच्चे बूढ़े ठंड के वजह से परेशान हो रहे हैं .शाम से घने कोहरे से शुरू ठंड सुबह को अपने शबाब पर दिखती है. जनमानस प्रकृति के इस कोप का भाजन होता रहा. आलम यह रहता है कि अत्यधिक ठंड से लोग कपकपा रहे और कोहरा की अधिकता से सड़क व वाहनों की रफ्तार को ब्रेक लगा दिया. दिन चढ़े तक वाहन लाइट जला कर रेंगते रहे.ऐसे अभी मौसम का मिजाज कुल कुल हो चला है .हालांकि अगले अगले दिनों तक आसमान साफ एवं मौसम शुष्क रहेगा पर शरद पछुआ हवा चलने से ठंड व कंपनी और तेजी होगी इस दौरान औसतन दस से 12 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से पांचवा हवा के चलने का अनुमान है. जो शीतलहर का अहसास कराएगी.
इस मौसम में हल्की सी लापरवाही बढ़ सकती है परेशानी:
ठंड बढ़ने से वृद्ध को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है, सर्दियों के मौसम में आम तौर पर यह देखा गया है कि बढ़ रही ठंड के साथ बड़े बुजुर्गों में स्वास्थ संबंधी समस्याएं बढ़ने लगती है. बच्चे से लेकर व्यस्क तक बीमार होने लगते हैं. विशेष रूप वृद्ध लोगों में गले में दर्द, सर्दी ,जुकाम या सांस की समस्याओं से संबंधित रोगों में गले में दर्द ,सर्दी ,जुकाम या सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याओं से संबंधित रोगों के बढ़ने से उनके लिए मुश्किलें बढ़ जाती है .ठंड के दौरान बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर विशेष निगरानी रखनी चाहिए. आने वाले दिनों में मौसम इसी प्रकार का बने रहने की संभावना है .सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ अनुज कुमार ने बताया कि इस मौसम में हल्की सी लापरवाही परेशानी का सबब बन सकती है ऐसे में एहतिहात बरतने की अति आवश्यकता है .पूरे बदन का कपड़ा कभी भी ठंड को कमजोर ना समझे .
शीतलहर में बाहर टहलने से करें परहेज व बरते जरूरी ऐतियाहत:
सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ
अनुज कुमार ने बताया कि सर्दी के मौसम में शीतलहर के दौरान वृद्ध लोगो बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए ,बाहर जाना अति आवश्यक हो तो पूरे शरीर में गर्म कपड़े, पैरों में मौजा, सिर व कान ढके रखें ताकि ठंडी हवा से बचा जा सके.
घने कोहरे ने बढ़ा दी है परेशानी:
मुख्यालय व इर्द-गिर्द गांव में ठंडी तथा घने कोहरे होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. घरों से निकलने में काफी कठिनाई हो रही है. सूरज के बादलों के भीतर रहने से धूप का दर्शन तक ठीक से लोगों को नहीं हो पा रहा है. गर्म कपड़ों को पहनकर लोग घर से बाहर निकले. कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें भी नहीं खोली .बाजार में चहल-पहल कम देखी गई गांव बाजारों में लोगों ने अलाव जलाकर ठंड से बचने का प्रयास किया गया बाजार में गर्म कपड़ों की बिक्री में इजाफा देखने को मिल रहा है. बाजार में बच्चों के लिए गर्म कपड़े फुटपाथ पर भी बिक रहे थे. दुकानों से कंबल, साल ,चादर आदि की बिक्री हो रही है. युवक-युवतियों के द्वारा जैकेट ,जींस ,पैंट स्वेटर आदि की खरीद की जा रही है.
पूरे सूबे में अत्यधिक सर्द एवं पछिया हवा है तो ऐसे समय में गर्भवती महिलाएं रखें विशेष ख्याल
गर्भवती महिलाएं प्रोटीन युक्त एवं विटामिन सी का सेवन
हाई इम्यूनिटी वाले आहार का करें सेवन .विटामिन सी का सेवन जरूरी आमतौर पर सर्दी के मौसम में ठंड लगने की वजह से सर्दी खांसी जुकाम और बुखार आना एक आम बात होती है.चिकित्सक ने खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई है.अगर ऐसे में गर्भवती महिला को सर्दी से बचाना है तो इसके लिए सबसे जरूरी है. उसका इम्यून सिस्टम मजबूत किया जाए . जिसके लिए उसे समय – समय पर प्रोटीन और हाई इम्यूनिटी वाले आहार का सेवन करना चाहिए . जिससे मां और शिशु दोनों ही सर्दियों के मौसम में बिना किसी परेशानी के रहेंगे .हरी सब्जी , अंडा , प्रोटीन , सूप , चाय , कॉफी आदि का उपयोग करना बेहतर होता है. कड़ाके की ठंड जारी है.सुबह एवं शाम होते ही घने कोहरे के चादर में वातावरण लिपट जाता है .अधिकतम तापमान में चार से पांच डिग्री तक की कमी रहती है .जिसके कारण हार कंपकंपा देने वाली ठंड से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है.लोगों को अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखना होता है .खासकर गर्भवती महिलाएं को दोहरी मार का सामना करना पड़ रहा.गर्भवती महिलाओं को खुद के साथ बच्चे का भी ख्याल रखना होता है .सर्दी में यदि गर्भवती महिलाओं को स्वस्थ रहना है तो सबसे आवश्यक है कि वे अपनी जीवन शैली एवं डाइट पर ध्यान बहुत अधिक आवश्यकता पड़ने पर ही घर से बाहर हो तो ठंडक वहीं दूसरी सलाह गर्भवती महिलाएं प्रोटीन युक्त एवं विटामिन सी का करें .सेवन आमतौर पर सर्दियों के मौसम में आम लोगों की ही तरह ही प्रेग्नेंट महिला भी स्किन के ड्राई होने और स्किन से जुड़ी कई कई सारी समस्याओं से परेशान रखती हैं .ऐसे में स्कीन को नेचुरल म रखने के लिए विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए . जैसे संतरा , नींबू , आंवला का उपयोग करें. तथा रात को सोते समय दूध जरूर पिएं करें तथा 102 डिग्री बुखार आने पर पेरासिटामोल की टेबलेट ले सकती हैं . डॉ प्रीती ने बताया कि ठंड में भी पानी पिएं ,उन्होंने कहा कि ज्यादा इससे बचने के लिए अपने पैरों को अच्छी तरह से ढंक कर रखें , पैरों को निकले. सर्दी के मौसम में गर्भवती महिलाओं को फ्लू , जुकाम , बुखार आदि इफेक्शन का खतरा भी पानी पीने पर पेशाब ज्यादा आती है और अलावा आप फल और सब्जियों का पानी में भिगोकर कुछ देर बैठने से पल्स ऑक्सीमीटर से प्रत्येक छह घंटे पर खांसी , जूस भी पी सकती हैं . पैरों को रखें गर्म .ठंड में शरीर के अंदर ब्लड सरकुलेशन प्रभावित हो सकता है ता है. इसकी वजह से त्वचा की छोटी रक्त नलिकाओं में सूजन आ सकती है.इसके अलावा हाथ और पैरों पर खुजली , लाल चकत्ते , सूजन और दाने निकल सकते हैं , पैरों में दर्द से राहत मिलती है.गर्भवती महिलाएं बरतें सावधानी सिविल सर्जन डॉ मिथलेश ठाकुर ने बताया है कि सर्दी के मौसम में ऐसे में गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी की जरूरत है .शरीर में दर्द और एऐठन भी ज्यादा महसूस हो सकती है तो ऐसे में उन्हें चिकित्सकों का परामर्श लेना आवश्यक बन जाता है . साथ ही अपना बचाव करना होता है . सर्दी में लोग घर से निकल कर बार – बार बाथरूम जाने में आलस आ जाता है . इससे बचने के लिए लोग पानी ही कम पीने लगते हैं . हालांकि पानी हमारे लिए दवा का काम करता है प्रेगनेंसी में डिहाइड्रेशन की वजह से शिशु के लिए खतरा हो जाता है . इससे प्रीमेच्योर डिलीवरी भी हो सकती है और डिलीवरी के बाद ब्रेस्ट में दूध कम बन सकता है . इस मौसम में पर्याप्त पानी पिएं , पानी के रीडिंग करते रहें . ऑक्सीजन सैचुरेशन 94 फ़ीसदी से कम आए तथा बुखार कम ना हो तो चिकित्सक से परामर्श लें .खानपान में प्रोटीन , विटामिन सी , साग सब्जी तथा पानी अधिक पीएं .
कभी कभी जलता है जिला प्रशासन का अलाव:
ठंड की सितम लोगों को परेशान करने लगी है .लेकिन अभी तक सरकार द्वारा निर्धारित सरकारी अलाव की व्यवस्था नहीं की गयी है.बता दूँ की जिला प्रशासन व नगर परिषद द्वारा नहीं की गई है अलाव की व्यवस्था जबकि शहर के सभी सार्वजनिक जगहों पर अलाव की व्यवस्था होनी चाहिए खासकर जहां लोगो की भीड़ होती है स्टेशन चौक, बस स्टैंड, कर्पूरी चौक, पूर्णिया गोला, सुभाष चौक ,पानी टंकी चौक, कॉलेज चौक पर लोग अलाव जलाने की मांग करने लगे हैं.मौसम के मिजाज में आए बदलाव से एक बार फिर लोग दुबक गए हैं. ठंड बढ़ने के बाद कहीं भी अलाव नहीं जल रहे हैं लोग अपने अपने- अपने पैसे खर्च के अलावा चला रहे हैं.
किसानों के लिए बढ़ी परेशानी:
मौसम का मिजाज बदला तो ठंड ने भी तेवर बदल ली है. इस ठंड से आम आदमी तो परेशान ही हो रहा है, पर अचानक बढ़ी ठंड ने खेती के कामकाज भी खलल डाल दी है. खासतौर से तेलहनी फसलों पर लाही के खौफ का साया मंडराने लगा है. ठंड देखकर आलू और मक्का की किसान भी परेशान हो उठे हैं .यह अलग बात है कि जागरूक किसानों से बचाव की तैयारी तेज कर दी है .किसान मानते हैं कि रबी में गेहूं की खेती के लिए ऐसा मौसम सोना है. किसान कहते हैं कि ऐसे मौसम में गेहूं का ग्रोथ बढ़ता है. उसकी इस बढ़त से फलन अच्छा होता है. मगर यही मौसम मक्का का ग्रोथ रोक देता है, और आलू पालक को मार सकता है .किसान इस बात से ज्यादा चिंतित है. सरसो में पीले पीले फूल आ गए हैं. और ठंड के इस तेवर के कारण उन फूलों पर लाही का हमला हो सकता है. जिले में कनकनी पसरी हुई है. अभी यह ठंड लोगों के लिए आफत साबित हो रही है. दिन में धूप के बावजूद गलन भरी ठंड का एहसास हो रहा है.मौसम विशेषज्ञ की मानें तो आगामी कुछ दिनों तक सवेरे बारिश की संभावना बनी हुई है.जबकि इस बीच सुबह और शाम घना कोहरा के साथ ठंड लोगों को सताएगी. वैसे अभी चल रही बर्फीली हवा के कारण गलन भरी ठंड परेशानी का सबब बनी हुई है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस ठंड से अभी राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं.शनिवार को मौसम का अधिकतम तापमान 17.2 एवं न्यूनतम तापमान 8.9 डिसे रिकॉर्ड किया गया.वही बीते गुरुवार को भी मौसम में अधिक कुवासा छाया रहा.मौसम विशेषज्ञ की मानें तो अभी और ठंड का प्रकोप जारी रहने की संभावना है विशेषज्ञों ने बताया कि सुबह व शाम में मध्यम कोहरा छाया रहेगा. पर दिन में धूप भी खिलेगी. इस बीच छह से आठ किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से पछुआ हवा चलने का अनुमान है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान में बताया गया कि आने वाले दिन को ठंड बढ़ सकती है. क्योंकि इन दिनो बारिश के संकेत मिल रहे हैं. इधर घना कोहरा के साथ बुधवार की सुबह शुरू हुई सर्द हवाओं के कारण सुबह से ही लोग गलन भरी ठंड महसूस कर रहे थे., सुबह नौ बजे तक कोहरा का असर बना रहा. जिससे सड़कों पर दिन में भी लाइट जलाकर वाहनों का परिचालन करना पड़ा.दस बजे के बाद मौसम साफ हल्का साफ हुआ और भगवान भास्कर की दर्शन हुई मुश्किल. इसमें हल्की गर्मी थी जिससे लोग धूप सेकने के लिए घर से बाहर निकल आए तीन बजे के बाद धीरे-धीरे धूप की गर्मी जाती रही और सर्द पछुआ हवा का जोर चलने लगा शाम होते-होते आसमान में फिर धुंध छा गया. और लोग अपने-अपने घर में दुबकने लगे.
