हिना परवीन हत्याकांड का पुलिस ने किया बड़ा खुलासा, एसआईटी की तकनीकी जांच से तीन आरोपी गिरफ्तार, एक और की तलाश जारी - The Ujala Times News
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हिना परवीन हत्याकांड का पुलिस ने किया बड़ा खुलासा, एसआईटी की तकनीकी जांच से तीन आरोपी गिरफ्तार, एक और की तलाश जारी

मुरलीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत भैरवपट्टी गांव में भुसखार से महिला का शव मिलने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। विशेष जांच दल (SIT) की सघन तकनीकी जांच के बाद इस नृशंस वारदात में शामिल तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य की भूमिका को लेकर जांच और छापेमारी जारी है। मंगलवार को मधेपुरा में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक प्रवेंद्र भारती ने पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी।एएसपी प्रवेंद्र भारती ने बताया कि यह घटना 06 जनवरी की है, जब मुरलीगंज थाना अंतर्गत भैरवपट्टी वार्ड संख्या-14 स्थित मंगल पासवान के भुसखार से एक महिला का शव बरामद किया गया था। बाद में शव की पहचान हिना परवीन (उम्र करीब 32 वर्ष), पति–स्वर्गीय मो० अजाबुल उर्फ बबलू, निवासी भैरवपट्टी के रूप में हुई। शव मिलने की खबर से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल, मधेपुरा में पोस्टमार्टम कराया और अनुसंधान प्रारंभ किया।मृतका के पिता मो० आलम के लिखित आवेदन के आधार पर मुरलीगंज थाना कांड संख्या–09/26 दर्ज की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, मधेपुरा के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक-सह-अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। SIT ने तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और फॉरेंसिक इनपुट के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।प्रेस वार्ता में एएसपी प्रवेंद्र भारती ने बताया कि अनुसंधान के क्रम में कांड के मुख्य अभियुक्त चंदन कुमार और कुदन कुमार, दोनों निवासी जीतापुर रामसिंह टोला, थाना-मुरलीगंज को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर तीसरे अभियुक्त मो० कय्यूमुद्दीन उर्फ कय्यूम, निवासी भैरवपट्टी की संलिप्तता सामने आई, जिसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार एक अन्य अभियुक्त की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी चल रही है।एएसपी ने बताया कि पुलिस को कई ठोस और मजबूत साक्ष्य हाथ लगे हैं, जिसके आधार पर इस मामले में स्पीडी ट्रायल की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि महिला के घर पर कई लोगों का आना-जाना था, जिससे आपसी वर्चस्व और विवाद के कारण घटना को अंजाम दिए जाने की आशंका है।उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला के साथ दुष्कर्म हुआ है या नहीं, इसका खुलासा एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर गहन जांच कर रही है और जल्द ही पूरे मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को भी उजागर करने का दावा कर रही है।हत्या के कारण अब भी जांच के दायरे में बरकरारहालांकि पुलिस ने अब तक हत्या के स्पष्ट कारण का आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं किया है, लेकिन प्रारंभिक जांच और आसपास के तथ्यों के आधार पर प्रेम-प्रसंग, आपसी रंजिश अथवा किसी अन्य व्यक्तिगत विवाद को लेकर हत्या की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार मृतका और आरोपियों के बीच पूर्व परिचय या संपर्क की भी जांच की जा रही है। कॉल डिटेल, मोबाइल चैट और घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू को खंगाला जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हत्या किसी भावनात्मक टकराव का परिणाम थी या इसके पीछे कोई अन्य गहरी साजिश छिपी है। पुलिस का कहना है कि अनुसंधान जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के वास्तविक कारण का आधिकारिक खुलासा किया जाएगा।चाकू, मोबाइल और फॉरेंसिक साक्ष्य बने मजबूत कड़ीएएसपी ने बताया कि घटनास्थल से हत्या में प्रयुक्त एक चाकू बरामद किया गया है। इसके अलावा अभियुक्त चंदन कुमार के पास से एक स्काई रंग का की पैड मोबाइल (सिम नंबर–8271203423) तथा अभियुक्त मो० कय्यूमुद्दीन उर्फ कय्यूम के पास से एक काले रंग का स्मार्ट मोबाइल (सिम नंबर–8294536442) बरामद किया गया है। इन सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच की जा रही है।घटनास्थल का (एफ.एस.एल.) टीम द्वारा निरीक्षण किया गया, जहां से रक्त से संबंधित नमूने जब्त कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला, भागलपुर भेजे गए हैं। पुलिस को उम्मीद है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट से मामले में निर्णायक साक्ष्य प्राप्त होंगे।इस पूरे मामले के सफल उद्भेदन में छापेमारी दल की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसमें पुलिस उपाधीक्षक (परीक्ष्यमान) नुरुल हक, पु०नि०-सह-थानाध्यक्ष अजीत कुमार (मुरलीगंज), पु०नि० मो० अकमल हुसैन (प्रभारी ERSS कोशी), पु०नि० मो० हारून (तकनीकी शाखा प्रभारी), पु०अनि० शिवबालक वर्मा, पु०अनि० इमरान आरा, पु०अनि० मुन्ना पाण्डेय, पु०अनि० प्रमोद कुमार, पु०अनि० अजय कुमार (भर्राही थाना), पु०अनि० शिवानी कुमारी, पी०टी०सी० राजीव कुमार (तकनीकी शाखा) सहित सशस्त्र बल शामिल थे।एएसपी प्रवेंद्र भारती ने प्रेस वार्ता में कहा कि पुलिस इस मामले में हर कड़ी को जोड़ते हुए निष्पक्ष और ठोस अनुसंधान कर रही है। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।हिना परवीन हत्याकांड के खुलासे के बाद इलाके में फैले भय और भ्रम की स्थिति में कमी आई है। वहीं पुलिस की सक्रियता और पारदर्शी कार्रवाई से आम जनता में कानून-व्यवस्था को लेकर भरोसा भी मजबूत हुआ है।

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