सदर अस्पताल में बढ़ रहे डायरिया के मरीज, एक ही गावं के चार से पांच मरीज हैं भर्ती

प्रतिनिधि
मधेपुरा
इन दिनों मौसम में बदलाव, जलजमाव व गंदगी के कारण जिले में डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है. प्रतिदिन तीन से चार डायरिया के मरीज सदर अस्पताल पहुंच रहे हैं. सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डायरिया से पीड़ित तीन बच्चें एवं एक युवक इलाजरत अवस्था में भर्ती थे. जिसमें विक्की 12 वर्ष,लव कुमार चार वर्ष, रवि कुमार दो वर्ष एवं सुरेन्द्र कुमार 24 वर्ष के है. सभी डायरिया मरीज माणिकपुर के निवासी थे. मरीज के परिजन सनोज बताते है कि गांव में पिछले लगभग 25 दिनाें से उल्टी एवं दस्त की समस्या लगातार बढ़ रही है.उन्होंने बताया कि बीतें दिनों गांव में कई बच्चें बीमार हो चुके हैं.खास कर यह बच्चों में देखा जा रहा है.डायरिया बच्चों के साथ साथ युवकों में भी देखे जा रहें है. सदर अस्पताल के इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर राकेश कुमार ने बताया कि इन दिनों सर्दी, खांसी, बुखार के साथ उल्टी एवं दस्त के अधिक मरीज आ रहे है. डायरिया होने पर शरीर में पानी की कमी हो जाती है. बरसात का जमा पानी के बीच चिलचिलाती धूप व उमस भरी गर्मी के कारण डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ गई है. डॉक्टरों की मानें तो बारिश के बाद तेज धूप निकलने से वातावरण में उमस हो जाती है.इससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है. साफ-सफाई का ध्यान रखकर डायरिया से बचाव किया जा सकता है. डायरिया दूषित पेय एवं खाद्य पदार्थ के कारण होता है. यह बैक्टीरिया और वायरल दोनों होता है. यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी फैलता है.डायरिया के दौरान बैक्टीरिया एवं वायरस आंत में चिपक कर एलर्जी पैदा करता है. इस स्थिति में ज्यादा मात्रा में शरीर से पानी बाहर निकलने लगता है. शरीर में पानी की कमी होने लगती है.
