बदलते मौसम के मिजाज से अस्पताल के ओपीडी में बढ़ने लगी है भीड़ ,


अब लुढ़कने लगा पारा
प्रतिनिधि
मधेपुरा
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मधेपुरा
मौसम की गरमाहट से पिछले कुछ दिनों तक राहत की गुंजाइश नही है . इस दौरान मौसम का पारा भी कड़े तेवर में रहेगा पर एक सप्ताह के बाद से थोड़ी राहत मिलनी शुरू होगी .आगामी जून के एक दो सप्ताह से ही राहत के आसार नजर आने लगेंगे . बारिश होने पर कुछ राहत की गुंजाइश बन सकती है . मौसम विशेषज्ञों की मानें इस बीच दिन में मौसम का अधिकतम तापमान 28 से 34 डिग्री तक जा सकता है .जबकि रात के समय भी अधिकतम तापमान में गिरावट हो सकती है . मौसम विशेषज्ञों की मानें तो अगले चार दिनों में आसमान साफ और मौसम के शुष्क रहने का अनुमान है . इस अवधि में अधिकतम तापमान 25 से 36 डिग्री रहने की संभावना है , न्यूनतम तापमान भी 19 से 23 डिग्री के बीच रह सकता है . विशेषज्ञों के मुताबिक इस दौरान 10 से 12 किमी .प्रति घंटा की रफ्तार से पछुआ हवा चलने की संभावना है इधर सोमवार को अधिकतम तापमान 37.0 एवं न्यूनतम तापमान 19.0 डिसे रिकार्ड किया गया . इससे पहले रविवार को अधिकतम तापमान 37.2 एवं न्यूनतम तापमान 20.8 डिसे .रिकार्ड किया गया था . बीते सोमवार को अधिकतम तापमान 37.2 डिसे एवं न्यूनतम तापमान 22 डिसे दर्ज किया गया था .दरअसल इस साल मार्च महीने की शुरुआत से ही मौसम का पारा परवान चढ़ने लगा था. इसका असर यह रहा कि पिछले एक सप्ताह में 35 से 37 डिसे के बीच तापमान रिकार्ड किया जा रहा था .वही जून से तापमान में गिरावट की अनुमान लगाया जा सकता है. समय से पहले बढ़ी इतनी गर्मी से हर कोई परेशान है . बता दूँ की मार्च महीने में ही मई – जून जैसी स्थिति बनी हुई थी , दोपहर इतना ज्यादा गर्म हो जा रहा था कि इसका असर सड़कों पर नजर आने लगा था . दोपहर होते – होते सड़कें खाली हो जाती थी .वही अभी भी इसी तरह की गर्मी कायम है.इसी तरह शहर के बाजारों में भी दोपहर में सन्नाटा का आलम बना रहा है . मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अभी गर्म हवाओं के कारण पारा बढ़ गया है जिससे तापमान भी बढ़ रहा है .

मौसम विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले दिनों में धूप गर्मी का और ज्यादा असर हो सकता है , इधर , गर्मी बढ़ने के कारण सदर पीते रहना चाहिए . बाहर निकलने के पहले पानी अवश्य पीये . उन्होंने बताया अस्पताल के ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी है , खास तौर पर बच्चे कपड़े से पोछते रहें , साथ ही तापमान को भी नापते रहना चाहिए . बीमार होने लगे हैं . इस समय अधिकतर मरीज उल्टी , दर्द , बुखार , बच्चों को दलिया या खिचड़ी भी खूब खिलाएं बदन दर्द एवं एलर्जी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं .
भीषण गर्मी को लेकर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड़ पर: सिविल सर्जन
सिविल सर्जन अमरेन्द्र नारायण साही छोटे बच्चों की सेहत पर खास सावधानी बरतना जरूरी सिर पर तौलिया डाल कर निकलें, बच्चों को धूप में लेकर न जाएं, बच्चों को सूती कपड़े पहनाएं , बदन ठंडे पानी से पोछते रहें , बच्चों का तापमान नापते रहें .
बढ़ती धूप और गर्मी को देख :
स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह सतर्क है . चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अनुज बताया कि गर्मी में छोटे बच्चों पर ध्यान देने की अधिक आवश्यकता होती है . ऐसे मौसम में सावधानी बरतने और मासूमों के खान – पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए .बढ़ती गर्मी में बच्चों की सेहत पर पूरी तरह से नजर रखें ताकि बच्चे स्वस्थ रह सकें .धूप में बच्चों को बाहर नहीं निकाले बच्चों के शरीर को सूती कपड़ों से पूरी तरह से ढंक कर रखें . बढ़ती गर्मी में स्वास्थ्य पर पैनी नजर रखना बहुत ही जरूरी है . उन्होंने कहा इस मौसम में खानपान पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है . हरी सब्जी तरल पदार्थ लोग ज्यादा लें . शिशु को माताएं स्तनपान कराती रहे . बच्चों को हर एक घंटे में दो बार दूध पिलाएं . ज्यादा गर्मी होने पर बच्चों के शरीर को ताजे पानी से पोछते रहें . उन्होंने बताया कि जो बच्चे छह महीने से अधिक के है उन्हें तरल पेय , खिचड़ी खिलाने के साथ नमकीन छाछ और दही पिलाएं . उन्होंने बताया कि जब बच्चों का वजन कम होता है , उस वक्त गर्मी के कारण उनके शरीर का तापमान बढ़ जाता है . जिससे ऐसा लगता है कि बच्चे को बुखार है . बुखार आने पर बच्चा खाना औरपीना छोड़ देता है .इसलिए यह कोशिश करें कि शिशुओं को लू में लेकर नहीं निकले . अगर कहीं बाहर जा रहे हैं तो कुछ – कुछ समय पर बच्चे को पानी पिलाते रहे . बच्चे के शरीर को गीले कपड़े से पोछते रहें , साथ ही तापमान को भी नापते रहना चाहिए .सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ अनुज बच्चों को ताजे और मौसमी फल खिलाए.खट्टे फलों का जूस भी पिलाएं ,छह माह तक के बच्चे को मां का दूध पिलाएं में निकलने से पहले लोग खूब पानी पीयें पानी की कमी शरीर में हरगिज नहीं होने दें . ओआरएस का घोल पीये ताकि लू लगने से बचा जा सके . लू से बचने के लिए लोगों को समय – समय पर पानी पीते रहना चाहिए . बाहर निकलने के पहले पानी अवश्य पीये .उन्होंने बताया लू लगने से बचाने के लिए छाछ और दही दें बच्चों को दलिया या खिचड़ी भी खूब खिलाएं.
