जामे मस्जिद छोटी खगौल में रुहानी खत्म-ए-तरावीह, सम्मान समारोह और नई कमेटी का चयन।जनाब शुएब कुरैशी साहब - The Ujala Times News
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जामे मस्जिद छोटी खगौल में रुहानी खत्म-ए-तरावीह, सम्मान समारोह और नई कमेटी का चयन।जनाब शुएब कुरैशी साहब

खगौल के रमजान के पाक महीना में बरकतों से भरे माह-ए-रमज़ान की चौथी शब-ए-क़द्र, यानी सत्ताईसवीं रात के रुहानी, नूरानी और ईमान अफ़रोज़ मौके पर जामे मस्जिद छोटी खगोल, पटना में तरावीह की नमाज़ के दौरान,क़ुरआन-ए-करीम का बेहद शानदार और दिल को छू लेने वाला ख़त्म मुकम्मल हुआ। इस मुबारक सआदत से मस्जिद के इमाम व ख़तीब, मोहतरम हज़रत हाफ़िज़ व क़ारी मंजर वारसी साहब सरफ़राज़ हुए, जिन्होंने पूरे माह-ए-रमज़ान में बेहद ख़ुशू व ख़ुज़ू, तजवीद व तरतील के साथ,क़ुरआन-ए-करीम की तिलावत फरमाकर सामेईन के दिलों को रोशन कर दिया।इस बरकत भरी और नूरानी महफ़िल में मोहल्ले के लोग, इलाके के गणमान्य व्यक्ति,नौजवानान-ए-मिल्लत और मस्जिद कमेटी के ज़िम्मेदारान की बड़ी तादाद ने शिरकत की, जिससे मस्जिद का माहौल रूहानियत, मोहब्बत और दीनदाराना जज़्बे से सराबोर नज़र आया। खास तौर पर मस्जिद कमेटी के नव-निर्वाचित अध्यक्ष जनाब मोहम्मद फैज़ान अशरफ़ी, उपाध्यक्ष जनाब मोहम्मद शकील अंसारी, सचिव जनाब शुएब कुरैशी, कोषाध्यक्ष जनाब सज्जाद आलम उर्फ़ गुड्डू और जनाब मोहम्मद शम्सुद्दीन उर्फ़ पिंटू की मौजूदगी क़ाबिले-ज़िक्र रही, जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।इस मौके पर मस्जिद के इमाम साहब, मुअज़्ज़िन साहब और ख़ादिम-ए-मस्जिद जनाब महबूब साहब की ख़िदमात के एतिराफ़ में उन्हें बेहद अदब व एहतराम के साथ,नज़राना-ए-शुक्रिया पेश किया गया। उन्हें पारंपरिक जोड़े (कुर्ता-पायजामा के कपड़े) और खुशबूदार इत्र भेंट किए गए, जबकि मौजूद लोगों ने पूरे जोश व ख़ुलूस के साथ उनकी इज़्ज़त अफ़ज़ाई की।महफ़िल के इख़्तिताम पर आलिम-ए-दीन हज़रत मौलाना सैयद ओवैस अहमद फ़िरदौसी मनेरी साहब ने बेहद असरदार और दिल को पिघला देने वाली दुआ कराई, जिसमें पूरी उम्मत-ए-मुस्लिम, मोहल्ले के लोगों और मस्जिद की तरक़्क़ी व खुशहाली के लिए खास दुआएं की गईं। दुआ के वक्त पूरा मजमा ख़ुशू व ख़ुज़ू के साथ अल्लाह की बारगाह में झुका हुआ नज़र आया।इस बरकत भरे इज्तिमा में जिन खास अफ़राद की शिरकत रही, उनमें मोहम्मद सुल्तान विक्की, मोहम्मद शादाब, मोहम्मद जुम्मन, मोहम्मद सद्दाम हुसैन, मोहम्मद इमरान, मोहम्मद राजा, मोहम्मद शादाब उर्फ़ गुड्डू, मोहम्मद शहनवाज़ उर्फ़ रिंकू, मोहम्मद शहबाज़ उर्फ़ गोल्डन, मोहम्मद बादल, मोहम्मद यहया, अदनान सिद्दीकी, मोहम्मद अम्मू, मोहम्मद नसीम, मोहम्मद आफ़ताब, मोहम्मद शहज़ादा, फ़िरोज़ कुरैशी, मोहम्मद सुल्तान आई टीआई,मुश्ताक़ कुरैशी और नूर आलम कुरैशी के नाम क़ाबिले-ज़िक्र हैं।इसी मौके पर तमाम लोगों की मौजूदगी में आपसी मशवरे और इत्तेफ़ाक़-ए-राय से मस्जिद कमेटी के नए अध्यक्ष के तौर पर जनाब मोहम्मद फैज़ान अशरफ़ी और उपाध्यक्ष के तौर पर जनाब मोहम्मद शकील अंसारी का चुनाव किया गया। मौजूद लोगों ने इस फैसले का इस्तक़बाल किया और उम्मीद जताई कि नई क़ियादत मस्जिद की तरक़्क़ी, दीनी सरगर्मियों और समाजी ख़िदमात को और बेहतर तरीके से आगे बढ़ाएगी।आख़िर में यह अहम एलान भी किया गया कि ईद-उल-फ़ित्र की नमाज़, चाँद नज़र आने के बाद, ईदगाह खगोल में शाम 7 बजकर 50 मिनट पर अदा की जाएगी, जिसकी इमामत मौलाना सैयद ओवैस अहमद फ़िरदौसी करेंगे। तमाम मुसलमानों से अपील की गई कि वह वक्त की पाबंदी के साथ ईदगाह पहुंचकर इस अज़ीम इबादत में शामिल हों।यह रूहानी, दीनी और समाजी इज्तिमा न सिर्फ़ ख़त्म-ए-क़ुरआन की सआदत का मज़हर था, बल्कि आपसी इत्तेहाद, मोहब्बत, भाईचारा और दीनी जज़्बे का एक बेहतरीन नमूना भी पेश करता है।अल्लाह तआला हम सबकी इबादतों को क़ुबूल फरमाए और हमारी मस्जिदों को हमेशा आबाद और रोशन रखे।आमीन।

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