#Madhepura मधेपुरा में दीवारों पर भगवान की तस्वीरें: गंदगी रोकने का प्रयास बना आस्था विवाद
शहर के सौंदर्यीकरण के नाम पर मधेपुरा नगर परिषद द्वारा शुरू की गई दीवारों पर कलात्मक पेंटिंग अब बड़े विवाद का रूप ले चुकी है। खासकर सार्वजनिक स्थानों और सरकारी भवनों की दीवारों पर हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें बनाए जाने से मामला बेहद संवेदनशील हो गया है। लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
लोगों का विरोध
स्थानीय लोगों का कहना है कि सनातन धर्म में देवी-देवताओं का स्थान मंदिरों और पूजा स्थलों में होता है, न कि उन जगहों पर जहां लोग गंदगी फैलाते हैं। लोगों ने इसे सीधे-सीधे धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ बताया है। उनका आरोप है कि इस तरह की पेंटिंग से न सिर्फ भावनाएं आहत हो रही हैं, बल्कि यह आस्था का अपमान भी है। कई सामाजिक और धार्मिक लोगों ने इस पर तुरंत रोक लगाने की मांग करते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील की है।
पेंटर का बयान
मौके पर काम कर रहे पेंटर के अनुसार, नगर परिषद के निर्देश पर खास तौर पर उन दीवारों पर देवी-देवताओं की तस्वीरें बनाई जा रही हैं, जहां लोग अक्सर पेशाब करते हैं, ताकि इस पर रोक लगाई जा सके। इस खुलासे के बाद लोगों का गुस्सा और भड़क गया है।

नगर परिषद का पक्ष
नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी तान्या कुमारी ने भी इस बात की पुष्टि की है कि स्वच्छता बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। हालांकि, इस तर्क को बड़ी संख्या में लोग खारिज कर रहे हैं और इसे धार्मिक प्रतीकों के गलत उपयोग के रूप में देख रहे हैं।
प्रशासन के समक्ष चुनौती
अब यह मामला सिर्फ सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि धार्मिक भावनाओं, सम्मान और मर्यादा से जुड़ गया है। ऐसे में प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है कि वह स्वच्छता और धार्मिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन कैसे बनाए।

